अगर कुछ भी खाते या पीते समय मुंह में तेज दर्द उठता है और यह तकलीफ रोज की जिंदगी को प्रभावित करने लगी है, तो इसकी वजह मुंह के छाले हो सकते हैं। ये छाले देखने में भले ही बहुत छोटे लगें, लेकिन इनकी वजह से बोलना, खाना चबाना और यहां तक कि पानी पीना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार यह तकलीफ इतनी बढ़ जाती है कि लोग कई-कई दिनों तक ठीक से खाना नहीं खा पाते। राहत की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में ये छाले अपने आप कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन तब तक दर्द और जलन को कम करने के लिए घर में मौजूद कुछ चीजों का सहारा लिया जा सकता है। इनमें से कई चीजों में ऐसे प्राकृतिक गुण होते हैं जो मुंह की सूजन, जलन और संक्रमण को घटाने में मदद करते हैं।
आखिर मुंह में छाले होते क्यों हैं
छाले होने के पीछे कोई एक वजह नहीं होती, बल्कि कई कारण एक साथ जिम्मेदार हो सकते हैं। शरीर में विटामिन बी12, आयरन या फोलिक एसिड की कमी इसकी एक बड़ी वजह मानी जाती है। इसके अलावा ज्यादा तनाव, शरीर के हार्मोन में बदलाव, मुंह के अंदर किसी वजह से चोट लग जाना या शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर पड़ जाना भी छालों को जन्म दे सकता है। घरेलू उपाय इस दर्द और जलन में राहत तो देते हैं, लेकिन अगर छाले ठीक होने का नाम ही न लें और लंबे समय तक बने रहें, तो घर पर उपाय आजमाने के बजाय डॉक्टर को दिखाना ही सही रहता है।
नमक के पानी से कुल्ला सबसे भरोसेमंद तरीका
छालों में सबसे ज्यादा आजमाया जाने वाला नुस्खा नमक के पानी से कुल्ला करना ही है। नमक में मौजूद सोडियम क्लोराइड शरीर के लिए कोई अनजाना तत्व नहीं है, फिर भी जब इसे पानी में घोलकर कुल्ला किया जाता है तो यह मुंह में मौजूद जरूरत से ज्यादा बैक्टीरिया की संख्या को नियंत्रित करने में मदद करता है। नमक में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्म जीवों को पनपने से रोकते हैं। इतना ही नहीं, नमक वाला पानी छाले के आसपास जमा गंदगी को साफ करने और सूजन को घटाने में भी कारगर साबित होता है, जिससे दर्द में धीरे-धीरे कमी महसूस होने लगती है।
शहद से मिलेगा दर्द में आराम
शहद को छालों के लिए बरसों पुराना और भरोसेमंद उपाय माना जाता रहा है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी दोनों तरह के गुण मौजूद होते हैं, जो बैक्टीरिया की संख्या घटाकर सूजन को कम करने में मदद करते हैं। शहद में पाई जाने वाली प्राकृतिक शर्करा और बाकी तत्व छाले वाली जगह पर एक तरह की सुरक्षात्मक परत बना देते हैं, जिससे बाहरी हवा और खाने-पीने की चीजों से होने वाली जलन कम महसूस होती है। इसके साथ ही शहद में मौजूद कुछ एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर के लिए भी फायदेमंद साबित होते हैं।
नारियल तेल भी दिलाएगा राहत
नारियल तेल में पाया जाने वाला लॉरिक एसिड इसका सबसे अहम गुण माना जाता है, जो बैक्टीरिया और सूजन दोनों से लड़ने में मदद करता है। जब यह तेल छाले वाली जगह पर लगाया जाता है, तो यह उस हिस्से को नम बनाए रखता है। मुंह की त्वचा जब सूखी हो जाती है तो जलन ज्यादा महसूस होती है, इसलिए नमी बने रहने से दर्द में कमी आती है। हालांकि हर किसी की त्वचा एक जैसी नहीं होती, इसलिए अगर तेल लगाने के बाद जलन या तकलीफ बढ़ती महसूस हो, तो इसे तुरंत इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए।
बेकिंग सोडा से कम होगी जलन
कुछ लोग मुंह के छालों में बेकिंग सोडा का भी इस्तेमाल करते हैं। इसमें मौजूद सोडियम बाइकार्बोनेट मुंह के अंदर के अम्लीय स्तर को संतुलित करने में मदद करता है। जब मुंह के अंदर का वातावरण जरूरत से ज्यादा अम्लीय हो जाता है, तो जलन और दर्द दोनों बढ़ने लगते हैं। बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर इस्तेमाल करने से मुंह का पीएच स्तर सामान्य बना रहता है, जिसकी वजह से छाले वाली जगह पर होने वाली जलन में कमी महसूस होती है।
बर्फ या ठंडा पानी भी आएगा काम
दर्द से तुरंत राहत चाहिए तो बर्फ या ठंडा पानी भी असरदार साबित हो सकता है। ठंडक से उस जगह की नसें कुछ समय के लिए कम संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे दर्द का एहसास घट जाता है। हालांकि बर्फ को सीधे छाले पर ज्यादा देर तक टिकाकर नहीं रखना चाहिए, इससे नुकसान भी हो सकता है। अगर छाले दो हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक होने का नाम न लें, तो देर किए बिना डॉक्टर से जांच करानी चाहिए, क्योंकि लंबे समय तक बने रहने वाले छाले किसी और वजह का संकेत भी हो सकते हैं।











