अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञ अक्सर रोज के खानपान में ड्राई फ्रूट्स शामिल करने का परामर्श देते हैं। हालांकि, काजू, बादाम और पिस्ता जैसे महंगे मेवों की कीमत बाजार में 800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है, जिसके कारण हर परिवार के लिए इन्हें नियमित रूप से खरीद पाना संभव नहीं होता। ऐसे में महज 100 रुपये प्रति किलो के आसपास आसानी से उपलब्ध होने वाली मूंगफली एक बेहतरीन और पौष्टिक विकल्प बनकर उभरती है। अपनी इसी सस्ती कीमत और उच्च पौष्टिकता के कारण ग्रामीण इलाकों में मूंगफली को गरीबों का पिस्ता भी कहा जाता है।
पोषक तत्वों का खजाना है मूंगफली
मूंगफली में शरीर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने वाले कई महत्वपूर्ण तत्व मौजूद होते हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम और विटामिन डी के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। रायबरेली स्थित सीएचसी शिवगढ़ की आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. आकांक्षा दीक्षित (एमडी आयुर्वेद) के अनुसार, जो लोग कम बजट में ड्राई फ्रूट्स के समान पोषण पाना चाहते हैं, वे अपनी दैनिक डाइट में मूंगफली को शामिल कर सकते हैं। डॉ. आकांक्षा का कहना है कि मूंगफली का संतुलित मात्रा में सेवन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने में मदद करता है।
इम्यूनिटी, हड्डियों और दिल की सेहत में मददगार
नियमित और सीमित मात्रा में मूंगफली खाने से शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। मूंगफली में मौजूद पोषक तत्व शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायता करते हैं। इसके साथ ही, इसमें पाए जाने वाले कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों की सेहत को बेहतर बनाए रखने और उन्हें मजबूती देने में अहम भूमिका निभाते हैं। मूंगफली शरीर को दिनभर के कामों के लिए जरूरी ऊर्जा प्रदान करती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद अच्छे फैट हृदय स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद माने जाते हैं।
मौसम के अनुसार मूंगफली खाने के आसान तरीके
आमतौर पर लोग सर्दियों के मौसम में भूनकर मूंगफली खाना पसंद करते हैं, लेकिन इसका सेवन गर्मियों में भी आसानी से किया जा सकता है। डॉ. आकांक्षा दीक्षित बताती हैं कि गर्मियों के दिनों में मूंगफली को रातभर पानी में भिगोकर रखा जा सकता है और सुबह खाली पेट इसका सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, मूंगफली के स्वादिष्ट लड्डू बनाकर खाए जा सकते हैं, या फिर इसे चटनी और अन्य पकवानों में मिलाकर भी भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। इन तरीकों से इसे सालभर अपनी दिनचर्या में शामिल करना आसान हो जाता है।
सेवन से जुड़ी जरूरी सावधानियां और चिकित्सीय सलाह
मूंगफली अत्यधिक पौष्टिक होने के बावजूद हर व्यक्ति के लिए एक समान मात्रा में उपयुक्त नहीं होती। जिन लोगों को मूंगफली से किसी भी प्रकार की एलर्जी है, उन्हें इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। वहीं, जो लोग किसी बीमारी के इलाज के सिलसिले में दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, उन्हें अपनी डाइट में मूंगफली की मात्रा बढ़ाने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि मूंगफली को किसी बीमारी के इलाज के रूप में देखने के बजाय एक संतुलित आहार के हिस्से के रूप में लेना चाहिए, ताकि रोज का खानपान पौष्टिक बन सके।



















