हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर देर रात हुआ एक भीषण सड़क हादसा एक परिवार के लिए दर्दनाक साबित हुआ। सिरमौर जिले में शिलाई-रोहनाट संपर्क मार्ग पर भटनोल के समीप 1 नवंबर की रात करीब 11:00 बजे एक ब्रेजा कार बेकाबू होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस दुखद दुर्घटना में वाहन चला रहे पिता और उनके 7 वर्षीय बेटे की घटनास्थल पर ही जान चली गई, जबकि कार में सवार 11 साल की बेटी गंभीर चोटें लगने के बाद भी रातभर खाई में रहने के बाद जीवित बच गई।
घर लौटते समय भटनोल के पास अनियंत्रित हुआ वाहन
दुर्घटना के समय परिवार अपने घर की ओर लौट रहा था। वाहन में कांडो भटनोल के निवासी सोहन सिंह अपने दो बच्चों के साथ सफर कर रहे थे। सोहन सिंह एसडीएम कार्यालय शिलाई में क्लर्क के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जब उनकी कार भटनोल के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक गाड़ी चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सीधे सड़क से नीचे गहरी ढलान वाली खाई में समा गई। गिरने की रफ्तार और ऊंचाई के कारण गाड़ी के परखच्चे उड़ गए।
सिर में गहरी चोटें लगने से पिता और पुत्र का निधन
खाई में गिरते ही जोरदार झटके के कारण सोहन सिंह और उनके 7 साल के बेटे के सिर में गंभीर और जानलेवा चोटें आईं। अधिक चोट लगने की वजह से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के भयानक प्रभाव से 11 वर्षीय बेटी बेहोश हो गई और रातभर उसी दुर्गम खाई में पड़ी रही। दुर्घटनास्थल के निकट ही खोजबीन के दौरान बच्ची का स्कूली बैग भी बरामद हुआ, जिससे यह साफ था कि सफर के दौरान बच्चे अपने रोजमर्रा के सामान के साथ यात्रा कर रहे थे।
होश आने पर घायल बेटी ने नजदीकी गांव पहुंचकर मांगी मदद
रात बीतने के बाद जब सुबह घायल बच्ची को होश आया, तो उसने अदम्य साहस दिखाते हुए खाई से बाहर निकलने का रास्ता खोजा। शारीरिक पीड़ा और चोटों के बावजूद वह चलकर पास के एक नजदीकी गांव पहुंची। गांव के लोगों को सामने देखकर बच्ची ने खाई में गिरी कार और अपने परिवार के साथ हुए हादसे की पूरी जानकारी दी। ग्रामीणों ने बिना देर किए तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को घटना से अवगत कराया।
ड्रोन तकनीक और प्रशासनिक दलों से चला व्यापक तलाशी अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही सोमवार सुबह एसडीएम शिलाई जसपाल प्रशासनिक अमले और स्थानीय ग्रामीणों के साथ सीधे दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। पहाड़ी इलाके की जटिल बनावट को देखते हुए खोज और बचाव के काम में ड्रोन कैमरों की मदद ली गई। प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लगभग 4 से 5 घंटे तक चले इस गहन अभियान के दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि बच्ची सुरक्षित हालत में पास के गांव में पहुंच चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तमाम तकनीकी और जमीनी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।



















