देशभर में दिवाली की धूम, रोशनी से सजे ऐतिहासिक स्थल और बॉर्डर पर तैनात जवानों ने मनाया जश्नबेकार गद्दों और तकियों के कवर्स से सजाएं अपनी बालकनी, बिना ज्यादा पैसे खर्च किए ऐसे तैयार करें हैंगिंग गार्डनमेघालय में यूथ डेवलपमेंट के लिए राज्यपाल ने किया सालाना आर्थिक मदद का ऐलानकोंकण का पारंपरिक नाश्ता घावन, बिना झंझट घर पर बनाएं यह नरम और जालीदार व्यंजनअमिताभ बच्चन ने दी फैंस को दिवाली की शुभकामनाएं, हाथ की तकलीफ के चलते नहीं दे पाए संदेशों के जवाबदीपावली पर घर के आंगन को सजाएं, मोर और हाथी समेत ये छह खास रंगोली डिजाइनदीपावली पर दिल्ली-एनसीआर की हवा हुई जहरीली, नॉर्थ कैंपस में एक्यूआई 446 तो गाजियाबाद में 763 के पारएनवीडिया के नेमोट्रॉन सिस्टम से लैस हुआ बॉक्स, एआई एजेंट्स के लिए सर्च तकनीक होगी तेजआयुष्मान खुराना को मिली लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी, अनिल पंडित बनकर फोन करने वाले का ऑडियो हुआ वायरलसेनेगल के तट पर बड़ा हादसा, प्रवासियों की नाव पलटने से 21 लोगों की मौत और सिर्फ एक बचा
असम में बिजनेस रिफॉर्म्स के लिए दिसंबर की डेडलाइन तय, जनवरी 2027 तक ई-ऑफिस लागू करने का लक्ष्यअसम
8 नव॰ 2026, 9:59 pm (15 मिनट पहले)· 0

असम में बिजनेस रिफॉर्म्स के लिए दिसंबर की डेडलाइन तय, जनवरी 2027 तक ई-ऑफिस लागू करने का लक्ष्य

असम सरकार ने 31 दिसंबर 2026 तक सभी पेंडिंग बिजनेस सुधार पूरे करने और 1 जनवरी 2027 तक सभी सरकारी दफ्तरों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने का लक्ष्य रखा है।

असम सरकार ने प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाने और शासन से जुड़े सुधारों को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत 31 दिसंबर 2026 को लंबित व्यावसायिक सुधारों को पूरा करने की अंतिम समय सीमा तय की गई है। इसके साथ ही 1 जनवरी 2027 तक राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली के दायरे में लाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन तमाम बिंदुओं पर राज्य सरकार के वरिष्ठतम सचिवों की 21वीं मासिक समीक्षा बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।

काजीरंगा कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई उच्चस्तरीय बैठक

यह अहम समीक्षा बैठक काजीरंगा कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने की। इस उच्चस्तरीय मंथन का मुख्य केंद्र बिंदु लालफीताशाही को कम करना और कारोबार को आसान बनाना यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस था। अधिकारियों के साथ डिरेगुलेशन 2.0, स्टेट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान और डिस्ट्रिक्ट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाएं और तय समय सीमा के भीतर अपने सभी पेंडिंग सुधार कार्य पूरे करें।

ये भी पढ़ें

वित्तीय प्रबंधन और विकास से जुड़े अन्य अहम मुद्दे

बैठक के दौरान वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसमें विकसित असम प्रस्ताव, ग्रीन सेस का कार्यान्वयन, सकल राज्य मूल्य वर्धित गणना के लिए सोसाइटियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा वार्षिक खातों को जमा करना, और सिंगल नोडल एजेंसी स्पर्श प्रणाली के तहत हो रही प्रगति शामिल रही। संबंधित विभागों से कहा गया कि वे वित्तीय जवाबदेही में सुधार लाएं और सार्वजनिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। विकास प्राथमिकताओं के तहत आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों, सतत विकास लक्ष्य संकेतकों और अन्य उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

फाइलों की पेंडेंसी और प्रशासनिक सुधार

प्रशासनिक सुधारों की दिशा में सह-जिला आयुक्तों को शक्तियों के प्रत्यायोजन, सेवा सेतु, ई-ऑफिस और प्रोजेक्ट सद्भावना की समीक्षा की गई। हालांकि ई-ऑफिस की पेंडेंसी में 7 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद 3,04,288 फाइलें अभी भी लंबित पड़ी हैं। सरकार ने इसके साथ ही मिशन सद्भावना 3.0 की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया। इसके अलावा छठी अनुसूची के तहत आने वाली स्वायत्त परिषदों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी प्रमुखता से चर्चा की गई।

योजनाओं की मॉनिटरिंग और मुख्यमंत्री के निर्देश

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि परिषदों और संबंधित विभागों के बीच योजना-विशिष्ट समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने चाहिए। साथ ही नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और उचित निगरानी तथा फंड के सही इस्तेमाल के लिए हर महीने समीक्षा बैठकें आयोजित करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि समीक्षा बैठकों में लिए गए फैसलों का असर जमीनी स्तर पर शासन प्रणाली में दिखना चाहिए। उन्होंने बेहतर शासन और समावेशी विकास को असम के विकास एजेंडे के केंद्र में रखते हुए समन्वित प्रयासों, स्पष्ट जवाबदेही और समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का आह्वान किया है।

सवाल-जवाब

असम सरकार ने बिजनेस सुधार पूरे करने की क्या डेडलाइन तय की है?
सरकार ने 31 दिसंबर 2026 तक सभी पेंडिंग बिजनेस सुधार पूरे करने की समय सीमा तय की है।
सभी सरकारी दफ्तरों में ई-ऑफिस कब तक लागू हो जाएगा?
राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों को 1 जनवरी 2027 तक ई-ऑफिस प्रणाली के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह समीक्षा बैठक किसकी अध्यक्षता में हुई थी?
यह बैठक मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में काजीरंगा कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई थी।
वर्तमान में कितनी फाइलें लंबित हैं?
ई-ऑफिस की पेंडेंसी में 7 प्रतिशत की गिरावट आने के बावजूद अभी भी 3,04,288 फाइलें लंबित हैं।
बैठक में कौन सा नया मिशन चर्चा में रहा?
बैठक के दौरान मिशन सद्भावना 3.0 की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp