हिमाचल प्रदेश में सावन के महीने में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। रेड अलर्ट के पहले दिन असर भले कम दिखा हो, लेकिन बीती रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने सोमवार-मंगलवार के बीच पूरे प्रदेश को हिला दिया। शिमला जिले के ठियोग में भारी बारिश के चलते सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद करने पड़े। मौसम विभाग ने 21 जुलाई के लिए भी भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी कर रखा है और बीते 12 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई है। मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और चंबा जिलों में लगातार दूसरे दिन भी स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बंद रखे गए हैं।
चंबा में भूस्खलन, कंदला नाले में फंसी रही बस
सबसे ज्यादा असर चंबा जिले में देखने को मिला। भटियात विधानसभा क्षेत्र के लाहड़ू-नूरपुर मार्ग पर टिक्कर गला के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिसमें सड़क का एक बड़ा हिस्सा ढहकर सीधे नदी में जा समाया। इससे यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। मलबा गिरने से पहले ही स्थानीय लोग वहां से भाग खड़े हुए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इसी बीच तीसा-चंबा मुख्य मार्ग पर कंदला नाले में चांजू से चंबा जा रही एक निजी बस मंगलवार सुबह करीब 8 बजे से बीच नाले में ही फंसी रही। नाले का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण बस आगे नहीं बढ़ पाई। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जेसीबी और अन्य जरूरी मशीनें तुरंत मौके पर भेजने की मांग की, ताकि बस को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। अधिकारियों के मुताबिक चितकुल के रास्ते तिब्बत सीमा क्षेत्र को उत्तराखंड से जोड़ने वाला अहम मार्ग भी पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है।
किन्नौर में पुल क्षतिग्रस्त, सेना-आईटीबीपी चौकियों से संपर्क टूटा
किन्नौर जिले में टुबर नाले पर बना पुल तेज बहाव की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। इससे सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की अग्रिम चौकियों से सड़क संपर्क कट गया है। यह मार्ग सामरिक लिहाज से बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से तिब्बत सीमा के पास मौजूद अग्रिम चौकियों तक जवानों और जरूरी सामान की आवाजाही होती है।
लाहौल स्पीति में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। जिले की डीसी किरण भड़ाना ने बताया कि जालहमा नाले में आई बाढ़ में वहां बनाया गया अस्थायी मार्ग ही बह गया, जिससे नाले के दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। किसानों और बागवानों की उपज समय पर मंडियों तक पहुंचे और आम लोगों को जल्द आवाजाही की सुविधा मिले, इसके लिए डीसी ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को निर्देश दिए हैं कि जालहमा नाले का जलस्तर सामान्य होते ही अस्थायी सड़क को युद्धस्तर पर दोबारा बनाया जाए। साथ ही जालहमा नाले पर बन रहे स्थायी पुल के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने को कहा गया है, ताकि आगे ऐसी स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
डीसी किरण भड़ाना ने क्षेत्र के किसानों, बागवानों और आम नागरिकों से अपील की है कि जब तक अस्थायी मार्ग दोबारा तैयार नहीं हो जाता, तब तक नाला पार करने का जोखिम बिल्कुल न लें। जालहमा नाले में आई बाढ़ के चलते चन्द्रभागा नदी का पानी जोबरंग पुल के करीब दो फुट ऊपर से बह रहा है। वहीं स्पीति में शिचलिंग से ताबो तक का सड़क मार्ग भी बाढ़ की चपेट में आकर अवरुद्ध हो गया है। डीसी ने लोगों से अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सिर्फ बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
कांगड़ा में स्कूल बंद, पौंग बांध पर बनी हुई है निगरानी
कांगड़ा जिले की डीसी ने खराब मौसम को देखते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। फिलहाल पौंग बांध का जलस्तर 1321 फीट पर है, जबकि इसका फ्लड गेट लेवल 1365 फीट है। यानी जलस्तर फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन इसके बावजूद बांध के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। डीसी ने बताया कि उन्होंने बीबीएमबी के चीफ इंजीनियर और इंदौरा के एसडीएम के साथ जानकारी साझा की है, ताकि पौंग बांध के निचले इलाकों में जरूरत पड़ने पर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
पालमपुर में सबसे ज्यादा बारिश, 22-23 जुलाई से राहत के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा। सबसे ज्यादा 140 मिलीमीटर बारिश पालमपुर में दर्ज हुई, जबकि धर्मशाला में 105 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा राजगढ़, पांवटा साहिब, चंबा और चुआड़ी जैसे इलाकों में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा असर कांगड़ा, चंबा और सिरमौर जिलों में देखा गया, जबकि शिमला, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति और बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
मंगलवार को भी बारिश का सबसे ज्यादा असर चंबा और कांगड़ा में रहने की आशंका है। हालांकि 22 जुलाई से बारिश की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है। इस दिन कांगड़ा और मंडी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंबा, शिमला, सोलन और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट रहेगा। 23 जुलाई से बारिश की तीव्रता में और गिरावट आने का अनुमान है और उस दिन सिर्फ कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा।




















