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फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉक्टर धीरजा बब्बर से जानिए क्यों होता है फ्रोजन शोल्डर और अचानक हाथ खींचना क्यों है खतरनाकस्वास्थ्य
12 सित॰ 2026, 7:23 am (3 घंटे पहले)· 0

फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉक्टर धीरजा बब्बर से जानिए क्यों होता है फ्रोजन शोल्डर और अचानक हाथ खींचना क्यों है खतरनाक

कंधे की जकड़न और गंभीर दर्द के कारण दैनिक कार्यों में आ रही रुकावट फ्रोजन शोल्डर का संकेत हो सकती है, जिससे निपटने के लिए थेरेपी और सही देखभाल बेहद जरूरी है।

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कंधे में तेज दर्द होना, हाथ उठाने में असमर्थता महसूस करना या हाथ को पीछे की तरफ ले जाने में अत्यधिक कठिनाई होना एक बहुत ही आम समस्या बन चुकी है। शुरुआत में लोग इसे मामूली थकान या खिंचाव मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि रोजमर्रा के बेहद साधारण काम भी पहाड़ जैसे लगने लगते हैं। सुबह उठकर अपने बालों में कंघी करना, अपने पसंदीदा कपड़े पहनना या पीठ के पीछे हाथ ले जाना भी एक दर्दनाक संघर्ष बन जाता है। इस शारीरिक स्थिति को चिकित्सा विज्ञान की भाषा में आमतौर पर फ्रोजन शोल्डर के नाम से जाना जाता है। इस बीमारी के गंभीर होने पर मरीजों को अपने सामान्य काम करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता है। आखिर यह फ्रोजन शोल्डर क्या है, इसके शुरुआती लक्षणों को समय रहते कैसे पहचाना जा सकता है, प्रभावित हाथ ऊपर क्यों नहीं उठ पाता और इस पूरे मामले में फिजियोथेरेपी की क्या भूमिका है, इन सभी महत्वपूर्ण सवालों के विस्तृत जवाब समझना बेहद आवश्यक है।

फ्रोजन शोल्डर के शुरुआती लक्षण और पहचान

कंधे की इस तकलीफदेह स्थिति को समझने के लिए इसके लक्षणों की सही पहचान होना सबसे ज्यादा जरूरी है। फरीदाबाद स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल में फिजियोथेरेपी और पुनर्वास विभाग की ग्रुप हेड डॉक्टर धीरजा बब्बर बताती हैं कि जब कंधे के जोड़ में असामान्य टाइटनेस यानी जकड़न महसूस होने लगे, तो यह इस बीमारी की शुरुआत हो सकती है। मरीज को कंधे के हिस्से में लगातार हल्का या तेज दर्द बना रहता है, और वहां एक अजीब सा दबाव और भारीपन महसूस होता है। उन्होंने बताया कि जब मरीज को अपने बाल संवारने में तकलीफ होने लगे, कपड़े पहनने या उतारने में अत्यधिक जोर लगाना पड़े, तो इन लक्षणों को हल्के में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। यह स्थिति दर्शाती है कि कंधे का जोड़ अपनी स्वाभाविक लचीलापन खो रहा है। इसके अलावा, पुरुषों या महिलाओं को अपनी पिछली जेब से वॉलेट निकालने या पीठ के पीछे किसी चीज को छूने में भी असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है, जो स्पष्ट रूप से फ्रोजन शोल्डर की ओर इशारा करता है।

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डायबिटीज और अचानक लगी चोट से बढ़ता है खतरा

इस बीमारी के पनपने के पीछे कई शारीरिक और चिकित्सीय कारण जिम्मेदार होते हैं। डॉक्टर धीरजा बब्बर के अनुसार, जो लोग डायबिटीज यानी मधुमेह और थायराइड जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं, उनमें फ्रोजन शोल्डर होने की आशंका कई गुना अधिक बढ़ जाती है। इन बीमारियों में शरीर के जोड़ों के आसपास के ऊतकों में बदलाव आने लगता है, जिससे जकड़न बढ़ती है। इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति के कंधे की कोई सर्जरी हुई हो, या उसे अतीत में कोई गंभीर चोट लगी हो जिसके कारण लंबे समय तक कंधे की कोई गतिविधि न हुई हो, तो भी यह समस्या धीरे-धीरे फ्रोजन शोल्डर का रूप ले लेती है। जब कंधे का जोड़ लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है, तो उसके आसपास का कैप्सूल सिकुड़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप हाथ ऊपर उठाना लगभग असंभव हो जाता है और दैनिक जीवन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि में बाधा आने लगती है।

क्या यह समस्या अपने आप ठीक हो सकती है?

आम लोगों में अक्सर यह गलतफहमी होती है कि कंधे का यह दर्द समय के साथ अपने आप पूरी तरह ठीक हो जाएगा। इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करते हुए डॉक्टर धीरजा बब्बर बताती हैं कि फ्रोजन शोल्डर की बीमारी अपने आप आसानी से या जल्दी ठीक नहीं होती है। यह एक बेहद जटिल और लंबा समय लेने वाली प्रक्रिया है। इसमें जैसे-जैसे मरीज सही तरीके से और नियमित रूप से कंधे का मूवमेंट शुरू करता है, वैसे-वैसे जोड़ में सुधार आना शुरू होता है। इस पूरी रिकवरी प्रक्रिया में फिजियोथेरेपी का योगदान सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण माना जाता है। कंधे की खोई हुई गतिशीलता को वापस लाने और दर्द को नियंत्रित करने में फिजियोथेरेपी एक बेहद प्रभावी और मुख्य भूमिका निभाती है, जिसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

जकड़े कंधे को जोर से खींचने के गंभीर खतरे और रिकवरी का समय

अक्सर देखा जाता है कि लोग कंधे की जकड़न को दूर करने के लिए घरेलू नुस्खे अपनाते हुए हाथ को अचानक या बहुत जोर से खींचने की कोशिश करते हैं। डॉक्टर धीरजा बब्बर ने इस तरह के प्रयासों को बेहद खतरनाक बताते हुए चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जकड़े हुए कंधे को बलपूर्वक खींचने से मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव आ सकता है और अंदरूनी मसल्स फट भी सकती हैं। फ्रोजन शोल्डर का इलाज एक बहुत ही धीमी और संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसमें शरीर धीरे-धीरे बदलावों को स्वीकार करता है और धीरे-धीरे ही रिकवरी की दिशा में आगे बढ़ता है। इसके लिए कुछ खास और सुरक्षित एक्सरसाइज तैयार की गई हैं, जिनकी मदद से कंधा धीरे-धीरे खुलने लगता है और दर्द का स्तर भी कम हो जाता है। यदि मरीज को गंभीर शुगर की समस्या है, तो उसे ठीक होने में काफी लंबा समय लग सकता है। नियमित रूप से सही एक्सरसाइज करने पर कुछ मरीज जहां एक महीने के भीतर सामान्य हो जाते हैं, वहीं कुछ गंभीर मामलों में पूरी तरह ठीक होने में एक साल तक का समय भी लग सकता है।

रात के समय दर्द का बढ़ना और डॉक्टर से संपर्क करने की सही सलाह

फ्रोजन शोल्डर से पीड़ित मरीजों की एक बड़ी शिकायत यह होती है कि उन्हें दिन की तुलना में रात के समय ज्यादा तकलीफ होती है। डॉक्टर धीरजा बब्बर बताती हैं कि आमतौर पर जब मरीज दिनभर शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं या अत्यधिक मूवमेंट करते हैं, तब तो दर्द होता ही है, लेकिन रात में सोने के दौरान यह दर्द असहनीय स्तर पर पहुंच जाता है। करवट बदलने या कंधे पर थोड़ा भी दबाव पड़ने से नींद टूट जाती है। उन्होंने सलाह दी है कि यदि आपको महसूस हो रहा है कि आपका कंधा लगातार जाम होता जा रहा है और सामान्य हाथ हिलाना भी मुश्किल हो गया है, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच कराना इसलिए जरूरी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह समस्या केवल फ्रोजन शोल्डर की है या इसके पीछे कंधे की कोई और गंभीर बीमारी छिपी हुई है। डॉक्टर बब्बर के पास प्रतिदिन औसतन 10 से 12 मरीज इसी गंभीर समस्या को लेकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

सवाल-जवाब

फ्रोजन शोल्डर के मुख्य लक्षण क्या हैं?
इसके मुख्य लक्षणों में कंधे में लगातार दर्द, जकड़न, भारीपन, हाथ उठाने में कठिनाई और बाल संवारने या कपड़े पहनने में तकलीफ होना शामिल है।
क्या डायबिटीज और थायराइड से फ्रोजन शोल्डर का खतरा बढ़ता है?
हाँ, डायबिटीज और थायराइड के मरीजों में कंधे के जोड़ के कैप्सूल के सख्त होने की संभावना अधिक होती है, जिससे फ्रोजन शोल्डर का खतरा बढ़ जाता है।
क्या जकड़े हुए कंधे को बलपूर्वक खींचना सुरक्षित है?
बिल्कुल नहीं, जकड़े हुए कंधे को अचानक या जोर से खींचने से मांसपेशियां फट सकती हैं और कंधे के लिगामेंट्स को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
फ्रोजन शोल्डर को पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लगता है?
यह मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। नियमित एक्सरसाइज से कुछ लोग एक महीने में ठीक हो जाते हैं, जबकि गंभीर मामलों में एक साल तक का समय लग सकता है।
फ्रोजन शोल्डर का दर्द रात में क्यों बढ़ जाता है?
दिनभर की गतिविधियों के बाद जोड़ थक जाते हैं और सोते समय कंधे पर सीधा दबाव पड़ने या अनुचित मुद्रा के कारण रात में दर्द काफी तेज हो जाता है।
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