हेल्दी डाइट के बावजूद बार-बार क्रेविंग क्यों? मीठा, नमकीन और तीखा खाने की तलब के पीछे छिपे असली कारण समझिएस्वास्थ्य
2 घंटे पहले· 0

हेल्दी डाइट के बावजूद बार-बार क्रेविंग क्यों? मीठा, नमकीन और तीखा खाने की तलब के पीछे छिपे असली कारण समझिए

अचानक मीठा, नमकीन या तीखा खाने की तेज इच्छा सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि नींद, तनाव, पानी की कमी या मैग्नीशियम-सोडियम जैसे पोषक तत्वों के असंतुलन का संकेत भी हो सकती है.

संतुलित खाना, नियमित फल-सब्जियां और डाइट पर पूरी नजर रखने के बाद भी कई लोगों को अचानक कुछ मीठा, चटपटा या नमकीन खाने की तेज इच्छा घेर लेती है. खाने की इस अचानक उठने वाली तलब को फूड क्रेविंग कहते हैं. ज्यादातर लोग इसे सिर्फ जुबान के स्वाद से जोड़ देते हैं, जबकि असल में यह कई बार शरीर के भीतर चल रही किसी कमी या असंतुलन की ओर इशारा करती है.

मीठे की तलब अक्सर एनर्जी और तनाव से जुड़ी होती है

बार-बार मीठा खाने का मन करना अकेले किसी एक वजह का नतीजा नहीं होता. जब शरीर को फौरन ऊर्जा चाहिए होती है, तब दिमाग सबसे तेज सहारे यानी मीठी चीजों की मांग करने लगता है. इसके अलावा नींद पूरी न होना, लगातार तनाव में रहना और लंबे समय तक भूखे रहना भी मीठे की क्रेविंग को बढ़ा देता है. कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि मैग्नीशियम जैसे मिनरल की कमी का भी मीठा खाने की इच्छा से संबंध हो सकता है.

चॉकलेट की क्रेविंग और मैग्नीशियम का कनेक्शन

अगर बार-बार खासतौर पर चॉकलेट ही खाने का मन करता है, तो इसकी वजह सिर्फ उसका स्वाद नहीं होता. चॉकलेट में मैग्नीशियम मौजूद होता है, इसलिए कुछ लोगों में चॉकलेट की लगातार तलब शरीर में मैग्नीशियम की कमी का संकेत मानी जाती है. हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति पर यही बात लागू हो.

नमकीन खाने की इच्छा के पीछे पानी और सोडियम का गणित

नमकीन और चटपटी चीजें खाने की तेज इच्छा के पीछे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन या इलेक्ट्रोलाइट का असंतुलन हो सकता है. जब शरीर को सोडियम की जरूरत होती है, तब कई लोगों का मन चिप्स, नमकीन या नमक वाली दूसरी चीजों की ओर खिंचने लगता है. गर्मियों में जब पसीना ज्यादा निकलता है, तब इस तरह की क्रेविंग और बढ़ सकती है.

तीखा खाना और मूड का रिश्ता

कुछ लोगों को अचानक बहुत तीखा खाने का चस्का लग जाता है, और इसकी वजह हमेशा पोषक तत्वों की कमी ही नहीं होती. दरअसल तीखा भोजन खाने पर शरीर में एंडोर्फिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है, जो मूड को बेहतर महसूस कराता है. यही वजह है कि तनाव या बोरियत के दौरान कई लोग मसालेदार खाने की तरफ ज्यादा झुक जाते हैं.

एक नहीं, कई कारण मिलकर बनाते हैं क्रेविंग

फूड क्रेविंग को सिर्फ किसी एक पोषक तत्व की कमी का संकेत मान लेना सही नजरिया नहीं है. इसके पीछे नींद की कमी, हार्मोनल बदलाव, तनाव, डिहाइड्रेशन और रोजमर्रा की खानपान की आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं. अगर क्रेविंग हद से ज्यादा हो रही है या लंबे समय तक लगातार बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर रहता है.

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