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हिमाचल प्रदेश में वाल्मीकि आवास योजना का आगाज, सुक्खू सरकार ने मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये देने का किया एलानहिमाचल प्रदेश
27 अक्तू॰ 2026, 9:11 am (5 घंटे पहले)· 1

हिमाचल प्रदेश में वाल्मीकि आवास योजना का आगाज, सुक्खू सरकार ने मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये देने का किया एलान

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वाल्मीकि जयंती के मौके पर वाल्मीकि आवास योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को अपनी जमीन पर घर बनाने के लिए तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कृष्णानगर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिरकत की। वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के जरूरतमंद लोगों के लिए वाल्मीकि आवास योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कल्याणकारी योजना के जरिए उन परिवारों को सीधा लाभ पहुंचाया जाएगा जिनकी सालाना आय ढाई लाख रुपये से कम है और वे अपनी खुद की जमीन पर आशियाना तैयार करना चाहते हैं। सरकार ऐसे पात्र वाल्मीकि परिवारों को मकान निर्माण के वास्ते तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करेगी।

इस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का उनके समर्थकों ने अनोखे अंदाज में स्वागत किया और उन्हें 65 किलो लड्डुओं से तौला गया। कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय वाल्मीकि मंदिर में जाकर माथा टेका और भगवान का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर को चांदी का मुकुट भी अर्पित किया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों को वाल्मीकि जयंती की हार्दिक बधाई दी और उनके सुखद भविष्य की कामना की।

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मंदिर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने 25 लाख रुपये की राशि देने का बड़ा एलान किया। अपने भाषण में उन्होंने पुरानी घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल उन्होंने 10 लाख रुपये देने की बात कही थी, लेकिन स्थानीय विधायक हरीश जनारथा ने उन्हें अवगत कराया कि वह राशि अब तक जारी नहीं हो पाई है। इसी बात का संज्ञान लेते हुए उन्होंने पिछली घोषणा को संशोधित करते हुए अब सीधे 25 लाख रुपये देने की घोषणा की है ताकि मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास में कोई बाधा न आए।

कार्यक्रम में आगे बोलते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कृष्णानगर इलाके को लेकर एक अहम समयसीमा तय की। उन्होंने घोषणा की कि इस क्षेत्र में सभी मकानों की उचित गणना की जाएगी और इस सर्वे के कार्य को पूरा करने के लिए 28 नवंबर तक की डेडलाइन तय की गई है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद और पात्र परिवार सरकारी मदद से वंचित न रह जाए। वाल्मीकि आवास योजना को लागू करने के इस निर्णय को राज्य सरकार की ओर से कमजोर वर्ग के उत्थान की दिशा में एक बेहद ठोस कदम माना जा रहा है।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन और उनकी महान शिक्षाओं को भी याद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का पूरा जीवन हमें हमेशा सत्य के मार्ग पर चलने, ज्ञान प्राप्त करने और अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देता है। किसी भी व्यक्ति की महानता उसके पद से नहीं बल्कि उसके विचारों और कर्मों से तय होती है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे महर्षि वाल्मीकि के बताए गए आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारें तथा समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, समानता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में अपना सहयोग दें।

सवाल-जवाब

वाल्मीकि आवास योजना की शुरुआत किसने की?
इस योजना की शुरुआत हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने की।
इस योजना के तहत कितनी आर्थिक सहायता दी जाएगी?
पात्र परिवारों को अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए वार्षिक आय की क्या सीमा है?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
कृष्णानगर में मकानों की गणना का लक्ष्य कब तक रखा गया है?
कृष्णानगर में मकानों की गणना के लिए 28 नवंबर तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने मंदिर के लिए कितनी राशि की घोषणा की?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वाल्मीकि मंदिर को 25 लाख रुपये देने की घोषणा की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·2 घंटे पहले

65 किलो लड्डू से किसी को तोलना सचमुच अजीब है! नेताओं के स्वागत के भी अजीबोगरीब तरीके होते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·3 घंटे पहले

शिमला के कृष्णानगर में ऐसा जनसैलाब देखकर पिछले साल वाला दौरा याद आ गया। तीन लाख की मदद से वाकई कई बेघर परिवारों का पक्का घर बनाने का सपना पूरा होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·3 घंटे पहले

रविकश जी, तीन लाख रुपये की मदद से वाकई गरीबों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर तब जब सर्वे समय पर पूरा हो जाए।

Rohan Verma@rohan-verma·3 घंटे पहले

छह किलो या दस किलो तक तो ठीक है, पर किसी नेता को तौलने के लिए पैंसठ किलो लड्डू मंगाना कौन सा तरीका है यार। वैसे 25 लाख वाली बात पर मुख्यमंत्री ने तुरंत फैसला लेकर ठीक किया।

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 घंटे पहले

रोहन भाई, तौलने वाली बात तो अजीब है ही, पर मुझे शिमला के पुराने दिनों की याद आ गई जब कृष्णानगर में छोटी-छोटी झुग्गियों वाले लोग पक्के घर के लिए तरसते थे। चलो, अब तीन लाख मिलने से कुछ उम्मीद जगी है।

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