हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कॉलेज छात्रा की बर्बर हत्या के सनसनीखेज मामले में न्यायिक प्रक्रिया बेहद तेजी से अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। सरकाघाट क्षेत्र के गोपालपुर में हुए सिया हत्याकांड का ट्रायल अदालत में महज तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है। पुलिस द्वारा कोर्ट में विस्तृत चालान पेश किए जाने के बाद फास्ट ट्रैक पद्धति से गवाहियों की प्रक्रिया निपटाई गई है। न्यायिक प्रक्रिया की इस तेज रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि दिवाली के आसपास अदालत इस जघन्य हत्याकांड पर अपना अंतिम फैसला सुना सकती है और आरोपी की सजा तय कर सकती है।
43 गवाहों के बयान दर्ज, दो और तीन नवंबर को अंतिम जिरह
सरकाघाट की अतिरिक्त सत्र न्यायालय में इस पूरे मामले की सघन सुनवाई चली, जहां अभियोजन पक्ष ने अपने सभी 43 गवाहों के बयान सफलता पूर्वक दर्ज करवाए। अदालत में मामले की अंतिम बहस की रूपरेखा तय हो चुकी है, जिसके तहत 2 नवंबर यानी सोमवार को अंतिम बहस की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और 3 नवंबर को इस मुकदमे में आखिरी बहस पूरी कर ली जाएगी। इस केस की न्यायिक जांच 30 जुलाई से ट्रायल के रूप में शुरू की गई थी, जिसमें अदालत ने लगातार तारीखें लगाकर बयान दर्ज किए।
पुलिस प्रशासन ने भी इस मामले में पुख्ता साक्ष्य जुटाते हुए अदालत के समक्ष 200 से अधिक पन्नों का विस्तृत चालान पेश किया था। इस चार्जशीट में चश्मदीदों और गवाहों के बयानों के अलावा फोरेंसिक जांच रिपोर्ट, वैज्ञानिक सबूत और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के तमाम अहम दस्तावेज शामिल किए गए हैं, ताकि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
कॉलेज जाते समय दराट से किया था जानलेवा हमला
यह खौफनाक वारदात 13 अप्रैल 2026 की सुबह घटित हुई थी, जिसने पूरे क्षेत्र को थर्रा कर रख दिया था। बी-वॉक वोकेशनल कोर्स में पढ़ने वाली छात्रा सिया सुबह करीब नौ बजे अपने घर से निकलकर सरकाघाट कॉलेज की ओर जा रही थी। रास्ते में गोपालपुर के पास घात लगाए आरोपी विकास पटियाल ने उस पर अचानक दराट से हमला कर दिया। आरोपी ने छात्रा का गला काटकर उसे लहूलुहान कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।
वारदात को अंजाम दिए जाने के तुरंत बाद मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया था। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने अदम्य साहस दिखाते हुए भाग रहे आरोपी विकास पटियाल को मौके पर ही दबोच लिया और उसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य संकलन शुरू किया।
नशे की सनक में की गई थी हत्या, कोई पुरानी रंजिश नहीं
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि छात्रा सिया और आरोपी के बीच किसी भी प्रकार की कोई पुरानी व्यक्तिगत रंजिश या विवाद नहीं था। इतना ही नहीं, यह वारदात लूटपाट के किसी इरादे से भी अंजाम नहीं दी गई थी। आरोपी विकास पटियाल नशे का आदी था और उसने महज अपने सनकीपन और नशे की हालत में इस क्रूर हत्याकांड को अंजाम दिया था।
सिया के पिता पेशे से एक साधारण ट्रक चालक हैं, जो कठिन परिश्रम कर अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिला रहे थे। एक होनहार छात्रा की इस तरह बेरहमी से हुई हत्या के बाद पूरे हिमाचल प्रदेश में जनाक्रोश फूट पड़ा था। लोगों ने जगह-जगह सड़कों पर उतरकर जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया था और सिया को त्वरित इंसाफ दिलाने की मांग उठाई थी। पूरे राज्य को स्तब्ध कर देने वाले इस मामले में अब हर किसी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं।



















