पैशन फ्रूट अपनी बेहतरीन यूएसपी और लाजवाब खट्टे-मीठे स्वाद के साथ सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है। इस अनोखे फल में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूती देने का काम करता है। यदि इसे नियमित और संतुलित मात्रा में अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जाए, तो यह कई तरह के संक्रमणों से बचाव करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके अनोखे स्वाद के कारण इसे छीलकर सीधे फल के रूप में खाया जा सकता है या फिर इसका ताजा जूस तैयार किया जा सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका जूस बनाते समय अतिरिक्त चीनी के इस्तेमाल से पूरी तरह बचना चाहिए ताकि इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू बनी रहे।
पाचन तंत्र को मजबूत और दुरुस्त रखता है
डॉ ऐजल पटेल के अनुसार पैशन फ्रूट में डाइटरी फाइबर यानी आहार फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो हमारे पूरे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में एक अहम भूमिका निभाता है। यह फाइबर भोजन को आसानी से पचाने की प्रक्रिया को तेज करता है और आंतों की सामान्य गतिविधियों को नियमित बनाए रखने में मदद करता है। जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उनके लिए पैशन फ्रूट एक बेहद उपयोगी फल साबित हो सकता है। इसके अंदर मौजूद छोटे-छोटे और मुलायम बीज भी पूरी तरह खाने योग्य होते हैं और इनमें भी अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है। आप चाहें तो इसे सुबह के नाश्ते के साथ या दिन के किसी भी समय एक हेल्दी फ्रूट के रूप में खा सकते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस और कोशिकीय सुरक्षा
इस खट्टे-मीठे फल में कई तरह के शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मौजूद होते हैं, जो शरीर के भीतर बनने वाले मुक्त कणों यानी फ्री रेडिकल्स से होने वाले कोशिकीय नुकसान को रोकने और कम करने में मदद करते हैं। इसमें विटामिन सी के साथ-साथ पौधों से मिलने वाले अन्य जरूरी यौगिक भी शामिल होते हैं। अपने दैनिक आहार में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना शरीर की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। पैशन फ्रूट को बीच से काटकर इसका गूदा सीधे चम्मच से खाया जा सकता है या इसके गूदे और बीजों को विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थों में मिलाया जा सकता है। इसका अनोखा खट्टा-मीठा स्वाद इसे अन्य सामान्य फलों से बिल्कुल अलग और खास बनाता है।
वजन प्रबंधन और मेटाबॉलिज्म में मददगार
पैशन फ्रूट में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जिसकी वजह से इसे वजन प्रबंधन वाली डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकता है। फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थों की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि वे पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे बार-बार कुछ न कुछ खाने की इच्छा कंट्रोल हो जाती है। जब आप पैशन फ्रूट को सीधे खाते हैं, तो इसके गूदे और बीज दोनों का एक साथ सेवन होता है जो पेट को तृप्त रखता है। आप इसे अपनी रोजाना की सलाद, दही या फ्रूट चाट के साथ भी मिलाकर खा सकते हैं। हालांकि, सिर्फ वजन घटाने के मकसद से पूरी तरह से केवल पैशन फ्रूट पर ही निर्भर रहना समझदारी नहीं है, बल्कि एक संतुलित जीवनशैली अपनाना जरूरी है।
ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ब्लड शुगर का संतुलन
पैशन फ्रूट की गिनती कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों में की जाती है, इसलिए इसे एक संतुलित और हेल्दी आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स खाने से रक्त शर्करा यानी ब्लड शुगर के स्तर में एकदम से तेजी नहीं आती बल्कि बहुत धीमी गति से वृद्धि होती है। इस फल में मौजूद प्राकृतिक फाइबर इसके संपूर्ण पोषण प्रोफाइल को और अधिक बेहतर बनाता है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मधुमेह या डायबिटीज से पीड़ित लोग इसे असीमित मात्रा में खाने लगें। किसी भी फल की कितनी मात्रा ली जा रही है और उसे किस रूप में खाया जा रहा है, यह बात हमेशा बहुत महत्वपूर्ण होती है।
आंखों की सेहत और विजन के लिए जरूरी
पैशन फ्रूट में विटामिन ए और उससे जुड़े कई अन्य लाभकारी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारी आंखों की सामान्य सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। विटामिन ए हमारे शरीर के लिए एक बेहद आवश्यक पोषक तत्व है, जो आंखों की सामान्य दृष्टि को लंबे समय तक बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाता है। इसके अलावा, इस फल में मौजूद विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव के बुरे प्रभावों से बचाने में भी सहायता करते हैं। इस ताजे फल को काटकर इसका गूदा और बीज आसानी से खाया जा सकता है। इसे अपने सुबह के ब्रेकफास्ट या फलों की प्लेट में शामिल करना बेहद आसान और सुविधाजनक है।
खाए जाने वाले बीज और पोषण का पूरा फायदा
पैशन फ्रूट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसके अंदर पाए जाने वाले छोटे-छोटे बीज भी पूरी तरह से खाने योग्य होते हैं। जब आप इस फल को बीच से काटते हैं, तो गूदे के साथ दिखने वाले इन बीजों को अलग करने या बाहर निकालने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। इन्हें गूदे के साथ ही सीधे चबाकर खाया जा सकता है। इन बीजों के भीतर भी अच्छी मात्रा में आहार फाइबर मौजूद होता है, जिसका मतलब है कि पूरा फल छिलके और बीज सहित खाने से आपको इसके पोषण का अधिकतम लाभ मिल जाता है। पैशन फ्रूट के गूदे और बीजों का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के हेल्दी शेक, दही की रेसिपी, सलाद और स्वादिष्ट मिठाइयों को तैयार करने में भी किया जाता है।
उत्पत्ति और भारत में इसकी बढ़ती खेती
पैशन फ्रूट मूल रूप से दक्षिण अमेरिका के ब्राजील क्षेत्र का एक प्रमुख फल माना जाता है, लेकिन अब समय के साथ इसकी खेती भारत के भी तमाम अलग-अलग हिस्सों में की जाने लगी है। उत्तराखंड समेत देश के कई अन्य राज्यों के किसान अब इस फल को एक नए और मुनाफे वाले विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। यह एक बेलदार पौधा है जिस पर फल लगते हैं और यदि सही जलवायु, उपयुक्त मिट्टी तथा पौधों को ऊपर चढ़ने के लिए सही सहारे की व्यवस्था मिल जाए, तो इसकी खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है। वर्तमान में बाजार में पैशन फ्रूट का उपयोग ताजे फल के रूप में, जूस, शेक और विभिन्न प्रकार के प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।



















