हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती किन्नौर जिले में चीन प्रशासित तिब्बत सीमा से सटे बेहद दुर्गम इलाके में रविवार को एक भयानक हादसा सामने आया। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान अचानक हुए एक जोरदार विस्फोट में एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दर्दनाक घटना छितकुल से लगभग 27 किलोमीटर आगे धूमती नामक स्थान पर उस समय घटी, जब एक्सकैवेटर मशीन के जरिए खुदाई की जा रही थी और बड़े पत्थर हटाए जा रहे थे।
खुदाई के दौरान हुआ जोरदार धमाका
धूमती में निर्माण कार्य के दौरान एक्सकैवेटर जब पत्थरों को हटा रहा था, तभी अचानक जमीन में जबरदस्त विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि उसने एक्सकैवेटर मशीन के लोहे के पंजे को भी दो फाड़ कर दिया और मौके पर एक गहरा गड्ढा बन गया। इस भयानक हादसे में कांगड़ा जिले के पालमपुर निवासी 50 वर्षीय अशोक कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गए। राहत दल उन्हें तुरंत रिकांग पिओ स्थित क्षेत्रीय अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अत्यधिक चोटों की वजह से उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
घायल साथी का अस्पताल में चल रहा इलाज
इस अप्रत्याशित विस्फोट में बिहार के रहने वाले 23 वर्षीय भोला साह भी बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद उन्हें तुरंत उपचार के लिए रिकांग पिओ के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मशीन के मजबूत लोहे के परखच्चे उड़ गए और पूरा इलाका दहल उठा।
विस्फोट के कारणों की जांच में जुटी सेना और पुलिस
हादसे की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति का मुआयना करने के बाद मामला दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू कर दी। चूंकि यह घटना अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्र में हुई है, इसलिए प्रशासन के अनुसार सेना भी पूरे घटनाक्रम और परिस्थितियों की सघन जांच कर रही है। सीमांत क्षेत्र में काम शुरू करने से पहले क्या सुरक्षा मानकों और बारूदी सामग्री की जांच की गई थी, यह सवाल बना हुआ है जिसका खुलासा सेना और पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।























