फर्रुखाबाद के इस प्राचीन शिव मंदिर में एक साथ होते हैं बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, महाभारत काल से जुड़ा है गहरा इतिहासपुणे प्लांट में बनने लगी लैंड रोवर डिफेंडर, कीमतों में 34 लाख रुपये तक की भारी कटौतीसावन में बेलपत्र चढ़ाने का सही नियम क्या है, एक गलती से बेकार हो सकती है पूजाक्विंस की मेरिनो वूल टी-शर्ट बाजार में क्यों मचा रही है धूमवियतनाम में आर्थिक रफ्तार 2027 तक रहेगी तेज, 11 फीसदी तक पहुंच सकती है विकास दरड्यून: पार्ट थ्री का फाइनल ट्रेलर रिलीज, पॉल अत्रेइदेस और चानी के बीच भयंकर टकराव की झलकयमन से मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद रियाद में धमाके, उधर होर्मुज में तेल टैंकर में लगी आगअमेरिकी डॉलर की मजबूती से टूटा यूरो, तकनीकी स्तर पर 1.1113 का अहम सपोर्ट क्षेत्र बेहद संवेदनशीलऐप्पल ने जारी किया iOS 27.2 अपडेट, सिरी एआई में नई भाषाएं और सुरक्षा पैच शामिलजीमेल और ड्राइव के डेटा से गूगल दिखा रहा विज्ञापन, ऐसे रोकें
सिरदर्द नहीं, न्यूरोलॉजिकल समस्या है माइग्रेन, जानें अजवाइन कैसे दे सकती है राहतस्वास्थ्य
14 जुल॰ 2026, 11:18 pm (105 दिन पहले)· 4

सिरदर्द नहीं, न्यूरोलॉजिकल समस्या है माइग्रेन, जानें अजवाइन कैसे दे सकती है राहत

माइग्रेन का दर्द तनाव, नींद की कमी और पाचन गड़बड़ी जैसी कई वजहों से हो सकता है, ऐसे में भारतीय रसोई की अजवाइन इसके लक्षणों को हल्का करने में सहायक मानी जाती है, हालांकि यह दवा का विकल्प नहीं है।

माइग्रेन सिर्फ आम सिरदर्द नहीं, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल तकलीफ है जो रोजमर्रा के कामकाज को बुरी तरह प्रभावित कर देती है. सिर के एक हिस्से में तेज धड़कन जैसा दर्द उठता है, और साथ में मतली, उल्टी, तेज रोशनी या तेज आवाज से चिढ़ जैसी दिक्कतें भी जुड़ जाती हैं. कई बार यह दर्द चंद घंटों में उतर जाता है, तो कई बार 2 से 3 दिन तक पीछा नहीं छोड़ता. डॉक्टरी सलाह और दवाएं इसमें सबसे भरोसेमंद रास्ता मानी जाती हैं, लेकिन कुछ घरेलू नुस्खे भी लक्षणों को हल्का करने में मददगार माने गए हैं, जिनमें भारतीय रसोई की जानी-पहचानी अजवाइन शामिल है.

माइग्रेन क्यों होता है

विशेषज्ञों के मुताबिक माइग्रेन के पीछे कोई एक वजह नहीं होती. तनाव, नींद पूरी न होना, लंबे समय तक भूखे रहना, शरीर में पानी की कमी, हार्मोन में उतार-चढ़ाव और कुछ खास खाने-पीने की चीजें अलग-अलग लोगों में इसे ट्रिगर कर सकती हैं. यही वजह है कि सिर्फ दवा पर टिके रहने की बजाय डॉक्टर हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने, संतुलित खानपान रखने और अपने ट्रिगर पहचानकर उनसे दूरी बनाने की सलाह देते हैं. जिन लोगों को बार-बार माइग्रेन होता है, उनके लिए अपने ट्रिगर पहचानना इलाज जितना ही जरूरी माना जाता है.

ये भी पढ़ें

अजवाइन में ऐसा क्या है जो राहत दिला सकती है

अजवाइन में थाइमोल नाम का एक प्राकृतिक यौगिक पाया जाता है, जिसे इसका सबसे अहम सक्रिय तत्व माना जाता है. वैज्ञानिक अध्ययनों में थाइमोल के एंटी-इंफ्लेमेटरी यानी सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों का जिक्र मिलता है. ऐसा माना जाता है कि ये गुण शरीर के अंदर सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं पर असर डाल सकते हैं. कुछ लोगों में सूजन ही माइग्रेन के दर्द को बढ़ाने वाले कारकों में गिनी जाती है, इसलिए ऐसी स्थितियों में अजवाइन कुछ हद तक राहत पहुंचा सकती है. हालांकि इसे माइग्रेन का इलाज समझना गलत होगा, यह सिर्फ एक सहायक उपाय भर है.

पाचन तंत्र और दिमाग का सीधा नाता

बहुत कम लोग जानते हैं कि हमारा पाचन तंत्र और दिमाग एक-दूसरे से गहराई से जुड़े होते हैं, जिसे गट-ब्रेन कनेक्शन कहा जाता है. जिन लोगों को गैस, अपच या पेट फूलने जैसी शिकायत बनी रहती है, उनमें ये दिक्कतें कई बार माइग्रेन के दौरे को ट्रिगर कर सकती हैं. अजवाइन का इस्तेमाल पीढ़ियों से पाचन सुधारने के घरेलू नुस्खे के तौर पर होता आया है. यह गैस और पेट के भारीपन जैसी शिकायतें कम करने में मदद कर सकती है, और इस तरह जिन लोगों का माइग्रेन पाचन गड़बड़ी से जुड़ा होता है, उनमें ट्रिगर भी कुछ हद तक कम हो सकते हैं.

माइग्रेन में अजवाइन का इस्तेमाल कैसे करें

दर्द के दौरान कई लोग हल्की गर्म अजवाइन को सूती कपड़े में बांधकर उसकी भाप और खुशबू लेते हैं. माना जाता है कि इसकी तीखी सुगंध सिर के भारीपन से कुछ राहत दिला सकती है. इसके अलावा बहुत से लोग अजवाइन को पानी में उबालकर उसका गुनगुना पानी पीना भी पसंद करते हैं. अगर माइग्रेन की जड़ पाचन संबंधी गड़बड़ी में हो, तो यह तरीका कुछ लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. बहरहाल, हर किसी के शरीर पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है, इसलिए इसे रामबाण उपाय मानकर नहीं चलना चाहिए.

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

अगर माइग्रेन का दर्द बार-बार लौटता है, बहुत तेज होता है या इसके साथ धुंधला दिखाई देना, बोलने में दिक्कत या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी जैसे लक्षण नजर आएं, तो देर किए बिना डॉक्टर से मिलना चाहिए. अजवाइन जैसे घरेलू नुस्खे सिर्फ सहायक भूमिका निभा सकते हैं, इन्हें दवा या विशेषज्ञ की सलाह की जगह कभी नहीं लेना चाहिए.

सवाल-जवाब

माइग्रेन के दौरान अजवाइन का इस्तेमाल कैसे किया जाता है?
कुछ लोग हल्की गर्म अजवाइन को सूती कपड़े में बांधकर उसकी सुगंध लेते हैं, तो कुछ इसे पानी में उबालकर गुनगुना पानी पीते हैं.
अजवाइन माइग्रेन में फायदेमंद क्यों मानी जाती है?
इसमें मौजूद थाइमोल नामक तत्व में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो सूजन से जुड़े कारकों को कम करने में मदद कर सकते हैं.
क्या अजवाइन माइग्रेन का इलाज है?
नहीं, यह सिर्फ एक सहायक घरेलू उपाय है, इसे दवा या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.
माइग्रेन के सामान्य ट्रिगर कौन-से हैं?
तनाव, नींद की कमी, लंबे समय तक खाली पेट रहना, पानी की कमी, हार्मोनल बदलाव और कुछ खास खाद्य पदार्थ इसके ट्रिगर बन सकते हैं.
पाचन तंत्र का माइग्रेन से क्या संबंध है?
गैस, अपच या पेट फूलने जैसी पाचन संबंधी दिक्कतें कई बार माइग्रेन के दौरे को ट्रिगर कर सकती हैं, इसे गट-ब्रेन कनेक्शन कहा जाता है.
माइग्रेन में तुरंत डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर दर्द बार-बार हो, बहुत तेज हो या इसके साथ धुंधला दिखना, बोलने में परेशानी या शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp