हर मौसम अपने साथ कुछ खास फल लेकर आता है, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जिनके आने का इंतजार लोग पूरे साल करते रहते हैं। खंडवा के बाजारों में इन दिनों ठीक ऐसा ही एक फल चर्चा में है। पहली नजर में यह नाशपाती जैसा दिखता है, मगर स्वाद और गुणों के मामले में उससे कहीं आगे निकल जाता है। इस फल का नाम है बाबूगोशा, और इसकी मिठास, रसीलापन तथा सीमित समय की उपलब्धता ही इसे लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय बना रही है।
साल में सिर्फ कुछ दिनों का मौका
बाबूगोशा की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम उपलब्धता है। यह पूरे साल नहीं मिलता, बल्कि बाजार में सिर्फ करीब 20 से 25 दिनों के लिए ही आता है। जैसे ही इसकी आवक शुरू होती है, खरीदारों में उत्साह दिखने लगता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि इसका स्वाद इतना मीठा और मुलायम होता है कि एक बार चखने के बाद लोग इसे बार-बार खरीदना चाहते हैं।
नाशपाती से कितना अलग है यह फल
स्थानीय निवासी भावेश पटेल के अनुसार खंडवा में यह फल केवल सीमित समय के लिए मिलता है और इसका सेवन सेहत के लिहाज से बेहद लाभकारी माना जाता है। दरअसल बाबूगोशा नाशपाती की ही एक प्रजाति है, फिर भी दोनों में कई फर्क हैं। जहां नाशपाती का छिलका थोड़ा सख्त और गूदा हल्का खट्टा-मीठा होता है, वहीं बाबूगोशा का छिलका पतला और गूदा बेहद नरम, रसदार तथा ज्यादा मीठा होता है। इसका आकार भी अलग होता है, नीचे से चौड़ा और ऊपर से पतला, जो इसकी पहचान को खास बना देता है।
सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं
स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह फल बेहद कीमती है। इसमें विटामिन-सी, फाइबर और पोटैशियम भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। नियमित रूप से इसे खाने पर पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज जैसी दिक्कतों से राहत मिलती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, जिससे मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। इतना ही नहीं, बाबूगोशा खून की कमी दूर करने में भी मददगार माना जाता है, क्योंकि इसके पोषक तत्व शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने और ऊर्जा देने का काम करते हैं। यही कारण है कि इसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद बताया जाता है।
कैसे खाएं और किन बातों का रखें ध्यान
बाबूगोशा को खाने के लिए छीलने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे अच्छी तरह धोकर सीधे छिलके सहित खाया जा सकता है। इसके अलावा लोग इसका इस्तेमाल फ्रूट चाट, सलाद या जूस के रूप में भी करते हैं। हालांकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण इसे जरूरत से ज्यादा खाने पर पेट फूलने या गैस जैसी समस्या हो सकती है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही लेना चाहिए। कुल मिलाकर यह फल स्वाद में लाजवाब और सेहत के लिए लाभकारी दोनों है, और इसकी सीमित उपलब्धता ही इसे और खास बना देती है। यही वजह है कि बाजार में आते ही लोग इसे खरीदने का मौका हाथ से नहीं जाने देते।













