मेहंदी का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों को शादी-ब्याह और तीज-त्योहार के मौके पर हाथों पर बनने वाले खूबसूरत डिजाइन याद आते हैं, लेकिन आयुर्वेद में मेहंदी को सिर्फ श्रृंगार की चीज नहीं बल्कि एक असरदार औषधीय पौधा भी माना गया है. इसकी पत्तियां, छाल, फूल और बीज सदियों से पारंपरिक इलाज में इस्तेमाल होते आए हैं. गोंडा के आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके और सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर मेहंदी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में राहत दे सकती है.
ठंडी तासीर से मिलती है राहत
आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य जमुना प्रसाद यादव के मुताबिक मेहंदी की तासीर ठंडी होती है, इसी वजह से इसका इस्तेमाल शरीर की गर्मी घटाने और त्वचा से जुड़ी दिक्कतों में सदियों से किया जाता रहा है. हालांकि उनकी सलाह है कि किसी भी बीमारी में मेहंदी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह जरूर ली जाए, ताकि कोई नुकसान न हो.
त्वचा की समस्याओं में कारगर
वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि मेहंदी की ताजी पत्तियों को पीसकर त्वचा पर लगाने से खुजली, जलन और हल्की एलर्जी जैसी परेशानियों में आराम मिल सकता है. कई लोग फोड़े-फुंसियों और त्वचा की गर्मी कम करने के लिए भी इसका इस्तेमाल करते हैं. मेहंदी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण त्वचा को संक्रमण से बचाने में मददगार माने जाते हैं.
बालों को मिलती है ठंडक और मजबूती
मेहंदी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल बालों के लिए ही होता है. इसकी पत्तियों का पेस्ट या पाउडर बालों में लगाने से सिर को ठंडक मिलती है, बाल मुलायम बने रहते हैं और रूसी की शिकायत भी कम हो सकती है. इसके अलावा कई लोग सफेद बालों को प्राकृतिक तरीके से रंगने के लिए भी मेहंदी का सहारा लेते हैं.
हाथ-पैर की जलन में आराम
गर्मी के दिनों में बहुत से लोगों को हाथों और पैरों के तलवों में जलन की शिकायत होती है. ऐसे में मेहंदी की पत्तियों का लेप लगाने से ठंडक का एहसास होता है. आयुर्वेद में इसे शरीर की अतिरिक्त गर्मी को शांत करने वाला पौधा माना गया है, इसलिए गर्मियों में इसका इस्तेमाल खासतौर पर फायदेमंद बताया जाता है.
घाव भरने में भी मददगार
विशेषज्ञों के मुताबिक मामूली घाव या खरोंच पर मेहंदी की पत्तियों का लेप पारंपरिक रूप से लगाया जाता रहा है. ऐसा माना जाता है कि इससे घाव जल्दी भरने में मदद मिलती है और संक्रमण की आशंका भी कम हो सकती है. हालांकि अगर घाव गहरा हो तो इसमें देरी न करते हुए तुरंत डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी है.
सिरदर्द में भी आजमाया जाता है नुस्खा
वैद्य जमुना प्रसाद यादव के अनुसार कुछ लोग मेहंदी की पत्तियों का लेप माथे पर लगाते हैं. आयुर्वेद में माना जाता है कि इससे सिर को ठंडक मिलती है, जिससे गर्मी की वजह से होने वाले सिरदर्द में राहत महसूस हो सकती है.
मुंह के छालों में पारंपरिक इस्तेमाल
आयुर्वेद में मुंह के छालों की समस्या में भी मेहंदी की पत्तियों का इस्तेमाल बताया गया है. पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ला करने की पारंपरिक सलाह दी जाती रही है. लेकिन अगर छाले लंबे समय तक ठीक न हों तो चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है.
कैसे करें मेहंदी का इस्तेमाल
वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति के मुताबिक मेहंदी की ताजी पत्तियों को पीसकर लेप तैयार किया जा सकता है, वहीं सूखी पत्तियों का पाउडर भी इस्तेमाल में लाया जाता है. लेकिन किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति को मेहंदी से एलर्जी है तो उसे इसका इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए.
बरतें ये सावधानियां
वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति सलाह देते हैं कि बाजार में मिलने वाली केमिकल युक्त काली मेहंदी यानी ब्लैक हेना का इस्तेमाल त्वचा पर करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे एलर्जी और जलन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. हमेशा प्राकृतिक मेहंदी का ही इस्तेमाल करना बेहतर है. साथ ही किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज सिर्फ घरेलू नुस्खों के भरोसे न करें, बल्कि डॉक्टर की सलाह जरूर लें.











