नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो प्रसारण 'मन की बात' के 137वें एपिसोड को संबोधित करते हुए इसे देश भर की नई कोशिशों और अनोखी पहलों को सामने लाने वाला एक सशक्त मंच बताया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उन्होंने देशवासियों का पारंपरिक तरीके से अभिवादन किया और इस बात पर जोर दिया कि यह कार्यक्रम जनसामान्य के अभिनव विचारों को देश के सामने रखने का एक माध्यम है।
नई पहलों और विचारों का मंच
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 'मन की बात' एक ऐसा अनूठा मंच है जहां जनता के नवीन प्रयासों और रचनात्मक विचारों पर खुलकर चर्चा की जाती है। उन्होंने रेखांकित किया कि इनमें से कई विचार देशवासियों की अथक मेहनत और ऊर्जा का प्रत्यक्ष परिणाम होते हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव की बयार बहा रहे हैं।
मुंबई के कृष्णा शेषाद्रि के प्रोजेक्ट की सराहना
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मुंबई के रहने वाले कृष्णा शेषाद्रि का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वाकया का हवाला देते हुए बताया कि आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर इतिहास को रोचक तरीके से प्रस्तुत करने की एक पहल शुरू की गई थी। इस कॉन्सेप्ट के तहत कोई भी व्यक्ति एक आसान वेबसाइट पर जाकर किसी भी वर्ष का चयन कर सकता है और यह जान सकता है कि उस कालखंड में भारत के किस क्षेत्र पर किस शासक का शासन था।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्हें यह आइडिया बेहद दिलचस्प लगा जिसके बाद उन्होंने इसके बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई। जांचने पर पता चला कि इस अनूठे प्रोजेक्ट को मुंबई निवासी कृष्णा शेषाद्रि ने तैयार किया है। इस वेबसाइट का नाम बेहद सरल और सहज www.bharatrajya.com रखा गया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कृष्णा ने इस प्रोजेक्ट को खड़ा करने में जितनी मेहनत की है, उसके बारे में देश के नागरिकों को अवश्य जानना चाहिए।


















