जन्माष्टमी के पावन पर्व पर लड्डू गोपाल को पारंपरिक माखन मिश्री के स्थान पर कुछ अलग और खास अर्पित करने की सोच रहे हैं तो मखाना पाग एक शानदार विकल्प है। यह पारंपरिक मिठाई न केवल स्वाद में बेहतरीन और कुरकुरी होती है, बल्कि पौष्टिकता से भी भरपूर मानी जाती है। बेहद कम समय और सरल सामग्री से तैयार होने वाले इस प्रसाद को घर में आसानी से बनाया जा सकता है। भगवान श्री कृष्ण के पूजन के लिए इस स्वादिष्ट मखाना पाग को तैयार करने की पूरी विधि और सामग्री का विवरण नीचे प्रस्तुत है।
आवश्यक सामग्री का विवरण
मखाना पाग तैयार करने के लिए सबसे पहले सभी आवश्यक सामग्रियों को उचित मात्रा में एकत्रित कर लें। इस रेसिपी के लिए 3 कप या लगभग 100 ग्राम फूल मखाना की आवश्यकता होती है। मिठास के लिए 1.5 कप चीनी और चाशनी तैयार करने हेतु 3/4 कप पानी का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा आधा कप कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल, 1/4 कप बारीक कटे हुए काजू तथा बादाम, 2 बड़े चम्मच खरबूजे के बीज अथवा मगज, आधा छोटी चम्मच हरी इलायची का पाउडर और 3 से 4 बड़े चम्मच शुद्ध देसी घी की जरूरत पड़ती है।
मखाना और मेवों की भुनाई का तरीका
प्रसाद बनाने की शुरुआत एक भारी तले की कढ़ाई से करें। कढ़ाई में 2 चम्मच देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गरम करें। सबसे पहले बारीक कटे काजू, बादाम और खरबूजे के बीजों को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। भुने हुए मेवों को एक अलग प्लेट में निकाल लें। इसके बाद उसी कढ़ाई में बचा हुआ देसी घी डालें और 3 कप फूल मखानों को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए लगभग 5 से 6 मिनट तक सेकें। जब मखाने उंगली से दबाने पर आसानी से क्रंच होकर टूटने लगें तो गैस की आंच बंद कर दें। मखानों के ठंडा होने के बाद उन्हें मिक्सर जार में डालकर दरदरा पीस लें। कद्दूकस किए सूखे नारियल को भी बिना घी के धीमी आंच पर हल्का सा सूखा भूनकर अलग रख लें।
एक तार की चाशनी तैयार करना
मिठाई के सही जमाव के लिए चाशनी का सही बनना बेहद महत्वपूर्ण है। कढ़ाई में 1.5 कप चीनी और 3/4 कप पानी डालकर मध्यम आंच पर गर्म होने के लिए रखें। जब चीनी पानी में पूरी तरह से घुल जाए, तो उसके बाद मिश्रण को 4 से 5 मिनट तक उबलने दें। चाशनी का तार जांचने के लिए उसकी एक बूंद अपनी उंगली और अंगूठे के बीच लगाकर देखें। यदि दोनों के बीच एक स्पष्ट तार बनता हुआ दिखाई दे तो समझें कि एक तार की चाशनी तैयार हो चुकी है। इस चरण पर चाशनी में आधा छोटी चम्मच हरी इलायची पाउडर मिलाकर अच्छी तरह चलाएं।
सामग्री का मिश्रण और थक्का जमाना
चाशनी तैयार होते ही आंच को एकदम धीमा कर दें। अब चाशनी में दरदरा पिसा हुआ मखाना, भुना हुआ कद्दूकस नारियल और पहले से तले हुए सूखे मेवे डाल दें। सभी सामग्रियों को चम्मच या कलछी की सहायता से आपस में अच्छी तरह मिलाएं। इस मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे और कढ़ाई का तला छोड़ने लगे तो समझ लें कि यह जमने के लिए पूरी तरह तैयार है। एक थाली या ट्रे के धरातल पर थोड़ा सा देसी घी लगाकर उसे अच्छी तरह चिकना कर लें। अब तैयार गरम मिश्रण को थाली में पलट दें और चम्मच से समान रूप से फैलाकर समतल कर लें।
कटिंग और श्री कृष्ण को भोग अर्पण
जब थाली में फैला हुआ पाग हल्का गुनगुना रह जाए, तभी चाकू की मदद से अपनी पसंद के अनुसार चौकोर या बर्फी के आकार के कट लगा लें। जब यह पूरी तरह से ठंडा और सख्त हो जाए, तो पाग के टुकड़ों को थाली से अलग कर लें। आपका स्वादिष्ट और क्रंची मखाना पाग बनकर तैयार है। भगवान श्री कृष्ण के पूजन के समय इस पाग पर तुलसी दल रखकर लड्डू गोपाल को श्रद्धापूर्वक भोग लगाएं।



















