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किन्नौर में भारत-तिब्बत सीमा पर सड़क निर्माण के दौरान भीषण धमाका, एक श्रमिक की जान गई और दूसरा गंभीर रूप से घायलहिमाचल प्रदेश
21 सित॰ 2026, 9:24 am (46 दिन पहले)· 2

किन्नौर में भारत-तिब्बत सीमा पर सड़क निर्माण के दौरान भीषण धमाका, एक श्रमिक की जान गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में छितकुल से आगे सड़क निर्माण कार्य के समय हुए अचानक विस्फोट में कांगड़ा निवासी चालक की जान चली गई, जबकि बिहार का साथी गंभीर घायल हो गया।

हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती किन्नौर जिले में चीन प्रशासित तिब्बत सीमा से सटे बेहद दुर्गम इलाके में रविवार को एक भयानक हादसा सामने आया। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान अचानक हुए एक जोरदार विस्फोट में एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दर्दनाक घटना छितकुल से लगभग 27 किलोमीटर आगे धूमती नामक स्थान पर उस समय घटी, जब एक्सकैवेटर मशीन के जरिए खुदाई की जा रही थी और बड़े पत्थर हटाए जा रहे थे।

खुदाई के दौरान हुआ जोरदार धमाका

धूमती में निर्माण कार्य के दौरान एक्सकैवेटर जब पत्थरों को हटा रहा था, तभी अचानक जमीन में जबरदस्त विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि उसने एक्सकैवेटर मशीन के लोहे के पंजे को भी दो फाड़ कर दिया और मौके पर एक गहरा गड्ढा बन गया। इस भयानक हादसे में कांगड़ा जिले के पालमपुर निवासी 50 वर्षीय अशोक कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गए। राहत दल उन्हें तुरंत रिकांग पिओ स्थित क्षेत्रीय अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अत्यधिक चोटों की वजह से उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

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घायल साथी का अस्पताल में चल रहा इलाज

इस अप्रत्याशित विस्फोट में बिहार के रहने वाले 23 वर्षीय भोला साह भी बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद उन्हें तुरंत उपचार के लिए रिकांग पिओ के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मशीन के मजबूत लोहे के परखच्चे उड़ गए और पूरा इलाका दहल उठा।

विस्फोट के कारणों की जांच में जुटी सेना और पुलिस

हादसे की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति का मुआयना करने के बाद मामला दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू कर दी। चूंकि यह घटना अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्र में हुई है, इसलिए प्रशासन के अनुसार सेना भी पूरे घटनाक्रम और परिस्थितियों की सघन जांच कर रही है। सीमांत क्षेत्र में काम शुरू करने से पहले क्या सुरक्षा मानकों और बारूदी सामग्री की जांच की गई थी, यह सवाल बना हुआ है जिसका खुलासा सेना और पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

सवाल-जवाब

किन्नौर में विस्फोट की घटना किस स्थान पर हुई?
यह हादसा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में छितकुल से करीब 27 किलोमीटर आगे धूमती के पास भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र में हुआ।
हादसे के समय वहां क्या कार्य किया जा रहा था?
घटना के समय लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा सड़क निर्माण के तहत एक्सकैवेटर से खुदाई और पत्थर उठाने का काम किया जा रहा था।
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान क्या है?
मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर निवासी 50 वर्षीय अशोक कुमार के रूप में हुई है।
विस्फोट में घायल हुए साथी की स्थिति क्या है?
हादसे में बिहार निवासी 23 वर्षीय भोला साह गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका रिकांग पिओ के क्षेत्रीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
धमाके के कारणों की जांच कौन कर रहा है?
इस पूरे मामले की परिस्थितियों की जांच सेना द्वारा की जा रही है और स्थानीय पुलिस ने भी मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·46 दिन पहले

यह घटना भारत-तिब्बत सीमा के बेहद दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र में श्रमिक सुरक्षा के कड़े मानकों की मांग करती है। जब सीमांत विकास कार्यों में भारी मशीनरी और विस्फोटकों का उपयोग होता है, तब ऐसे भीषण हादसों से बचना तभी संभव है जब हर कदम पर सुरक्षा ऑडिट और तकनीकी निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का अपूरणीय नुकसान न झेलना पड़े।

Ravikash Gupta@ravikash·46 दिन पहले

भारत-तिब्बत सीमा पर दुर्गम क्षेत्रों में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और सामरिक संवेदनशीलता का कड़ाई से पालन होना बेहद जरूरी है। इस हादसे के बाद सेना और पुलिस की संयुक्त जांच से यह साफ होना चाहिए कि क्या अनियोजित विस्फोटक सामग्री या भू-तकनीकी चूक इस दुर्घटना का कारण बनी, ताकि सीमावर्ती प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले श्रमिकों की जान जोखिम में न पड़े।

Arjun Mehta@arjun-mehta·46 दिन पहले

यह हादसा सामरिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और नागरिक सुरक्षा के बीच के नाजुक संतुलन को उजागर करता है। सीमा पर चल रहे ऐसे चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट्स में भारी मशीनरी के उपयोग के दौरान पूर्व-निरीक्षण और भू-तकनीकी सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की मांग उठती है, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा चूकों को पूरी तरह रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·46 दिन पहले

अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इस संवेदनशील दुर्गम क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान हुआ यह भीषण विस्फोट गंभीर सुरक्षा और प्रशासनिक चूक की ओर इशारा करता है। इस तरह के संवेदनशील सीमांत इलाकों में खुदाई और बारूदी सामग्री के इस्तेमाल से पहले सुरक्षा प्रोटोकॉल और विस्फोटक अवशेषों की सघन जांच अनिवार्य होनी चाहिए। पुलिस और सेना की संयुक्त जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होना बाकी है कि क्या यह कोई पुराना अनफटा बम था या मशीन के घर्षण से कोई अनहोनी हुई, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·46 दिन पहले

सीमावर्ती क्षेत्रों में अवसंरचना विकास के दौरान इस प्रकार की दुर्घटनाएं सामरिक रूप से संवेदनशील इलाकों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। मशीन के लोहे के पुर्जों का इस तरह क्षतिग्रस्त होना उच्च तीव्रता के विस्फोट की ओर संकेत करता है। जांच एजेंसियों को यह प्राथमिकता से पता लगाना होगा कि क्या यह घटना किसी पुराने अनसुने विस्फोटक अवशेष का परिणाम थी या निर्माण प्रक्रिया में उपयोग की गई सामग्री में कोई विसंगति थी। भविष्य में ऐसे दुर्गम और सामरिक क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान कड़े सुरक्षा मानक लागू करना और एहतियाती सर्वे अनिवार्य करना अत्यंत आवश्यक है ताकि अमूल्य मानव जीवन की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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