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राजस्थान के बूंदी में ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद महिला की जान गई, एक माह में दूसरी घटना से परिजनों में फूटा गुस्सास्वास्थ्य
21 अग॰ 2026, 7:15 pm (67 दिन पहले)· 1

राजस्थान के बूंदी में ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद महिला की जान गई, एक माह में दूसरी घटना से परिजनों में फूटा गुस्सा

बूंदी के जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने से महिला की मौत हो गई। एक ही महीने में दूसरी प्रसूता की मौत से गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है।

राजस्थान के बूंदी जिले स्थित मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में इलाज के दौरान एक महिला की दुखद मौत हो गई। सिजेरियन डिलीवरी के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने और कोटा स्थानांतरित किए जाने पर महिला ने दम तोड़ दिया। जिले के मुख्य अस्पताल में पिछले तीस दिनों के भीतर किसी नवप्रसूता की मौत का यह दूसरा मामला सामने आया है। इस घटना के बाद मृतक महिला के परिजनों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।

प्रसव के बाद बिगड़ी हालत और कोटा किया गया रेफर

पीड़ित परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक गैंडोली गांव की रहने वाली सोनिया अपने मायके आई हुई थी। प्रसव पीड़ा उठने पर उसके परिजन उसे तुरंत बूंदी के मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने महिला का सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के बाद सोनिया ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। हालांकि नवजात शिशु के जन्म के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

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परिजनों का दावा है कि शल्य चिकित्सा के दौरान लगाए गए टांकों से लगातार खून का रिसाव हो रहा था। अस्पताल में मौजूद चिकित्साकर्मियों द्वारा समय पर ध्यान न दिए जाने की वजह से महिला का BP बहुत तेजी से नीचे गिर गया। स्थिति बेकाबू होते देख वहां के डॉक्टरों ने आनन फानन में मरीज को कोटा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। हालांकि कोटा ले जाने के बाद इलाज के दौरान ही सोनिया ने अंतिम सांस ली।

कोतवाली थाने में डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

इस घटना से आक्रोशित होकर मृतका के पति राजू तथा अन्य परिजनों ने कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। अपनी शिकायत में परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मोबीन अख्तर और एक अन्य स्वास्थ्य कर्मी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। मृतका के पति राजू का कहना है कि कोटा मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि यदि बूंदी अस्पताल में समय रहते ब्लीडिंग रोकने और देखभाल का सही प्रबंध किया गया होता तो सोनिया को बचाया जा सकता था।

परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑपरेशन की गड़बड़ी से मरीज के फेफड़ों में पानी भर गया था। इसके अतिरिक्त बच्चेदानी में कट लगने के कारण शरीर के अंदरूनी हिस्से में खून जमा हो गया और स्थिति बिगड़ने पर गुर्दे ने काम करना बंद कर दिया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी छानबीन आरंभ कर दी है।

अस्पताल प्रशासन ने बिठाई उच्चस्तरीय जांच समिति

एक ही माह में दो प्रसूताओं की मौत से बूंदी जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और वहां मौजूद चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों के भारी विरोध के बीच अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए PMO ने निष्पक्ष और गहन पड़ताल के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ड्यूटी पर तैनात संबंधित डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की विभागीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

सवाल-जवाब

यह दुखद घटना कहां हुई है?
यह घटना राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई (MCH जिला अस्पताल) में हुई।
परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप किस पर लगाया है?
परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मोबीन अख्तर और एक अन्य स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ पुलिस में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत क्यों बिगड़ी?
परिजनों के अनुसार सिजेरियन ऑपरेशन के टांकों से लगातार ब्लीडिंग होती रही, जिससे उनका ब्लड प्रेशर तेजी से गिर गया।
अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
PMO ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है और विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
गंभीर स्थिति में महिला को कहां स्थानांतरित किया गया था?
हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने महिला को कोटा मेडिकल कॉलेज रेफर किया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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