मानसून का मौसम भीषण गर्मी से तो राहत लाता है, लेकिन यह अपने साथ कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम भी लेकर आता है। इस समय नमी और तापमान में होने वाले बदलाव बैक्टीरिया, वायरस और फंगस जैसे सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए एकदम सही माहौल तैयार करते हैं। इन अनुकूल परिस्थितियों के कारण घर में बना खाना सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से खराब होने लगता है। बहुत से लोग इस मौसम में एक बड़ी चूक करते हैं। वे खाना बनाने के बाद उसे किचन काउंटर पर ही घंटों खुला छोड़ देते हैं और यह मान लेते हैं कि अगर भोजन का स्वाद, रंग या खुशबू में कोई बदलाव नहीं आया है, तो वह खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
डॉक्टर की सलाह और जोखिम
फरीदाबाद के सेक्टर 88 स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. संतोष कुमार अग्रवाल इस विषय पर चेतावनी देते हैं। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में भोजन को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ना फूड-बॉर्न इन्फेक्शन यानी दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक बढ़ा देता है। भले ही भोजन दिखने में ठीक लगे, लेकिन यह ई. कोलाई, साल्मोनेला और स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे खतरनाक बैक्टीरिया के विकास का केंद्र बन सकता है। इन बैक्टीरिया के पनपने से पेट संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं, इसलिए रेफ्रिजरेशन का सही इस्तेमाल करना बेहद आवश्यक है।
क्या है 6 Hour Rule और उसका महत्व
भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक्सपर्ट '6 Hour Rule' का पालन करने की सलाह देते हैं। इस नियम का सार यह है कि पका हुआ भोजन किसी भी स्थिति में 6 घंटे से अधिक समय तक बाहर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। हालांकि, आदर्श स्थिति यह है कि खाना पकाने के अधिकतम 2 घंटे के भीतर ही उसे रेफ्रिजरेटर में रख दिया जाए। जितनी जल्दी खाना फ्रिज में जाएगा, बैक्टीरिया के पनपने की संभावना उतनी ही कम होगी और भोजन लंबे समय तक ताजा बना रहेगा। यदि आपको संदेह हो कि खाना कितनी देर तक बाहर रखा रहा है, तो अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए उसे फेंक देना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
मानसून में जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री
कुछ खाद्य पदार्थ मानसून के दौरान अधिक संवेदनशील होते हैं। चावल, दाल, दूध से बने उत्पाद, अंडे, मांस और मछली ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो बहुत जल्दी खराब होते हैं। इसके अलावा, कटे हुए फलों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि ये भी नमी के संपर्क में आकर जल्दी दूषित हो जाते हैं। इन चीजों को खुले में रखने के बजाय सावधानीपूर्वक स्टोर करना ही बुद्धिमानी है।
भोजन को स्टोर और गर्म करने के टिप्स
भोजन को स्टोर करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पका हुआ खाना पहले कमरे के तापमान पर थोड़ा ठंडा होने दें और फिर उसे साफ तथा एयरटाइट कंटेनरों में भरकर रेफ्रिजरेटर में रखें। बार-बार भोजन को गर्म करने की आदत से बचें, क्योंकि बार-बार ठंडा करने और दोबारा गर्म करने की प्रक्रिया बैक्टीरिया को पनपने के लिए प्रोत्साहित करती है। जब भी आप बचे हुए खाने को उपयोग में लाएं, तो उसे इतनी अच्छी तरह गर्म करें कि उससे भाप निकलने लगे।
किचन की स्वच्छता और सुरक्षा
भोजन की सुरक्षा केवल उसके स्टोरेज तक ही सीमित नहीं है। किचन की सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता भी संक्रमण से बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खाना पकाने और खाने से पहले हमेशा अपने हाथों को अच्छी तरह धोएं। चॉपिंग बोर्ड और खाना बनाने के बर्तनों की सफाई हर इस्तेमाल के बाद अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। क्रॉस-कंटामिनेशन यानी संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कच्चे खाद्य पदार्थों और पके हुए भोजन को हमेशा अलग-अलग रखना चाहिए।











