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मानसून में बच्चों को मौसमी संक्रमण से कैसे बचाएं, जानिए डायटीशियन ममता पांडे के जरूरी डाइट टिप्सस्वास्थ्य
27 जुल॰ 2026, 6:51 am (4 घंटे पहले)· 1

मानसून में बच्चों को मौसमी संक्रमण से कैसे बचाएं, जानिए डायटीशियन ममता पांडे के जरूरी डाइट टिप्स

बरसात के दिनों में बच्चों में पेट दर्द, डायरिया और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सतना की डायटीशियन ममता पांडे ने बताया कि किस तरह सही खानपान और पानी की स्वच्छता से बच्चों को सेहतमंद रखा जा सकता है।

मानसून आते ही मौसम काफी सुहाना हो जाता है और तेज गर्मी से राहत मिलती है, लेकिन इसी के साथ बच्चों के बीमार पड़ने का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है। इस मौसम में चारों तरफ नमी रहने से जीवाणु, विषाणु और फंगस तेजी से पनपते हैं। दूषित जल और असुरक्षित खानपान के कारण बच्चे अक्सर पेट दर्द, उल्टी, दस्त, डायरिया, फूड पॉइजनिंग और टायफाइड जैसी समस्याओं की चपेट में आ जाते हैं। क्योंकि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, पाचन तंत्र और श्वसन प्रणाली पूरी तरह परिपक्व नहीं होती, इसलिए वे बड़ों की तुलना में मौसम के बदलाव और संक्रमण से अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में बच्चों की दैनिक खुराक और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

बच्चों के शारीरिक विकास के लिए प्रोटीन से भरपूर भोजन

बढ़ती उम्र में बच्चों के शरीर को उचित पोषण और विकास के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की आवश्यकता होती है। सतना की डायटीशियन ममता पांडे के अनुसार, मानसून के महीनों में बच्चों की थाली में दालें, पनीर, उबला या अच्छे से पका हुआ अंडा और दूध शामिल करना बहुत लाभकारी रहता है। प्रोटीन न केवल बच्चों की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है बल्कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने में सहायक होता है। बारिश के मौसम में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि खाना ऐसा हो जो पौष्टिक होने के साथ-साथ सुपाच्य भी हो, ताकि पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

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मसालों का संतुलित प्रयोग और प्राकृतिक इम्युनिटी

भोजन में कुछ खास भारतीय मसालों की संतुलित मात्रा बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने में कारगर सिद्ध हो सकती है। डायटीशियन का सुझाव है कि बच्चों के आहार में हल्दी, अदरक, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी औषधीय चीजों का बहुत सीमित प्रयोग किया जाना चाहिए। इन मसालों में एंटी-माइक्रोबियल और सूजन रोधक गुण होते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। सूप, दलिया या दूध में हल्की सी हल्दी या अदरक मिलाना फायदेमंद रहता है। रात को सोने से पहले बड़े बच्चों को गुनगुने दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर दी जा सकती है। इसके अलावा, सूप बनाते समय उसमें अदरक और लहसुन की थोड़ी मात्रा मिलाने से स्वाद के साथ-साथ न्यूट्रिशन भी बढ़ जाता है।

बाहर के खुले और कटे खाद्य पदार्थों से दूरी

बरसात के दिनों में बाहर दुकानों या ठेलों पर मिलने वाले खुले और कटे हुए फलों, स्ट्रीट फूड, चाट और पकौड़ों से बच्चों को पूरी तरह दूर रखना चाहिए। वातावरण में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण खुली जगहों पर रखे भोजन में सूक्ष्मजीव बहुत तेजी से फैलते हैं। यदि सलाद या अन्य खाद्य सामग्री को ठीक से धोया न जाए, तो वह सीधे संक्रमण का कारण बनती है। इस मौसम में बच्चों को केवल घर का बना ताजा और स्वच्छ भोजन देना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

बासी और अत्यधिक तले-भुने भोजन से परहेज

केवल बाहर का खाना ही नहीं, बल्कि घर में देर तक रखा बासी खाना, फ्रिज का बहुत ठंडा भोजन या बहुत अधिक तेल-मसाले वाला भारी खाना भी बच्चों के पेट को खराब कर सकता है। मानसून में पाचन अग्नि थोड़ी धीमी पड़ जाती है, जिससे भारी भोजन पचाना कठिन होता है। इसलिए बच्चों को हर बार ताजा बना गरम खाना ही परोसना चाहिए। मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, दाल-चावल और हल्का सूप इस मौसम में बच्चों के लिए सबसे उपयुक्त और पचने में आसान आहार माने जाते हैं।

पीने के पानी की शुद्धता और रसोई की स्वच्छता

मानसून में बीमारियों के फैलने का सबसे बड़ा जरिया दूषित पानी होता है। बच्चों को हमेशा साफ और सुरक्षित पानी ही पिलाना चाहिए। यदि पानी की गुणवत्ता को लेकर जरा सा भी संदेह हो, तो पानी को अच्छी तरह उबालकर ठंडा या गुनगुना करके ही पीने को दें। बाहर का अनफ़िल्टर्ड या असुरक्षित स्रोतों का पानी बच्चों को बिल्कुल न पीने दें। हरी पत्तेदार सब्जियों और अन्य सामग्रियों को पकाने से पहले साफ पानी से कई बार अच्छे से धोएं। इसके अलावा, बच्चों को खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत डालें। खाने-पीने की चीजों को हमेशा ढककर रखें और रसोई घर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। थोड़ी सी सतर्कता बच्चों को मानसून की अनेक बीमारियों से सुरक्षित रख सकती है।

सवाल-जवाब

मानसून के दौरान बच्चों को बीमार पड़ने से कैसे बचाएं?
बच्चों को ताजा गर्म भोजन दें, बाहर का खुला व बासी खाना न खिलाएं और पानी को हमेशा उबालकर ही पीने के लिए दें।
बरसात के मौसम में बच्चों के आहार में क्या शामिल करना चाहिए?
आहार में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दाल, पनीर, दूध और अच्छी तरह पका हुआ अंडा तथा पचने में आसान खिचड़ी व सूप शामिल करें।
बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए किन मसालों का सीमित प्रयोग किया जा सकता है?
बच्चों के दूध, सूप या दलिया में चुटकी भर हल्दी, अदरक, दालचीनी, इलायची या सौंफ का सीमित इस्तेमाल किया जा सकता है।
मानसून में बच्चों को कौन सी चीजें नहीं खिलानी चाहिए?
बाहर का खुला खाना, कटे फल, स्ट्रीट फूड, कच्चा अनधुला सलाद, बासी खाना और बहुत अधिक तला-भुना भोजन बच्चों को नहीं देना चाहिए।
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