महिलाअों में चेहरे के अनचाहे बाल कई बार परेशानी और असहजता की वजह बन जाते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए लोग अलग-अलग तरीकों का सहारा लेते हैं, जिसमें शेविंग, वैक्सिंग और लेजर जैसे विकल्प प्रमुख हैं। त्वचा की सेहत को ध्यान में रखते हुए कौन सा तरीका सुरक्षित है और किससे दूरी बनानी चाहिए, इस बारे में डॉक्टर आंचल पंथ ने विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने समझाया है कि चेहरे की नाज़ुक त्वचा पर कौन सा उपाय आजमाना सही रहेगा और किसे बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
वैक्सिंग और थ्रेडिंग से जुड़े जोखिम
विशेषज्ञ चेहरे पर वैक्सिंग करने की बिल्कुल सलाह नहीं देती हैं। शरीर के बाकी हिस्सों के लिए भले ही वैक्सिंग का उपयोग किया जाता हो, लेकिन चेहरे की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। गर्म वैक्स लगाने से स्किन खिंचती है और कई तरह की दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। इसी तरह थ्रेडिंग का इस्तेमाल केवल आइब्रो को सही आकार देने के लिए ही ठीक माना गया है। पूरे चेहरे पर धागा चलाने से अंदर की तरफ उगने वाले बाल यानी इनग्रोन हेयर और छोटे बम्प्स की समस्या हो सकती है, इसलिए इससे बचना ही बेहतर है।
हेयर रिमूवल क्रीम और शेविंग के विकल्प
चेहरे के अनचाहे बालों को मिटाने के लिए बाजार में मिलने वाली हेयर रिमूवल क्रीम का इस्तेमाल करने से भी मना किया गया है। चेहरे पर ऐसे उत्पाद लगाने से त्वचा में तेज जलन और रैशेज हो सकते हैं, जिसके बाद काले धब्बे भी पड़ सकते हैं। इसके मुकाबले फेशियल हेयर हटाने के लिए शेविंग या ट्रिमिंग को एक बेहतर और सुरक्षित तरीका माना गया है। आंचल पंथ का कहना है कि यह विधि त्वचा को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना आसानी से बालों को साफ कर देती है।
लेजर रिडक्शन और ब्लीचिंग के नियम
यदि किसी को महीने में दो बार से ज्यादा बाल हटाने की आवश्यकता महसूस होती है, तो लेजर हेयर रिडक्शन सबसे प्रभावी विकल्प साबित होता है। सामान्य तौर पर हर महीने छह से आठ सेशन की जरूरत पड़ती है, और उसके बाद बालों के बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए साल में एक या दो बार मेंटेनेंस सेशन करवाने पड़ते हैं। वहीं, जिन लोगों के बाल बहुत पतले और हल्के होते हैं, वे ब्लीचिंग का रास्ता चुन सकते हैं। हालांकि ब्लीच करते वक्त कुछ खास सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं।
ब्लीचिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
यदि आपकी त्वचा सूखी है, लालिमा है या उसमें किसी प्रकार की जलन हो रही है, तो ब्लीच करने से बिल्कुल बचें। प्रक्रिया शुरू करने से पहले त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाएं और बीस मिनट का इंतजार करने के बाद ही ब्लीच लगाएं। चेहरे पर ब्लीच को सिर्फ दस से पंद्रह मिनट तक ही लगाकर रखना चाहिए। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा अच्छी तरह धो लें और अंत में एलोवेरा जेल की एक परत लगा लें। इसके अलावा ब्लीचिंग वाले दिन स्किन पर रेटिनोल, सैलिसिलिक एसिड, ग्लाइकोलिक एसिड या विटामिन C जैसे सक्रिय तत्वों का उपयोग करने से बचना चाहिए।



















