नहाते समय शरीर की सफाई का ध्यान तो लगभग हर कोई रखता है, लेकिन शरीर पोंछने के बाद तौलिए की स्वच्छता पर शायद ही किसी का ध्यान जाता है। अक्सर घरों में तौलिए को सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है। लोग एक ही तौलिए को कई दिनों या हफ्तों तक लगातार इस्तेमाल करते रहते हैं और उसे केवल तब धोने के बारे में सोचते हैं जब उसमें से तेज बदबू आने लगती है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि चूंकि वे नहाने के बाद साफ शरीर पोंछ रहे हैं, इसलिए उनका तौलिया भी हमेशा साफ ही रहता है। हालांकि, हाइजीन एक्सपर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक बेहद गलतफहमी है। हर बार शरीर पोंछने पर तौलिए के रेशों में पानी की नमी के साथ-साथ त्वचा की मृत कोशिकाएं, पसीना और प्राकृतिक तेल जमा हो जाते हैं। अगर तौलिया इस्तेमाल के बाद सही तरीके से न सूखे, तो यही नमी और जैविक अवशेष सूक्ष्मजीवों, बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद माहौल तैयार कर देते हैं। यही कारण है कि तौलिए की नियमित धुलाई और रखरखाव सेहत के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
बाथरूम के तौलिए में सूक्ष्मजीव पनपने की असल वजह
जब भी आप नहाने के बाद अपने शरीर को पोंछते हैं, तो पानी सोखने के साथ ही तौलिए के धागों में त्वचा के सूक्ष्म कण और तेल समा जाते हैं। भले ही नहाने के बाद आपकी त्वचा पूरी तरह साफ दिखाई दे रही हो, लेकिन पोंछने की प्रक्रिया में त्वचा की ऊपरी परत से मृत कोशिकाएं झड़कर तौलिए में चली जाती हैं। यदि तौलिया लंबे समय तक नम या गीला बना रहता है, तो ये मृत कोशिकाएं और नमी मिलकर बैक्टीरिया और फंगस के लिए भोजन और रहने की जगह प्रदान करते हैं। बंद और कम हवा वाले बाथरूम में नमी का स्तर बहुत अधिक होता है। ऐसे माहौल में तौलिए के भीतर सूक्ष्मजीव बहुत तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते हैं। खासकर उमस भरे मौसम और बारिश के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि वातावरण में पहले से ही नमी ज्यादा होती है और कपड़े आसानी से नहीं सूखते। इसलिए बरसात और गर्मी के दिनों में तौलिए की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
तौलिए को कितनी बार इस्तेमाल करने के बाद धोना चाहिए?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि एक तौलिए को बिना धोए कितनी बार इस्तेमाल किया जा सकता है। सामान्य तौर पर हाइजीन एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि नहाने वाले तौलिए को तीन से चार बार इस्तेमाल करने के बाद धो लेना चाहिए। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप रोज नहाते हैं और हर दिन एक ही तौलिए का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको हफ्ते में कम से कम दो बार अपने तौलिए की धुलाई जरूर करनी चाहिए। हालांकि, यह नियम हर व्यक्ति के रहन-सहन, माहौल और मौसम के हिसाब से थोड़ा बदल भी सकता है। अगर आपका तौलिया इस्तेमाल के बाद किसी खुली और हवादार जगह पर सुखाया जाता है, जहां धूप और हवा अच्छी तरह मिलती है और वह बहुत जल्दी सूख जाता है, तो उसे कुछ समय तक बिना धोए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके विपरीत, अगर आपके इलाके में बहुत ज्यादा उमस है, आपको पसीना अधिक आता है या बाथरूम में नमी ज्यादा रहती है, तो तौलिए को तीन-चार बार से भी पहले या और जल्दी धोना सेहत के लिए बेहतर होता है।
गीले तौलिए की अनदेखी और बाथरूम में टांगने की गलत आदतें
अधिकांश लोगों की आदत होती है कि वे नहाने के बाद तौलिए को बाथरूम के भीतर लगी किसी कुंडी या खूंटी पर यूं ही टांग कर छोड़ देते हैं। यह आदत सेहत के लिए काफी भारी पड़ सकती है। बाथरूम में हवा का सही प्रवाह या वेंटिलेशन न होने के कारण तौलिया घंटों तक गीला और नम बना रहता है। यही निरंतर बनी रहने वाली नमी बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने के लिए एकदम अनुकूल परिस्थितियां पैदा करती है। तौलिए को सुखाने का सबसे सही तरीका यह है कि इस्तेमाल के तुरंत बाद उसे पूरी तरह फैलाकर किसी हवादार जगह पर डाला जाए। यदि आपके घर में धूप आती है, तो समय-समय पर तौलिए को कड़क धूप में सुखाना भी बहुत फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि प्राकृतिक धूप कई तरह के रोगाणुओं को नष्ट कर देती है। सबसे जरूरी बात यह ध्यान रखनी चाहिए कि गीले तौलिए को कभी भी मोड़कर न रखें और न ही उसे गंदे या साफ कपड़ों के ढेर के नीचे दबाकर छोड़ें। ऐसा करने से तौलिए के अंदर बदबू और बैक्टीरिया बहुत तेजी से फैलते हैं।
त्वचा की सेहत पर गंदे तौलिए का असर और फेस टॉवल की जरूरत
बिना धोए लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाने वाला तौलिया भले ही देखने में साफ लगे, लेकिन अंदर से वह सूक्ष्म रोगाणुओं का घर बन चुका होता है। जब आप इस तरह के तौलिए से अपने शरीर या चेहरे को पोंछते हैं, तो उसमें जमा बैक्टीरिया दोबारा आपकी त्वचा पर स्थानांतरित हो जाते हैं। यदि किसी व्यक्ति को पहले से ही चेहरे पर मुंहासे, फंगल इंफेक्शन, दाद, खुजली या त्वचा में जलन की शिकायत है, तो गंदे तौलिए का इस्तेमाल उसकी परेशानी को कई गुना बढ़ा सकता है। ऐसे लोगों को हमेशा पूरी तरह साफ और सूखा तौलिया ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, एक और महत्वपूर्ण आदत जो हर किसी को अपनानी चाहिए, वह है चेहरे और शरीर के लिए अलग-अलग तौलिए का इस्तेमाल करना। पूरे शरीर को पोंछने वाले तौलिए से चेहरे को पोंछने के बजाय एक छोटा और साफ फेस टॉवल अलग से रखना बहुत जरूरी है। चेहरे की त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक संवेदनशील होती है, इसलिए फेस टॉवल को हमेशा अलग और बेहद साफ रखना चाहिए।
बदबू आने पर सिर्फ परफ्यूम न छिड़कें, सही तरीके से करें धुलाई
जब तौलिए से सीलन, नमी या बासीपन जैसी गंध आने लगे, तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उसमें बैक्टीरिया और फंगस की कॉलोनी बन चुकी है। अक्सर कुछ लोग इस दुर्गंध को छिपाने के लिए तौलिए पर कपड़ों वाला परफ्यूम या फैब्रिक फ्रेशनर छिड़क देते हैं। यह तरीका पूरी तरह से गलत है, क्योंकि परफ्यूम केवल गंध को कुछ देर के लिए दबा सकता है, लेकिन रेशों में बैठे रोगाणुओं को खत्म नहीं कर सकता। सीलन की गंध आते ही तौलिए को तुरंत धोने में डाल देना चाहिए। तौलिए को धोते समय उसके फैब्रिक लेबल पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और उसी के अनुसार सही डिटर्जेंट तथा पानी के तापमान का चुनाव करें। कई लोग सोचते हैं कि ज्यादा डिटर्जेंट डालने से तौलिया अधिक साफ होगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। अत्यधिक डिटर्जेंट का इस्तेमाल करने से उसका पाउडर तौलिए के रेशों में जमा हो जाता है, जिससे तौलिए की पानी सोखने की क्षमता घटने लगती है और वह कठोर हो जाता है।
घर में तौलिए से जुड़ी जरूरी हाइजीन सावधानियां
परिवार के सभी सदस्यों की अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए घर में तौलिए से जुड़ी कुछ छोटी लेकिन बेहद असरदार सावधानियों का पालन करना चाहिए। सबसे पहली बात यह है कि परिवार में हर सदस्य के पास अपना अलग तौलिया होना चाहिए। कभी भी एक-दूसरे का तौलिया साझा न करें। खास तौर पर यदि घर में किसी व्यक्ति को त्वचा संबंधी कोई संक्रमण या बीमारी है, तो उसका तौलिया बिल्कुल अलग रखा जाना चाहिए। इस्तेमाल के बाद तौलिए को हमेशा ऐसी जगह सुखाएं जहां हवा का आवागमन बेहतर हो। तौलिए को अलमारी या दराज में तभी मोड़कर रखें जब वह पूरी तरह से सूख चुका हो। जरा सी भी नमी रहने पर अलमारी के भीतर रखे तौलिए में फंगस लग सकती है। बाथरूम के अंदर कई तौलियों को एक साथ सटाकर लटकाने के बजाय उन्हें थोड़ी-थोड़ी दूरी पर फैलाकर सुखाना चाहिए। बरसात के मौसम में अगर धूप न निकले और तौलिया ठीक से न सूख पाए, तो उसे दोबारा इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह सूखने का इंतजार करें या पंखे की हवा में अच्छी तरह सुखा लें।



















