रसोई घर में काम को आसान बनाने के लिए हम अनजाने में कई ऐसी चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं जो हमारी सेहत के लिए किसी खतरे से कम नहीं होती हैं। लोग पौष्टिक और साफ-सुथरा खानपान अपनाने में काफी समय और ऊर्जा खर्च करते हैं, लेकिन बर्तन पकाने के साधनों और साफ-सफाई के सामानों पर बहुत कम ध्यान देते हैं। सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट और डायटीशियन किरण कुकरेजा ने घर की रसोई में उपयोग होने वाली तीन ऐसी प्रमुख चीज़ों को चिह्नित किया है जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकती हैं और उन्होंने इन सभी की जगह सुरक्षित विकल्प अपनाने पर जोर दिया है।
दैनिक जीवन में हानिकारक रसायनों के संपर्क को न्यूनतम करने के लिए रसोई के बर्तनों और साफ-सफाई के तरीकों में तुरंत बदलाव करना जरूरी है। अक्सर हम इस बात पर विचार ही नहीं करते कि हम जिस बर्तन में खाना पका रहे हैं या जिस चीज़ से बर्तनों को साफ कर रहे हैं, उसके रसायन हमारे शरीर में प्रवेश कर रहे हैं या नहीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी सावधानियां बरतकर घर के वातावरण को जहरीले तत्वों से सुरक्षित रखा जा सकता है।
रसोई में किन तीन चीज़ों के इस्तेमाल से बचना चाहिए
विशेषज्ञों के अनुसार, रसोई घर में इस्तेमाल होने वाले स्पंज, डिशवॉशिंग जेल और एल्युमीनियम फॉयल जैसी आम चीज़ें सेहत के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं। इन चीज़ों के विकल्प के रूप में प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को अपनाना चाहिए ताकि शरीर को नुकसान न पहुँचे।
-
किचन स्पंज: सामान्य किचन स्पंज घर में सबसे अधिक बैक्टीरिया और गंदगी का केंद्र बन जाते हैं क्योंकि इनमें भोजन के सूक्ष्म कण फँस जाते हैं और लगातार नमी बनी रहने के कारण सूक्ष्म जीव पनपते हैं। इसके स्थान पर नारियल के रेशे से बने स्क्रबर का उपयोग किया जाना चाहिए जो पूरी तरह प्लास्टिक-फ्री होते हैं, जल्दी सूखते हैं और जिन्हें आसानी से बदला जा सकता है।
-
डिशवॉशिंग जेल: कई लिक्विड डिशवॉश में आइसोथियाज़ोलिनोन, सिंथेटिक सुगंध और खतरनाक डाई जैसे रसायन मौजूद होते हैं, जिनका लगातार संपर्क में रहना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके विकल्प के रूप में सुरक्षित प्लांट-बेस्ड उत्पादों का चयन करना बेहतर रहता है, जैसे नेचुरल डिशवॉशर लिक्विड, जो किसी भी तरह के अनावश्यक और हानिकारक तत्वों के बिना बर्तनों को प्रभावी ढंग से साफ करता है।
-
एल्युमीनियम फॉयल: एल्युमीनियम के साथ गर्मी और अम्लीय खाद्य पदार्थों का मेल होने पर इसके हानिकारक कण भोजन में घुल सकते हैं जो शरीर में प्रवेश कर नुकसान पहुँचाते हैं। इससे बचने के लिए जब भी संभव हो, एल्युमीनियम फॉयल के स्थान पर पार्चमेंट पेपर का उपयोग करना चाहिए।
-
खाना पकाने के बर्तन: खानपान की गुणवत्ता को सुरक्षित बनाए रखने और स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए यह जानना भी बेहद आवश्यक है कि खाना पकाने के लिए किन बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए? ताकि शरीर में किसी प्रकार के विषैले तत्व न प्रवेश करें।
भोजन की गुणवत्ता और पर्यावरण पर प्रभाव
रसोई में उपयोग की जाने वाली सामग्रियां केवल हमारे आसपास के वातावरण को ही प्रभावित नहीं करती हैं, बल्कि यह सीधे तौर पर हमारी थाली में परोसे जाने वाले भोजन की शुद्धता और गुणवत्ता पर भी गहरा असर डालती हैं। यदि हम शुरुआती स्तर पर ही इन नुकसानदेह आदतों को बदल लें, तो कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए किरण कुकरेजा का सोशल मीडिया पोस्ट देखा जा सकता है जिसमें उन्होंने इन सभी बदलावों के बारे में विस्तार से समझाया है। इसके अलावा आंतों की सेहत को दुरुस्त रखने और शरीर में फायदेमंद बैक्टीरिया बढ़ाने के लिए आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें लेख को पढ़कर अपनी दिनचर्या में सुधार किया जा सकता है।



















