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सिर पर चोट लगने के बाद सामान्य दिखने वाले लोग भी हो सकते हैं गंभीर, डॉक्टर गौरव कक्कड़ ने दी चेतावनीस्वास्थ्य
23 अग॰ 2026, 7:38 am (1 घंटे पहले)· 2

सिर पर चोट लगने के बाद सामान्य दिखने वाले लोग भी हो सकते हैं गंभीर, डॉक्टर गौरव कक्कड़ ने दी चेतावनी

फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के डॉक्टर गौरव कक्कड़ के अनुसार, सिर पर चोट लगने के बाद मरीज का सामान्य दिखना पूरी तरह सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है। अंदरूनी ब्लीडिंग और सूजन कुछ घंटों बाद जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

फरीदाबाद में सिर पर चोट लगने के बाद यदि कोई व्यक्ति हंसता-बोलता और पूरी तरह सामान्य नजर आता है, तो भी उसे सुरक्षित नहीं माना जा सकता है। कई बार सिर की चोट के तुरंत बाद दिमाग के अंदर होने वाली ब्लीडिंग या सूजन के लक्षण साफ तौर पर दिखाई नहीं देते हैं। मरीज कुछ घंटों तक बिल्कुल ठीक महसूस कर सकता है, लेकिन बाद में उसकी हालत तेजी से बिगड़ सकती है। ऐसी स्थिति में तेज सिरदर्द, उल्टी, बहुत ज्यादा नींद आना या व्यवहार में अचानक बदलाव जैसे लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

दिमाग के अंदर हो सकती है गंभीर अंदरूनी ब्लीडिंग

अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के न्यूरो-एनेस्थीसिया एंड न्यूरोक्रिटिकल केयर विभाग के सीनियर कंसल्टेंट एंड लीड डॉ. गौरव कक्कड़ ने बातचीत के दौरान बताया कि चोट लगने के बाद दिमाग के भीतर ब्लीडिंग होना एक सामान्य और बेहद गंभीर आशंका है। इस विषय पर समाज में बहुत अधिक जागरूकता की आवश्यकता है। सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि मस्तिष्क के अंदर होने वाली यह ब्लीडिंग कई बार बाहर से बिल्कुल नजर नहीं आती है। इसके बारे में समय रहते पता चलना बहुत जरूरी है, क्योंकि यदि समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकती है।

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सामान्य दिखने के बाद भी क्यों खतरनाक होती है सिर की चोट

डॉ. गौरव कक्कड़ का कहना है कि सिर की चोटें इसीलिए सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती हैं, क्योंकि दिमाग के भीतर लगी चोट हादसे के एक-दो घंटे बाद या कई घंटों के अंतराल पर मस्तिष्क में सूजन पैदा कर सकती है। इसका परिणाम यह होता है कि बाहर से पूरी तरह सामान्य दिखने वाला व्यक्ति कुछ ही घंटों के भीतर बेहोश हो सकता है। उस वक्त तक स्थिति को संभालने के लिए बहुत कम समय बचता है। मस्तिष्क की चोट का इलाज समय रहते किया जाना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

चोट लगने के बाद कब शुरू होती है ब्लीडिंग

डॉ. गौरव कक्कड़ के अनुसार, सिर पर लगने वाली चोटों के मामले में विभिन्न प्रकार की ब्लीडिंग देखने को मिलती हैं। कुछ ब्लीडिंग ऐसी होती हैं, जो चोट लगने के साथ ही तुरंत अंदर हो जाती हैं, जबकि कुछ ब्लीडिंग चोट लगने के वक्त शुरू होती हैं और उसके कुछ घंटों बाद तक लगातार बढ़ती रहती हैं। इस तरह की सभी ब्लीडिंग बेहद खतरनाक श्रेणी में आती हैं। सिर पर लगने वाली हर तरह की चोट और ब्लीडिंग को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसलिए हमेशा जागरूक रहें और तुरंत अस्पताल पहुंचें। व्यक्ति भले ही पूरी तरह सामान्य क्यों न दिखाई दे रहा हो, तब भी किसी बड़े अस्पताल में जाकर न्यूरो डॉक्टर से अपनी जांच और इलाज करवाना बेहद आवश्यक है।

बाहर से सामान्य दिखने वाला मरीज अंदर से हो सकता है गंभीर

डॉ. गौरव कक्कड़ बताते हैं कि अधिकांश मामलों में सिर पर लगने वाली चोटें सामान्य होती हैं और ईश्वर की कृपा से उनमें ज्यादा नुकसान नहीं होता है। हालांकि, लगभग 15 से 20 प्रतिशत चोटें ऐसी होती हैं जो अत्यधिक गंभीर प्रकृति की होती हैं। इनमें से कई मामले ऐसे होते हैं जो ऊपर से बिल्कुल सामान्य दिखते हैं, लेकिन भीतर से बहुत गंभीर स्थिति पैदा कर चुके होते हैं। यदि ऐसा कोई मरीज डॉक्टर से एक बार सलाह लेकर वापस भी लौट जाता है और मेडिकल भाषा में जिन्हें रेड फ्लैग्स कहा जाता है, उन संकेतों का पालन नहीं करता है, तो वह अचानक से कोलैप्स भी कर सकता है। जब मस्तिष्क में सूजन अचानक से बढ़ जाती है, तो यह स्थिति मरीज के लिए घातक बन सकती है।

खान-पान से जुड़े भ्रम और वैज्ञानिक सच्चाई

सिर पर चोट लगने के बाद खान-पान को लेकर समाज में कई तरह की बातें फैलाई जाती हैं, जैसे कि चावल नहीं खाना चाहिए, दही से परहेज करना चाहिए या फिर कोई भी खट्टी चीज और अचार नहीं खाना चाहिए। इस बारे में डॉ. गौरव कक्कड़ स्पष्ट करते हैं कि मेडिकल साइंस में इन बातों का कोई आधार नहीं है। भोजन का सिर की चोट पर ऐसा कोई भी नकारात्मक वैज्ञानिक प्रभाव नहीं पड़ता है। इसे पूरी तरह अंधविश्वास तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसका आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, सावधानी के तौर पर सिर की चोट वाले पीड़ित को अस्पताल पहुंचने और डॉक्टर द्वारा जांच व इलाज किए जाने से पहले कुछ भी खाने-पीने को नहीं देना चाहिए। इसकी वजह यह है कि मरीज को उल्टी आ सकती है या वह बेहोश हो सकता है, और ऐसे में खाने-पीने की चीजें उसकी सांस की नली में जाकर गंभीर रुकावट पैदा कर सकती हैं। सिर की चोट चाहे बाहर से कितनी भी मामूली क्यों न प्रतीत हो, हमेशा डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

सिर की चोट से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

डॉ. गौरव कक्कड़ का मानना है कि सिर की चोट एक ऐसी समस्या है जो काफी विकराल रूप ले सकती है। इस दिशा में एक मुख्य स्लोगन अपनाया गया है कि सिर सलामत तो घर सलामत। सिर की चोटों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ आसान सी बातों को अपने जीवन में उतारना होगा। सबसे पहले, जब भी दोपहिया वाहन चलाएं तो अपने सिर पर हेलमेट का इस्तेमाल जरूर करें। यदि आप साइकिल चला रहे हैं, तो तेज रफ्तार वाले वाहनों की सड़क से दूरी बनाए रखें और साइकिल चलाते वक्त भी सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट पहन सकते हैं। इसके अलावा, दोपहिया या चार पहिया वाहन चलाते समय सड़क के सभी यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। कभी भी गलत दिशा यानी रॉन्ग साइड में गाड़ी न चलाएं और रेड लाइट बिल्कुल न तोड़ें।

कम उम्र के बच्चों और नाबालिगों को वाहन देना एक बहुत बड़ा खतरा है। डॉ. गौरव कक्कड़ बताते हैं कि आजकल अक्सर देखने को मिलता है कि छोटे बच्चों और नाबालिगों के हाथों में स्कूटर या मोटरसाइकिल थमा दी जाती है, जो कि अपने आप में एक कानूनी अपराध है। उन बच्चों में इतनी मानसिक परिपक्वता नहीं होती है। वे अमूमन हेलमेट पहनना जरूरी नहीं समझते और तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं। आए दिन अस्पतालों में ऐसे नाबालिग बच्चे पहुंचते हैं जो हाई स्पीड दुर्घटना का शिकार होकर गंभीर सिर की चोट झ़ेल रहे होते हैं।

इसके अलावा, शराब या किसी भी प्रकार के नशे का सेवन करके कभी भी साइकिल, दोपहिया वाहन या कार नहीं चलानी चाहिए। छोटे बच्चों के मामले में यह भी देखा गया है कि वे छतों, रेलिंगों या बालकनी से नीचे गिरकर सिर की चोट का शिकार बन जाते हैं। इसलिए हमेशा छोटे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। बालकनी को बंद रखें या फिर अगर बालकनी खुली हुई है, तो उसमें मजबूत जाली लगवाएं, ताकि बच्चों के गिरने की घटनाओं को रोका जा सके। सिर सलामत तो घर सलामत, इस महत्वपूर्ण संदेश को हमें अपने दैनिक जीवन में जरूर अपनाना चाहिए।

सवाल-जवाब

सिर पर चोट लगने के बाद सामान्य दिखने पर भी अस्पताल क्यों जाना चाहिए?
चोट लगने के कुछ घंटों बाद दिमाग के अंदर ब्लीडिंग या सूजन बढ़ सकती है, जो बाद में जानलेवा साबित हो सकती है।
सिर की चोट के बाद कौन से मुख्य लक्षण नजरअंदाज नहीं करने चाहिए?
तेज सिरदर्द, उल्टी, बहुत ज्यादा नींद आना और व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या सिर की चोट के बाद चावल या खट्टी चीजें खाने से नुकसान होता है?
मेडिकल साइंस के अनुसार खाने-पीने की चीजों का चोट पर कोई वैज्ञानिक प्रभाव नहीं पड़ता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह से पहले कुछ भी खिलाना-पिलाना खतरनाक हो सकता है।
सिर की चोट से बचने के लिए क्या मुख्य सावधानियां रखनी चाहिए?
वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें, यातायात नियमों का पालन करें, नशे में गाड़ी न चलाएं और बच्चों को बालकनी व छतों से दूर रखें।
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