हिमाचल प्रदेश सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और बड़े फेरबदल को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां बेहद तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी हाईकमान के विशेष दिशा-निर्देश पर दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने केंद्रीय नेतृत्व के साथ मैराथन बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के तहत शीर्ष नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश की सरकार और कांग्रेस संगठन दोनों के भीतर बड़े पैमाने पर संरचनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात और मंत्रियों की मौजूदगी
मंगलवार देर रात शिमला से दिल्ली पहुंचे हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से उनके आवास पर अलग-अलग व्यक्तिगत मुलाकातें कीं। इस दौरान मंत्रियों ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी गहन विचार-विमर्श किया। दिल्ली में नेताओं के पहुंचने की प्रक्रिया दो दिनों में पूरी हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सोमवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे। वहीं उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, कृषि मंत्री चंद्र कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए और बैठकों में शामिल हुए।
विभागीय प्रोग्रेस रिपोर्ट और 2027 के चुनावों पर केंद्रित रणनीति
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में आयोजित इन उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान सभी मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का लेखा-जोखा और प्रगति रिपोर्ट पार्टी हाईकमान के समक्ष प्रस्तुत की है। इन रिपोर्टों में पिछले कार्यकाल के दौरान हासिल की गई विभागीय उपलब्धियों, राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन और योजनाओं को लागू करने में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा मंत्रियों ने अपने दीर्घकालिक राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए शासन और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी शीर्ष नेतृत्व को दिए। पार्टी हाईकमान इस समय 2027 में होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों को मुख्य लक्ष्य बनाकर काम कर रहा है, इसलिए सरकार के प्रदर्शन और संगठन की सक्रियता का गहराई से आकलन किया जा रहा है।
कैबिनेट विस्तार, विभागों का फेरबदल और नए दावेदार
इस समय शिमला से लेकर दिल्ली तक सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या हिमाचल प्रदेश के मंत्रिमंडल में केवल एक खाली पड़े पद को भरा जाएगा या फिर मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बड़ा फेरबदल किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यह बदलाव महज एक नए चेहरे को शामिल करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई प्रमुख मंत्रियों के मंत्रालयों की जिम्मेदारी में फेरबदल होना लगभग तय है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहले ही कुल्लू निर्वाचन क्षेत्र से विधायक सुंदर ठाकुर को मंत्री बनाए जाने के स्पष्ट संकेत दिए थे, लेकिन अंतिम स्वीकृति कांग्रेस हाईकमान द्वारा ली जानी है। इस बीच पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल भी दिल्ली में डटे हुए हैं और अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय हैं। दोनों प्रमुख नेताओं की दिल्ली में उपस्थिति को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और अब यह देखना होगा कि हाईकमान सुंदर ठाकुर के नाम पर मुहर लगाता है या किसी नए समीकरण को प्राथमिकता देता है।
संगठन और सरकार के बीच दायित्वों का पुनर्गठन
कांग्रेस पार्टी के भीतर एक नया प्रशासनिक और संगठनात्मक मॉडल लागू करने पर भी मंथन किया जा रहा है। इसके तहत सरकार में शामिल कुछ वरिष्ठ और उम्रदराज मंत्रियों को मंत्रिमंडल से मुक्त करके संगठन के काम में लगाया जा सकता है, जबकि ऊर्जावान और युवा नेताओं को सरकार में प्रशासनिक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जा सकता है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना और राज्य की जनता के बीच सरकार के काम का सकारात्मक प्रभाव स्थापित करना बेहद आवश्यक है। इसलिए सरकार और संगठन दोनों के संतुलन को बेहतर बनाने के लिए यह पुनर्गठन रणनीति का मुख्य हिस्सा माना जा रहा है।
राहुल गांधी से मुलाकात का कार्यक्रम और बुधवार की निर्णायक बैठक
मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी दिल्ली से बाहर थे, जिसके कारण मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और हिमाचल के मंत्रियों की उनसे भेंट नहीं हो सकी। हालांकि, बुधवार को दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण साझा बैठक प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और राज्य के वरिष्ठ मंत्री कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल तथा अन्य शीर्ष नेताओं के साथ आमने-सामने चर्चा करेंगे। इस बैठक के समाप्त होने के बाद ही हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के भावी स्वरूप और संगठन में होने वाले बदलावों की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो पाएगी।



















