सुंदर और दमकती त्वचा की चाहत में बहुत से लोग बाजार में मिलने वाली महंगी क्रीम, सीरम और अन्य कॉस्मेटिक उत्पादों पर काफी पैसा खर्च करते हैं। इसके बावजूद कई बार चेहरे पर वह अपेक्षित चमक या ताजगी नजर नहीं आती। असल में त्वचा का स्वास्थ्य सिर्फ बाहरी लेप या प्रसाधनों पर टिका नहीं होता। हमारी दिनचर्या, खान-पान की आदतें, सोने का समय, मानसिक तनाव और शारीरिक गतिविधि का सीधा असर चेहरे के निखार पर पड़ता है। रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति वास्तव में अपनी त्वचा पर कुदरती रौनक चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपनी जीवनशैली को व्यवस्थित करना होगा।
पर्याप्त नींद से चेहरे पर लौटती है ताजगी
डॉक्टर मोहम्मद इकबाल बताते हैं कि त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सोने और जागने का नियमित समय निर्धारित करना बेहद अहम भूमिका निभाता है। जब शरीर को भरपूर नींद नहीं मिलती, तो थकान और सुस्ती चेहरे पर साफ झलकने लगती है। इसलिए रोजाना पर्याप्त और गहरी नींद लेना बहुत जरूरी है। भरपूर आराम मिलने के बाद शरीर दिनभर तरोताजा महसूस करता है, जिसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव चेहरे की चमक के रूप में सामने आता है। समय पर सोना और समय पर उठना त्वचा के कुदरती रखरखाव के लिए अनिवार्य नियम है।
हल्की एक्सरसाइज और टहलने से बढ़ता है रक्त संचार
चेहरे पर स्वाभाविक चमक लाने के लिए किसी भारी-भरकम या अत्यधिक थकाने वाली कसरत की आवश्यकता नहीं होती। डॉक्टर के अनुसार, अपनी दैनिक दिनचर्या में साधारण वॉक, हल्का व्यायाम या नियमित योग शामिल करना पर्याप्त है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहने पर शरीर की कार्यप्रणाली चुस्त रहती है और रक्त संचार यानी ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है। जब त्वचा की कोशिकाओं तक खून का बहाव सही रहता है, तो त्वचा खिल उठती है। इसके अतिरिक्त, रोजाना की शारीरिक गतिविधि मानसिक तनाव को कम करने में भी काफी मदद करती है, जो त्वचा के स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक कारक माना जाता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फलों की थाली
त्वचा को भीतर से पोषण देने के लिए अपने भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान देना अनिवार्य है। डॉक्टर मोहम्मद इकबाल भरपूर मात्रा में हरी और अन्य मौसमी सब्जियां खाने का परामर्श देते हैं। इसके साथ ही ताजा मौसमी फलों और हल्की पकी हुई दालों को भी दैनिक आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। दालें पचने में आसान होती हैं और शरीर को जरूरी पोषण देती हैं। इसके अलावा भोजन में हरी धनिया, पुदीना और करी पत्ते जैसी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि पूरी थाली को पौष्टिक बनाने में भी अहम योगदान देता है।
घरेलू सामग्रियों से त्वचा की सुरक्षित देखभाल
स्किन केयर के लिए हर समय बाजार के महंगे उत्पादों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती। हमारे घर की रसोई में मौजूद साधारण चीजें भी त्वचा को कोमल और चमकदार बनाने में काफी असरदार साबित हो सकती हैं। डॉक्टर बताते हैं कि हल्दी, ताजा दही, शहद, कच्चा दूध और गुलाब जल जैसी चीजें त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद करती हैं। इन प्राकृतिक पदार्थों में मौजूद पोषक तत्व त्वचा के पोषण के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। इसके अलावा अच्छी तरह पका हुआ केला भी चेहरे की देखभाल के लिए उपयोग में लाया जाता है।
घरेलू नुस्खों के प्रयोग में बरतें जरूरी सावधानी
यद्यपि घरेलू चीजें सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन डॉक्टर मोहम्मद इकबाल आगाह करते हैं कि किसी भी नुस्खे को बिना सोचे-समझे नहीं आजमाना चाहिए। हर व्यक्ति की त्वचा की प्रकृति अलग होती है, इसलिए हर नुस्खा सभी पर मुफीद नहीं बैठता। यदि चेहरे पर पहले से मुंहासे, खुजली, लाली, दाने या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है, तो कोई भी लेप लगाने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना बेहतर होता है। विशेष रूप से बच्चों की नाजुक त्वचा पर बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी घरेलू सामग्री लगाने से पूरी तरह बचना चाहिए।
नींबू और मौसमी जैसे खट्टे फलों का महत्व
डाइट में खट्टे फलों को शामिल करने से त्वचा को अतिरिक्त लाभ मिलता है। डॉक्टर नींबू और मौसमी जैसी चीजों को नियमित खान-पान में शामिल करने की सलाह देते हैं। नींबू में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है, जो हमारे शरीर के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है और त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी इसकी विशेष भूमिका रहती है। इस प्रकार सही खान-पान, नियमित दिनचर्या और सूझबूझ से घरेलू चीजों का इस्तेमाल करके बिना अतिरिक्त खर्च के त्वचा की अच्छी देखभाल की जा सकती है।



















