हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को कई इलाकों में तेज धूप खिली नजर आई और मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश अब इस साल के मॉनसून के आखिरी चरण की तरफ बढ़ रहा है, हालांकि जाते-जाते इस सीजन ने सैकड़ों जिंदगियां और हजारों करोड़ का नुकसान पीछे छोड़ दिया है।
अगले एक हफ्ते में कैसा रहेगा मौसम
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार के मुताबिक, अगले तीन-चार दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की रफ्तार धीमी बनी रहेगी। विभाग का अनुमान है कि आने वाले सात दिनों तक आसमान साफ रहेगा, हालांकि कुछ जगहों पर छिटपुट हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान मौसम में किसी बड़े उलटफेर के आसार नहीं हैं। 11 सितंबर के बाद बारिश की रफ्तार में मामूली तेजी आ सकती है, फिर भी तेज या बहुत तेज बारिश की गुंजाइश कम ही है।
पिछले 12 घंटों में कहां-कितनी बरसात
मौसम विभाग की तरफ से मंगलवार सुबह जारी बुलेटिन के मुताबिक, बीते 12 घंटों में सबसे ज्यादा बरसात सिरमौर जिले के जैतो बैराज में नापी गई, जहां 56.2 मिलीमीटर पानी गिरा। पच्छाद में यह आंकड़ा 48.2 मिमी रहा, तो मंडी के मुरारी देवी में 46.0 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सिरमौर के धौलाकुआं में 33.5 मिमी, शिमला जिले के कोटखाई में 19.3 मिमी, शिमला शहर में केवल 3.8 मिमी, किन्नौर के कल्पा में 2.8 मिमी, कांगड़ा में 2.6 मिमी, शिमला के सराहन में 2.3 मिमी और कुल्लू के मनाली में महज 2.0 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड हुआ। इससे साफ है कि सीजन की आखिरी बेला में बारिश का दायरा अब सिमटकर सिरमौर और मंडी के इक्का-दुक्का इलाकों तक रह गया है।
फिलहाल प्रदेश के लिए अगले पांच से सात दिन का कोई मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 12 और 13 सितंबर को बारिश की गतिविधि में थोड़ी बढ़त दिख सकती है, मगर तेज बरसात की आशंका फिलहाल कम आंकी जा रही है।
इस बार औसत से पीछे रही बारिश
कटियार बताते हैं कि इतनी तबाही के बावजूद इस मॉनसून में प्रदेश को कुल मिलाकर औसत से कम पानी मिला है। सामान्य हिसाब से इस मौसम में अब तक करीब 648 मिलीमीटर बरसात हो जानी चाहिए थी, जबकि दर्ज हुई सिर्फ करीब 588 मिलीमीटर, यानी कोटा पूरा नहीं हो पाया। सितंबर के बाकी दिनों में भी ज्यादातर इलाकों में औसत से कम पानी बरसने का अंदाजा है, बस कांगड़ा, उससे लगते चंबा के कुछ हिस्सों और मंडी के कुछ क्षेत्रों में इस महीने औसत से ज्यादा बारिश हो सकती है।
25 सितंबर के आसपास जा सकता है मॉनसून
हिमाचल से मॉनसून हर साल तकरीबन 25 सितंबर के आसपास लौट जाता है और कटियार के अनुसार इस बार भी विदाई करीब इसी तारीख के आसपास होने की उम्मीद है। हालांकि ठीक किस दिन मॉनसून प्रदेश से निकलेगा, इसका सटीक अंदाजा चार-पांच दिन पहले ही लगाया जा सकेगा।
283 मौतें, 505 घायल: सीजन का बड़ा हिसाब
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 7 सितंबर 2026 तक अपडेट रिपोर्ट बताती है कि 30 जून से अब तक प्रदेश में 283 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, 505 लोग घायल हुए हैं और तीन लोगों का अब भी कोई पता नहीं चला है। इनमें से 169 मौतें अकेले सड़क हादसों में दर्ज की गई हैं, यानी औसतन हर दिन तीन से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इसी दौरान 468 मवेशी और पक्षी भी अपनी जान गंवा चुके हैं।
घर और सरकारी संपत्ति को भी भारी चोट
मकानों का नुकसान भी कम बड़ा नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें 38 पक्के मकान और 85 कच्चे मकान बिल्कुल जमींदोज हो चुके हैं, जबकि 153 पक्के और 342 कच्चे मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है, यानी कुल मिलाकर 123 घर पूरी तरह और 495 घर आधे-अधूरे तबाह हुए हैं। सार्वजनिक संपत्ति की बात करें तो लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, बिजली, शिक्षा और मत्स्य पालन जैसे विभागों को मिलाकर अब तक 1,423.09 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। यह पूरा आंकड़ा 30 जून से 7 सितंबर 2026 तक की अवधि का है।





















