हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक ही परिवार की दो महिलाओं की महज एक घंटे के अंतराल में मौत हो गई। जेठानी को खोने का गम देवरानी बर्दाश्त नहीं कर पाईं और वह भी दुनिया छोड़ गईं। रविवार शाम दोनों की अर्थियां एक ही घर के आंगन से उठीं, जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। दोनों मौतों की खबर कुछ ही घंटों में पूरे बदारन गांव में फैल गई और आसपास के घरों से लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचने लगे।
नादौन के बदारन गांव में सुबह हुआ हादसा
घटना हमीरपुर जिले के नादौन उपमंडल स्थित बदारन गांव की है। रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे गांव की रहने वाली शकुंतला देवी, जो स्वर्गीय ईश्वर दास की पत्नी थीं, अचानक बीमार पड़ गईं। हालत तेजी से बिगड़ने लगी तो उनके बेटे विजय कुमार और घर के बाकी सदस्य उन्हें लेकर फौरन नादौन के अस्पताल की ओर दौड़े, इस उम्मीद में कि समय रहते इलाज मिल जाए। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, मगर शकुंतला देवी को बचाया नहीं जा सका और अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।
एक घंटे में ही देवरानी ने भी तोड़ा दम
शकुंतला देवी की मौत की खबर जब गांव और घर तक पहुंची तो हर तरफ मातम पसर गया। यह खबर उनकी देवरानी कमलेश कुमारी तक पहुंची तो वह अंदर तक हिल गईं और रोते-रोते बेहाल हो गईं, जेठानी के इस तरह अचानक चले जाने पर उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था। परिवार अभी शकुंतला देवी के अंतिम संस्कार की तैयारी में ही जुटा था कि करीब साढ़े ग्यारह बजे कमलेश कुमारी की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई। घरवाले उन्हें भी उसी नादौन अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशें बेकार साबित हुईं और उनकी भी जान चली गई। इस तरह करीब एक घंटे के भीतर एक ही घर की दो महिलाओं की मौत ने पूरे बदारन गांव को सदमे में डाल दिया।
सगी बहनों जैसा था दोनों का रिश्ता
गांव वालों और परिजनों का कहना है कि शकुंतला देवी और कमलेश कुमारी का आपसी लगाव किसी सगी बहनों से कम नहीं था। दोनों सिर्फ देवरानी-जेठानी के रिश्ते से नहीं जुड़ी थीं, बल्कि बरसों से एक-दूसरे का सुख-दुख साझा करती आई थीं। शायद यही गहरा जुड़ाव था कि जेठानी की अचानक मौत की खबर देवरानी के लिए इतना बड़ा झटका बन गई कि वह भी उसे झेल नहीं पाईं।
एक साथ उठीं दोनों की अर्थियां, श्मशान में भी साथ जलीं चिताएं
रविवार शाम जब दोनों महिलाओं की अर्थियां घर के एक ही आंगन से एक साथ उठाई गईं, तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग यह मंजर देखकर खुद को रोक नहीं पाए। इसके बाद दोनों अर्थियां साथ ही गांव के बाहर बने श्मशानघाट पहुंचीं, जहां दोनों की चिताएं भी पास-पास सजाई गईं। कुछ ही घंटों के अंतराल में एक ही परिवार की दो महिलाओं की एक साथ हुई इस अंतिम विदाई ने वहां जुटे सैकड़ों लोगों को भावुक कर दिया।
पूर्व विधायक भी पहुंचे शोक जताने
घटना की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री बदारन गांव पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को इस मुश्किल घड़ी से उबरने की हिम्मत मिले, इसकी कामना की और सदस्यों को ढांढस बंधाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में पूरा गांव और प्रशासन परिवार के साथ खड़ा रहेगा। आने वाले दिनों में परिवार दोनों महिलाओं के अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में एक साथ निभाएगा। इस घटना के बाद से बदारन गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।





















