बरसात का मौसम आते ही खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि इस दौरान हमारा पाचन तंत्र काफी संवेदनशील हो जाता है। बहुत से लोगों को अपने भोजन में दही शामिल करना पसंद होता है, लेकिन मानसून के दिनों में इसके साथ कुछ विशेष चीजें खाने से बचना चाहिए। ऐसा न करने पर पेट खराब होने, गैस, एसिडिटी और बदहजमी जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
1. ज्यादा तला-भुना और तेलीय भोजन
बारिश के दिनों में पकौड़े और समोसे खाने का शौक किसे नहीं होता, लेकिन इन्हें दही के साथ खाना सेहत के लिए भारी पड़ सकता है। जरूरत से ज्यादा तेलीय और तली-भुनी चीजें हमारे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। यदि आपका पेट पहले से ही नाजुक है, तो यह मेल आपके लिए भारी तकलीफ का सबब बन सकता है। इसलिए स्वाद के फेर में पड़कर अत्यधिक तली-भुनी चीजों को दही के साथ खाने से हमेशा तौबा करें।
2. खट्टे फलों का अत्यधिक सेवन
दही के साथ संतरा, नींबू और मौसमी जैसे खट्टे फलों का मेल कई लोगों के शरीर को रास नहीं आता है। इन खट्टी चीजों को एक साथ खाने से पेट में जलन, गैस और भारीपन जैसी दिक्कतें सिर उठा सकती हैं। हालांकि हर इंसान का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है, लेकिन यदि किसी खास संयोजन से आपको बार-बार परेशानी महसूस होती है, तो इन्हें अलग-अलग समय पर खाना ही समझदारी है।
3. अत्यधिक मसालेदार और तीखा खाना
भारतीय खानपान में दही को अक्सर तीखी और मसालेदार डिशेज के साथ परोसा जाता है, मगर जरूरत से ज्यादा मिर्च-मसाले वाला भोजन पेट को असहज कर सकता है। मानसून के दौरान जब पाचन क्रिया थोड़ी सुस्त पड़ जाती है, तब बहुत अधिक तीखा खाने से पेट में जलन या अपच की शिकायत आम हो जाती है। इसके मुकाबले दही के साथ हमेशा हल्का और संतुलित भोजन ही चुनना चाहिए।
4. बहुत अधिक चीनी या मीठी चीजें
दही में चीनी मिलाकर खाना बहुत से लोगों की पुरानी आदत है, लेकिन इसमें जरूरत से ज्यादा मीठा मिलाना सेहत के लिए ठीक नहीं होता। अत्यधिक चीनी का नियमित सेवन पाचन को नुकसान पहुंचा सकता है। स्वाद में बदलाव लाने के लिए आप सीमित मात्रा में ताजे फल या थोड़े से मेवे मिला सकते हैं, बशर्ते आप मात्रा का पूरा ध्यान रखें।
5. लंबे समय से रखा हुआ पुराना दही
बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा जरूरी बात यह है कि दही हमेशा ताजा होना चाहिए। ज्यादा समय से रखे हुए या ठीक से स्टोर न किए गए डेयरी उत्पादों का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग और पेट खराब होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। पुराने दही को नए दही के साथ मिलाने के बजाय हमेशा जरूरत के अनुसार ताजा दही ही इस्तेमाल करना चाहिए।
दही खाते समय इन खास बातों का रखें ख्याल
दही हमेशा साफ बर्तनों में और सही तापमान पर रखा जाना चाहिए। यदि दही की गंध या स्वाद में जरा सा भी बदलाव महसूस हो, तो उसे तुरंत छोड़ देना बेहतर है। बाजार से खरीदे गए डेयरी उत्पादों की पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट को भी अच्छी तरह जांच लें। इसके अलावा, बरसात के दिनों में बाहर का कटा हुआ फल और खुला हुआ खाना खाने से भी परहेज करना चाहिए।



















