सर्दियों का मौसम शुरू होते ही घरों की छतों, बालकनी और आंगनों में रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगाने का बेहतरीन वक्त आ जाता है। इस खास मौसम में गेंदा, गुलदाउदी, डहेलिया, कॉसमस और गुलाब जैसे पौधे लगाकर घर के परिवेश को जीवंत बनाया जा सकता है। इन पौधों की सबसे अच्छी बात यह है कि इनके लिए बड़े बगीचे या जमीन की कोई आवश्यकता नहीं होती है। केवल थोड़ी सी जगह और कुछ गमलों की मदद से इन्हें आसानी से उगाया जा सकता है।
गेंदा और गुलदाउदी से सजाएं घर
गेंदा अपने चमकीले पीले और नारंगी रंगों के लिए जाना जाता है जो किसी भी स्थान को रोशन कर देते हैं। छोटी किस्मों के गेंदे के लिए आठ से दस इंच का गमला उपयुक्त रहता है जिसमें भुरभुरी मिट्टी और अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। पौधे को ऐसी जगह रखें जहां भरपूर धूप मिलती हो और मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही पानी दें। वहीं दूसरी तरफ, गुलदाउदी के फूल सफेद, पीले, गुलाबी और बैंगनी जैसे कई रंगों में आते हैं जो सर्दियों में सुंदरता बढ़ाते हैं। इसे लगाने के लिए दस से बारह इंच का गमला सही रहता है और इसकी मिट्टी में जल निकासी की उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए। सूखी पत्तियों और मुरझाए फूलों को समय-समय पर हटाते रहने से गुलदाउदी और गेंदा दोनों की सेहत अच्छी बनी रहती है।
डहेलिया और कॉसमस की देखभाल
डहेलिया अपने बड़े आकार और मनमोहक रंगों के कारण विशेष लोकप्रियता रखता है, जो लाल, गुलाबी, पीले, सफेद और बैंगनी रंगों में खिलते हैं। इन्हें गमले में उगाने के लिए बारह से सोलह इंच के बड़े गमले की जरूरत होती है और ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी में पानी बिल्कुल जमा न हो। चूंकि इसकी बड़ी किस्मों में फूलों के भारी वजन से तना झुक सकता है, इसलिए पौधों को समय पर लकड़ी का सहारा देना जरूरी हो जाता है। इसके अलावा, कॉसमस अपने नाजुक और पतली पंखुड़ियों वाले सफेद, गुलाबी तथा बैंगनी फूलों से अलग पहचान बनाता है। कॉसमस को बीजों के माध्यम से आसानी से उगाया जा सकता है, जिसके बीजों को मिट्टी में सही गहराई पर बोकर हल्की नमी रखनी पड़ती है। कॉसमस के पौधे को अच्छी धूप वाली जगह पर रखें और इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पौधे में जरूरत से ज्यादा पानी या खाद का प्रयोग न हो।
गुलाब की खेती और समग्र देखभाल के उपाय
गुलाब अपनी अनूठी महक और शाश्वत सुंदरता के लिए हर घर की पसंद होता है, जिसकी कई किस्में तेज खुशबू के लिए जानी जाती हैं। गुलाब उगाने के लिए बारह से सोलह इंच का गमला उपयोगी होता है जिसमें उपजाऊ, भुरभुरी मिट्टी और जैविक खाद का मिश्रण भरा जाना चाहिए। गुलाब के पौधों को पर्याप्त धूप की आवश्यकता होती है और इसकी मिट्टी की नमी को परखकर ही पानी डालना चाहिए। सर्दियों के इन सभी फूलों के पौधों की सफल देखभाल के लिए यह आवश्यक है कि गमलों में पानी निकासी के छिद्र दुरुस्त हों। पौधों को उनकी जरूरत के अनुसार धूप दें, खाद का प्रयोग सीमित मात्रा में ही करें और यदि पत्तियों पर किसी प्रकार के कीट नजर आएं तो तुरंत उचित जैविक या रासायनिक उपाय अपनाएं। इस प्रकार थोड़ी सी नियमित देखभाल से आप अपनी छत और बालकनी को सर्दियों के दौरान फूलों से महका सकते हैं।
























