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शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने के लिए खाएं ये पोषक तत्व, डॉक्टर शुभम वात्स्य ने दिए डाइट टिप्सस्वास्थ्य
30 जुल॰ 2026, 2:06 am (1 घंटे पहले)· 0

शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने के लिए खाएं ये पोषक तत्व, डॉक्टर शुभम वात्स्य ने दिए डाइट टिप्स

ब्लड रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन कम आने पर थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। डॉक्टर शुभम वात्स्य के अनुसार सही आहार चुनकर रक्त में आयरन की मात्रा आसानी से बढ़ाई जा सकती है।

मानव शरीर के हर अंग तक ऑक्सिजन पहुंचाने में हीमोग्लोबिन नाम का प्रोटीन बेहद अहम भूमिका निभाता है। जब फेफड़े सांस के जरिए ऑक्सिजन अंदर खींचते हैं, तो हीमोग्लोबिन ही उसे शरीर के विभिन्न अंगों तक ट्रांसफर करता है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वात्स्य के अनुसार, जब रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, तो शरीर में थकान, कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना, त्वचा में पीलापन आना और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने लगती हैं। इस स्थिति से निपटने और रक्त में आयरन का स्तर सुधारने के लिए दैनिक खानपान में सही और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है।

शाकाहारी डाइट के लिए दालें और राजमा

यदि आप शाकाहारी हैं और शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में चना दाल, राजमा, लोबिया और विभिन्न बीन्स को प्रमुखता से शामिल करें। ये खाद्य पदार्थ शाकाहारी लोगों के लिए बेहतरीन ब्लड बिल्डिंग फूड्स माने जाते हैं। इनमें आयरन के साथ-साथ प्रोटीन, आवश्यक खनिज, डाइटरी फाइबर और फोलेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है। हालांकि, दालों और फलियों में फाइटैट्स नाम के यौगिक भी मौजूद होते हैं, जो आंतों में आयरन के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा या कम कर सकते हैं। इसलिए, दालों और बीन्स का सेवन करने से पहले उन्हें पानी में अच्छी तरह भिगोकर रखना चाहिए, जिससे फाइटैट्स का असर कम हो सके और शरीर आयरन को आसानी से सोख सके।

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लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में बीटरूट का असर

हीमोग्लोबिन के कम स्तर को प्राकृतिक रूप से दुरुस्त करने में बीटरूट बेहद असरदार माना जाता है। बीटरूट में फोलेट की प्रचुर मात्रा होती है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण और विकास तेजी से करने में मदद करती है। इसके अलावा, बीटरूट में प्राकृतिक नाइट्रेट्स पाए जाते हैं, जो शरीर के भीतर नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण बढ़ाते हैं। नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त वाहिकाओं को दुरुस्त रखता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है। बीटरूट को अपनी दैनिक डाइट में सलाद या सब्जी के रूप में शामिल करना बेहद फायदेमंद होता है।

आयरन के अवशोषण के लिए विटामिन सी से भरपूर आहार

आयरन से भरपूर चीजों का सेवन करना ही काफी नहीं होता, बल्कि यह भी जरूरी है कि हमारा शरीर उस आयरन को सही तरीके से सोख सके। इस काम में विटामिन सी एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक के रूप में काम करता है। विटामिन सी भोजन में मौजूद आयरन को ऐसे रूप में बदल देता है, जिसे पेट और आंतें आसानी से अवशोषित कर सकें। इसलिए, अगर आप शाकाहारी भोजन लेते हैं, तो अपनी डाइट में आंवला, अमरूद, संतरा, नींबू, टमाटर और कीवी जैसे विटामिन सी से समृद्ध फलों और सब्जियों को अनिवार्य रूप से शामिल करें।

नट्स, सीड्स और सूखे मेवों की ताकत

आकार में छोटे दिखने वाले नट्स, सीड्स और ड्रायफ्रूट्स शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में बड़े मददगार साबित होते हैं। कद्दू के बीज यानी पम्पकिन सीड्स, तिल के बीज, सनफ्लॉवर सीड्स, बादाम, अखरोट और खजूर पोषक तत्वों के बेहतरीन स्रोत हैं। इनमें आयरन के अलावा मैग्नीशियम, कैल्शियम, कॉपर और पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये सभी तत्व मिलकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ रक्त की गुणवत्ता में भी सुधार लाते हैं।

सवाल-जवाब

लो हीमोग्लोबिन के मुख्य लक्षण क्या हैं?
हीमोग्लोबिन कम होने पर शरीर में थकान, कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना, त्वचा का पीला पड़ना और एनीमिया की समस्या हो सकती है।
दालों और राजमा को पकाने से पहले भिगोना क्यों जरूरी है?
दालों और राजमा में फाइटैट्स पाए जाते हैं जो आयरन का अवशोषण घटाते हैं। भिगोने से फाइटैट्स का प्रभाव कम होता है और शरीर आयरन आसानी से सोख पाता है।
बीटरूट हीमोग्लोबिन बढ़ाने में कैसे मदद करता है?
बीटरूट में फोलेट होता है जो रेड ब्लड सेल्स बढ़ाता है, और इसमें मौजूद नाइट्रेट्स शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर बढ़ाकर ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं।
आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन सी क्यों आवश्यक है?
विटामिन सी आहार से मिलने वाले आयरन को ऐसे रूप में बदल देता है जिसे पेट और आंतें आसानी से सोख सकें, जिससे हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ता है।
हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए कौन से सीड्स और नट्स खाने चाहिए?
पम्पकिन सीड्स, तिल के बीज, सनफ्लॉवर सीड्स, बादाम, अखरोट और खजूर का सेवन करने से शरीर को आयरन के साथ मैग्नीशियम और कैल्शियम मिलता है।
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