राजधानी में कड़े पहरे और 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कपिल सिब्बलएशियन गेम्स में गोल्ड जीतने पर इनामों का बड़ा अंतर: सुंदर को 75 लाख और विप्रज निगम को 3 करोड़ का ऐलानजीवन बीमा की किस्त छूटने पर सुरक्षा कब तक जारी रहती है और पॉलिसी दोबारा कैसे शुरू कराएंसोते समय बड़बड़ाने की वजह और बचाव के तरीके, जानिए कब मनोचिकित्सक से मिलना जरूरी हैलॉन्ड्री केयर लेबल पर बने 5 जरूरी संकेत बचाएंगे आपके पसंदीदा कपड़े खराब होने सेनानकपुरिया रेलवे ट्रैक पर मिला चाय कारोबारी विकास मीणा का शव, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंकाकब्ज और सुबह पेट साफ न होने से हैं परेशान, विशेषज्ञ ने बताए राहत पाने के आसान तरीकेखून में प्लेटलेट्स की संख्या 50000 तक गिरने के खतरे और खानपान से सुधार के उपायरोमानियाई लियू और सरकारी बॉन्ड में तेजी, गठबंधन सरकार की उम्मीदों और केंद्रीय बैंक के सख्त रुख से मिला सहाराअमेरिकी श्रम विभाग ने आठ दिग्गज टेक फर्मों का पर्म कार्यक्रम रोका, टीसीएस ने कहा कामकाज रहेगा बेअसर
मंडी में निजी बस एजेंट पर एचआरटीसी परिचालक से मारपीट का आरोप, चालक बस लेकर थाने पहुंचाहिमाचल प्रदेश
9 अक्तू॰ 2026, 4:07 pm (2 घंटे पहले)· 0

मंडी में निजी बस एजेंट पर एचआरटीसी परिचालक से मारपीट का आरोप, चालक बस लेकर थाने पहुंचा

मंडी के नेरचौक में निजी बस एजेंट द्वारा एचआरटीसी परिचालक के साथ कथित हाथापाई के बाद चालक बस को सीधे थाने ले गया, जिससे छतरी रूट की सेवा बाधित हुई और पुलिस ने मामला दर्ज किया।

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सरकारी और निजी बस संचालन के बीच तनाव का एक गंभीर मामला सामने आया है। मंडी से छतरी रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस के परिचालक के साथ नेरचौक में कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि एक निजी बस ऑपरेटर के एजेंट ने परिचालक के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और विरोध करने पर उसे थप्पड़ मार दिए। इस विवाद के बाद चालक बस को आगे ले जाने के बजाय यात्रियों सहित सीधे थाने ले गया, जिसके कारण छतरी मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

सवारियां उतारते समय हुआ विवाद

पीड़ित परिचालक संतोष कुमार के अनुसार, सात अक्तूबर को उनकी तैनाती मंडी-छतरी मार्ग पर चलने वाली बस में थी। दोपहर लगभग दो बजे बस जब नेरचौक में यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के लिए रुकी, तब संतोष बस के अगले दरवाजे के पास मौजूद थे। इसी दौरान एक निजी बस ऑपरेटर के कथित एजेंट हंस राज ने बस का दरवाजा बार-बार बंद करना शुरू कर दिया। जब संतोष ने इस हरकत पर आपत्ति जताई, तो हंस राज ने गाली-गलौज करते हुए उन पर हमला कर दिया और थप्पड़ जड़ दिए।

ये भी पढ़ें

सीधे थाने पहुंची यात्रियों से भरी बस

घटना से नाराज बस चालक ने गाड़ी को निर्धारित गंतव्य पर आगे ले जाने के बजाय सीधे रत्ती पुलिस थाने की ओर मोड़ दिया। सवारियों से भरी बस के थाने पहुंचने से छतरी रूट पर जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और सेवा कुछ देर के लिए रुक गई। परिचालक ने थाने पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी।

कर्मचारी यूनियन का आक्रोश और सुरक्षा की मांग

एचआरटीसी परिचालक यूनियन ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज किया है और निगम कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। यूनियन के राज्य मीडिया प्रभारी ललित राजपूत ने कहा कि नेरचौक, चौलचौक और डडौर जैसे स्थानों पर निजी बसों के एजेंट अक्सर सक्रिय रहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निजी बस संचालक ऐसे एजेंट रख रहे हैं, तो संबंधित प्राधिकरण के पास उनकी नियुक्ति और अधिकृत होने से जुड़ी पुख्ता जानकारी होनी चाहिए।

मैडी पर्सनल एक्ट लागू करने की अपील और पुलिस कार्रवाई

यूनियन के जिला प्रधान रूप लाल ने चालकों और परिचालकों पर बढ़ते हमलों को देखते हुए राज्य सरकार से जल्द मैडी पर्सनल एक्ट लागू करने का आग्रह किया है। वहीं, मंडी के एसपी विनोद कुमार ने बताया कि परिचालक संतोष कुमार की शिकायत पर बल्ह पुलिस थाने में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

सवाल-जवाब

यह घटना कब और कहां हुई?
यह घटना सात अक्तूबर को दोपहर करीब दो बजे हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित नेरचौक पर हुई।
पीड़ित परिचालक किस रूट पर कार्यरत था?
पीड़ित परिचालक संतोष कुमार एचआरटीसी की मंडी-छतरी रूट की बस में ड्यूटी पर तैनात थे।
आरोपी व्यक्ति कौन है और उस पर क्या आरोप है?
आरोपी निजी बस ऑपरेटर का कथित एजेंट हंस राज है, जिस पर गाली-गलौज करने और परिचालक को थप्पड़ मारने का आरोप है।
चालक बस को सीधे थाने क्यों ले गया?
परिचालक के साथ हुई मारपीट के विरोध में और शिकायत दर्ज कराने के लिए चालक यात्रियों से भरी बस को रत्ती पुलिस थाने ले गया।
यूनियन ने सरकार से क्या मांग की है?
एचआरटीसी परिचालक यूनियन ने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मैडी पर्सनल एक्ट लागू करने और निजी एजेंटों की अधिकृतता की जांच की मांग की है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
मंडी के एसपी विनोद कुमार के अनुसार, परिचालक की शिकायत पर बल्ह पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·26 मिनट पहले

मुझको लगता है कि ड्राइवर का बस सीधे थाने ले जाना थोड़ा ज़्यादा था, इससे सवारियों को बहुत परेशानी हुई होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·26 मिनट पहले

अ अर्जुन जी, बात आपकी ठीक है कि सवारियों को परेशानी हुई, पर परिचालक पर हमला होने पर ड्राइवर और क्या करता?

Karan Malhotra@karan-malhotra·45 मिनट पहले

सरकारी बसों और प्राइवेट एजेंटों की ये गुंडागर्दी रोज की सिरदर्दी बन गई है।

Rohan Verma@rohan-verma·45 मिनट पहले

करण भाई, सही कह रहे हो। पिछले महीने जब मैं गोरखपुर से लखनऊ जा रहा था, तब भी बस स्टैंड पर ऐसे ही एजेंटों ने हंगामा किया था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp