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हिमाचल में एक और हाईवे प्रोजेक्ट तय समय से पहले पूरा, 19 किलोमीटर के सफर में अब लगेंगे सिर्फ 25 मिनटहिमाचल प्रदेश
2 जुल॰ 2026, 10:33 am (45 दिन पहले)· 2

हिमाचल में एक और हाईवे प्रोजेक्ट तय समय से पहले पूरा, 19 किलोमीटर के सफर में अब लगेंगे सिर्फ 25 मिनट

हिमाचल प्रदेश में पठानकोट-मंडी हाईवे के मंडी-पधर हिस्से का 545 करोड़ रुपये का काम तय समय से पांच महीने पहले पूरा हो गया है, अब सुरक्षा जांच के बाद इसे यातायात के लिए खोला जाएगा।

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सामरिक रूप से बेहद अहम पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे के एक हिस्से का निर्माण कार्य तय समय से पांच महीने पहले पूरा हो गया है। यह हिस्सा मंडी शहर से पधर कस्बे के बीच फैला है और इसकी लंबाई करीब 19 किलोमीटर है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 545 करोड़ रुपये की लागत आई है और अब इस पर वाहनों को उतारने से पहले सुरक्षा जांच का काम चल रहा है।

पांच महीने पहले पूरा हुआ निर्माण

इस प्रोजेक्ट को 20 जुलाई 2022 को टेंडर मिला था, जबकि जमीन पर असल काम चार नवंबर 2024 से शुरू हुआ। इसे पूरा करने के लिए नवंबर 2026 तक की समयसीमा तय की गई थी, लेकिन निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रही गावर कंपनी ने इसे पांच महीने पहले ही बनाकर खड़ा कर दिया। पठानकोट-मंडी हाईवे का यह हिस्सा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई की मंडी यूनिट के अधीन बनाया गया है, जबकि बाकी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी पालमपुर यूनिट पर है। पधर से पठानकोट के बीच ज्यादातर हिस्सों में अभी काम चल रहा है, जबकि कुछ जगहों पर निर्माण शुरू होना बाकी है।

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दूरी घटी, अब सिर्फ 25 मिनट का सफर

नया हाईवे बनने से मंडी और पधर के बीच की दूरी पौने चार किलोमीटर कम हो गई है। पहले यह दूरी करीब 23 किलोमीटर थी, जो अब घटकर करीब 19 किलोमीटर रह गई है। सड़क को सीधा और सपाट बनाया गया है, जिससे पुराने घुमावदार और टेढ़े-मेढ़े मोड़ों से यात्रियों को राहत मिलेगी। पहले इस दूरी को तय करने में करीब एक घंटा लगता था, लेकिन नए हाईवे से यह सफर अब महज 25 मिनट में पूरा हो सकेगा। नई सड़क की चौड़ाई 12 मीटर रखी गई है।

19 किलोमीटर में 24 छोटे-बड़े पुल

इस 19 किलोमीटर लंबे हिस्से में कुल 24 छोटे-बड़े पुल बनाए गए हैं, जिनमें से पांच बड़े पुल हैं। ये पुल न सिर्फ रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाएंगे, बल्कि बरसात के मौसम में भी मार्ग को बंद होने से बचाएंगे और सुरक्षित बनाए रखेंगे। यह हाईवे सेना के वाहनों की तेज और सुगम आवाजाही के लिहाज से सामरिक तौर पर जितना जरूरी है, उतना ही यह कांगड़ा और मंडी घाटी में पर्यटन कारोबार के लिए संजीवनी का काम करेगा। आम वाहन चालकों को भी इससे बड़ी राहत मिलने वाली है।

अभी चल रही है सुरक्षा जांच

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी के मुताबिक, नए बने हाईवे पर सुरक्षा निरीक्षण का काम अभी जारी है। इसके लिए गावर कंपनी और एनएचएआई की तकनीकी टीम मिलकर पूरे हाईवे की बारीकी से जांच कर रही है। अगर कहीं कोई खामी सामने आती है तो उसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही तय होगा कि हाईवे पर आम वाहनों की आवाजाही कब से शुरू की जाए।

एक पुल का काम बाकी, 10 दिन में होगा पूरा

गावर कंपनी के जीएम विकास नागर ने बताया कि हाईवे का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है और सिर्फ एक पुल पर स्लैब डालने का काम बचा है। यह काम अगले दस दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। हाईवे का निरीक्षण अभी चल रहा है और इस दौरान जो भी सुझाव मिलेंगे, उन पर तुरंत अमल किया जाएगा। गौरतलब है कि यह पूरा निर्माणाधीन हाईवे पठानकोट, धर्मशाला और मंडी होते हुए मनाली तक जुड़ता है, यानी इसका पूरा तैयार होना पहाड़ी इलाकों के आवागमन के लिए बड़ा बदलाव लाएगा।

सवाल-जवाब

मंडी से पधर हाईवे प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस प्रोजेक्ट पर 545 करोड़ रुपये की लागत आई है।
यह हाईवे कितने किलोमीटर लंबा है?
मंडी से पधर के बीच का यह हिस्सा करीब 19 किलोमीटर लंबा है।
इस प्रोजेक्ट का काम कब शुरू और कब पूरा हुआ?
टेंडर 20 जुलाई 2022 को मिला था, काम चार नवंबर 2024 को शुरू हुआ और तय समय नवंबर 2026 से पांच महीने पहले ही पूरा कर लिया गया।
नए हाईवे से मंडी से पधर पहुंचने में कितना समय लगेगा?
नए हाईवे से यह दूरी अब सिर्फ 25 मिनट में तय हो सकेगी, जबकि पहले करीब एक घंटा लगता था।
इस हाईवे में कितने पुल बनाए गए हैं?
19 किलोमीटर के इस हिस्से में 24 छोटे-बड़े पुल बनाए गए हैं, जिनमें पांच बड़े पुल शामिल हैं।
हाईवे अभी जनता के लिए क्यों नहीं खोला गया है?
गावर कंपनी और एनएचएआई की तकनीकी टीम फिलहाल पूरे हाईवे की सुरक्षा जांच कर रही है, जांच पूरी होने के बाद ही इसे यातायात के लिए खोला जाएगा।
क्या हाईवे का कोई हिस्सा अभी अधूरा है?
हां, एक पुल पर स्लैब डालने का काम बाकी है, जिसे अगले 10 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
यह हाईवे आखिर में किन शहरों को जोड़ता है?
यह पूरा निर्माणाधीन हाईवे पठानकोट, धर्मशाला और मंडी होते हुए मनाली तक जुड़ता है।
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