नई दिल्ली घोषणापत्र वैश्विक व्यवस्था के लिए भारत के व्यावहारिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, असम के मुख्यमंत्री ने की तारीफदिल्ली ब्रिक्स सम्मेलन में व्लादिमीर पुतिन और अजीत डोभाल की संक्षिप्त मुलाकात क्यों बनी गहरी कूटनीति की मिसालईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के सामने झुकने वाले आध्यात्मिक गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज के बारे में सब कुछगणेश चतुर्थी पर बनाएं हल्दी के पत्तों वाली खास पातोली, बिना सांचे के मिलेगा अद्भुत मोदक स्वादनई दिल्ली में ब्रिक्स रात्रिभोज के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गाया किशोर कुमार का क्लासिक गीतवर्ष 2027 में शनि का बड़ा गोचर: 3 जून को मेष में प्रवेश के बाद वक्री होकर मीन में लौटेंगे, 4 राशियों पर दिखेगा साढ़ेसाती का प्रभावगर्भावस्था की योजना बना रही महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है थायरॉइड जांच? डॉ. मीना सामंत से समझें लक्षण और सावधानियांसोशल मीडिया पर छाए 80 के दशक के ट्रेंड ने ताजा की पुराने फोटो स्टूडियो और रील कैमरों की यादें, देहरादून के लोगों ने साझा किए अपने अनुभवबिना मिक्सी और बिना गैस पर घंटों खड़े रहे तैयार करें राजस्थान की डुमरी तड़का चटनी, साधारण भोजन में भी भर देगी नया स्वादबेटे युग के 16वें जन्मदिन पर भावुक हुईं अभिनेत्री काजोल, सोशल मीडिया पर लिखा बेहद खास संदेश
डेंगू मरीज को भूलकर भी न पिलाएं बकरी का दूध, डाइटिशियन डॉ. ज्योति सिंह से जानें प्लेटलेट्स बढ़ाने का सही तरीकास्वास्थ्य
13 सित॰ 2026, 2:25 pm (47 मिनट पहले)· 0

डेंगू मरीज को भूलकर भी न पिलाएं बकरी का दूध, डाइटिशियन डॉ. ज्योति सिंह से जानें प्लेटलेट्स बढ़ाने का सही तरीका

डेंगू होने पर बकरी का दूध पिलाना मरीज के लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। मिर्जापुर अस्पताल की डाइटिशियन डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि किन सुपाच्य चीजों और तरल पदार्थों के सेवन से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ते हैं।

डेंगू संक्रमण के दौरान शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स का स्तर तेजी से गिरना एक प्रमुख चिंता का विषय होता है, लेकिन ऐसे समय में मरीज की डाइट को लेकर की गई एक छोटी सी लापरवाही उसकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। आम तौर पर लोग प्लेटलेट्स बढ़ाने के नाम पर डेंगू के मरीज को बकरी का दूध या अत्यधिक वसा (फैटी) वाली चीजें देना शुरू कर देते हैं। मिर्जापुर स्थित मंडलीय अस्पताल की डाइटिशियन डॉ. ज्योति सिंह ने चेतावनी दी है कि मरीज को बकरी का दूध या भारी वसायुक्त भोजन देना बेहद नुकसानदायक हो सकता है और इससे मरीज का लीवर खराब हो सकता है। वायरल बुखार के दौरान लीवर पर पहले से ही दबाव होता है, इसलिए मरीज को केवल हल्का और सुपाच्य भोजन ही दिया जाना चाहिए।

बकरी का दूध क्यों है हानिकारक और क्या खाएं?

डॉ. ज्योति सिंह के अनुसार, डेंगू के मरीजों में लीवर की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। ऐसे समय में जब मरीज को बकरी का दूध या अधिक फैटी चीजें दी जाती हैं, तो पाचन तंत्र उसे आसानी से पचा नहीं पाता और लीवर डैमेज होने का खतरा बन जाता है। बकरी के दूध की जगह मरीज को खिचड़ी, दलिया, इडली और मूंग दाल जैसी चीजें खिलानी चाहिए। ये खाद्य पदार्थ पचने में आसान होते हैं और पेट पर दबाव नहीं डालते। साथ ही दलिया और मूंग दाल से मरीज को प्रचुर मात्रा में प्रोटीन भी प्राप्त होता है, जो बीमारी के बाद शरीर की कमजोरी दूर करने में सहायक है।

ये भी पढ़ें

पोटैशियम और मिनरल्स की पूर्ति के विकल्प

डेंगू की रिकवरी में मिनरल्स और खासतौर पर पोटैशियम का स्तर बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। शरीर में पोटैशियम की पूर्ति के लिए नारियल पानी का सेवन काफी प्रचलित है। हालांकि, यदि कोई मरीज नारियल पानी खरीदने में सक्षम नहीं है, तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसकी जगह मरीज को ओआरएस (ORS) का घोल दिया जा सकता है या सामान्य फल खिलाए जा सकते हैं। फलों में पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है। यदि मरीज दो सेब भी खा लेता है, तो उसे नारियल पानी जितना ही पोटैशियम मिल जाता है। खट्टे फलों में आंवला पोटैशियम का सबसे बढ़िया और किफायती स्रोत है।

सहजन के पत्ते का जूस और सब्जियों का सूप

शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए प्राकृतिक उपाय भी बहुत मददगार साबित होते हैं। रोजाना 15 एमएल सहजन (ड्रमस्टिक) के पत्ते का जूस पीने से शरीर में आयरन और पोटैशियम दोनों की दैनिक जरूरत पूरी हो जाती है। इसके अलावा, हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और पकाकर उनका सूप बनाकर मरीज को पिलाना चाहिए। हरी सब्जियों के सूप में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और आवश्यक मिनरल्स होते हैं, जो डेंगू से तेजी से उबरने में मदद करते हैं।

तरल पदार्थ और लौंग-अदरक का पानी

डेंगू के इलाज में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों (लिक्विड इंटेक) का सेवन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. ज्योति सिंह के मुताबिक मरीज को गुनगुना पानी, लौंग का पानी और अदरक का पानी देना चाहिए। ये पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी को दूर करने के साथ-साथ वायरल इंफेक्शन के प्रभाव को भी कम करते हैं। जब शरीर में लिक्विड का स्तर बेहतर होता है, तो प्लेटलेट्स बढ़ने की क्षमता और गति अपने आप तेज हो जाती है। इसलिए प्लेटलेट्स कम होने पर घबराने के बजाय सही और संतुलित आहार का पालन करना चाहिए।

सवाल-जवाब

डेंगू में बकरी का दूध क्यों नहीं पीना चाहिए?
बकरी का दूध बहुत फैटी होता है। डेंगू के दौरान लीवर कमजोर होता है, इसलिए अत्यधिक वसायुक्त दूध पीने से लीवर डैमेज होने का खतरा रहता है।
नारियल पानी न मिलने पर क्या विकल्प इस्तेमाल करें?
नारियल पानी की जगह ओआरएस का घोल पिया जा सकता है या दो सेब खाए जा सकते हैं, जिससे पर्याप्त पोटैशियम मिल जाता है।
डेंगू मरीज के लिए सहजन के पत्ते का क्या फायदा है?
रोजाना 15 एमएल सहजन की पत्ती का जूस पीने से शरीर में आयरन और पोटैशियम दोनों की दैनिक जरूरत पूरी हो जाती है।
प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए मरीज को कौन सा भोजन देना चाहिए?
मरीज को हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे खिचड़ी, दलिया, इडली और मूंग दाल देना चाहिए, जिससे प्रचुर प्रोटीन और पोषण मिलता है।
डेंगू में कौन से पेय पदार्थ तेजी से रिकवरी में मदद करते हैं?
गुनगुना पानी, लौंग का पानी, अदरक का पानी और हरी सब्जियों का सूप पीने से शरीर में पानी की कमी दूर होती है और प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR