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चंबा के सरकारी अस्पताल में मासूम की जान गई, नर्स के पांच मिनट के आश्वासन में बीत गया एक घंटाहिमाचल प्रदेश
7 सित॰ 2026, 12:52 pm (48 मिनट पहले)· 3

चंबा के सरकारी अस्पताल में मासूम की जान गई, नर्स के पांच मिनट के आश्वासन में बीत गया एक घंटा

हिमाचल प्रदेश के चंबा स्थित सरकारी अस्पताल में डेढ़ साल की बच्ची कृतिका की इलाज के दौरान मौत हो गई, परिजनों ने आरोप लगाया कि एक घंटे तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आया।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में रविवार रात डेढ़ साल की एक बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई। बच्ची को समय पर डॉक्टर न मिलने के आरोप के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।

कौन थी बच्ची और क्या हुआ

मृतक बच्ची की पहचान उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत सेईकोठी के गांव नरवाड़ निवासी कुलदीप सिंह की डेढ़ वर्षीय बेटी कृतिका के रूप में हुई है। पिता कुलदीप सिंह का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद बेटी को समय पर इलाज नहीं मिला और उन्हें टेस्ट व एक्सरे के लिए इधर-उधर भटकाया गया। उनका कहना है कि इंजेक्शन देने और भाप देने के बाद बच्ची अचानक अचेत हो गई और थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई।

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पिता का आरोप, एक घंटे तक नहीं आया डॉक्टर

कुलदीप सिंह के मुताबिक अस्पताल की इमरजैंसी में उस वक्त कोई डॉक्टर तैनात ही नहीं था। बच्ची को देखने के लिए करीब एक घंटे तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा, जबकि नर्स लगातार यही कहती रही कि डॉक्टर पांच मिनट में आ रहे हैं। काफी देर बाद जब एक महिला डॉक्टर पहुंचीं, तब तक देर हो चुकी थी। पिता ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों को किसी मरीज की जान की परवाह नहीं है, जबकि उन्हें दो लाख रुपये तक सैलरी दी जाती है।

रोते बिलखते मां बाप, अस्पताल को ताला लगाने की मांग

बेटी को खोने के बाद मां फूट फूट कर रोते हुए कहती रहीं कि अब वह अपनी बेटी को कहां से वापस लाएंगी। गुस्से में मां ने कहा कि इस अस्पताल पर ताला लगा देना चाहिए, क्योंकि अगर मरीज यहां इलाज के लिए नहीं आएंगे तो कम से कम उनकी जान तो बच जाएगी। अस्पताल के बाहर परिजन देर तक रोते बिलखते अपनी आपबीती सुनाते रहे और डॉक्टरों व प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

अस्पताल प्रशासन ने कहा, जांच कमेटी बनेगी

मामले ने तूल पकड़ा तो मेडिकल कालेज के एमएस डॉ. प्रदीप ने इसे गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी गठित करने की बात कही। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सवाल-जवाब

बच्ची की मौत कब और कहां हुई?
यह घटना रविवार रात हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में हुई।
मृतक बच्ची कौन थी?
मृतक बच्ची की पहचान उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत सेईकोठी के गांव नरवाड़ निवासी कुलदीप सिंह की डेढ़ वर्षीय बेटी कृतिका के रूप में हुई है।
परिजनों का मुख्य आरोप क्या है?
परिजनों का आरोप है कि बच्ची को समय पर इलाज नहीं मिला, इमरजैंसी में करीब एक घंटे तक कोई डॉक्टर नहीं आया और नर्स सिर्फ पांच मिनट में डॉक्टर के आने का आश्वासन देती रही।
बच्ची अचेत कैसे हुई?
पिता के मुताबिक इंजेक्शन देने और भाप देने के बाद बच्ची अचानक अचेत हो गई और थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई।
अस्पताल प्रशासन ने क्या कदम उठाने की बात कही है?
मेडिकल कालेज के एमएस डॉ. प्रदीप ने निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच कमेटी बनाने और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।
परिजनों ने अस्पताल परिसर में क्या किया?
गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और डॉक्टरों व प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए।
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