हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली के बाद लंबे समय से खाली हाथ बैठे सेवानिवृत्त कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा मिलने का सिलसिला जारी है। कांगड़ा जिले की धर्मशाला से सामने आए एक नए मामले में 70 वर्ष की बुजुर्ग महिला रत्नी देवी को आखिरकार पेंशन का लाभ मिलने जा रहा है। गंभीर बीमारी कैंसर से जूझ रहीं रत्नी देवी वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुई थीं, लेकिन उस समय पेंशन का कोई प्रावधान न होने के कारण उन्हें खाली हाथ रहना पड़ा था। अब व्यवस्था में हुए बदलाव के बाद उनके खाते में प्रतिमाह 18,000 रुपये की सम्मानजनक राशि आएगी, जिसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया है।
लंबी सेवा के बाद भी एक दशक तक नहीं मिला कोई सहारा
रत्नी देवी के सेवाकाल का इतिहास लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने सरकारी तंत्र में लगभग 15 वर्षों तक वन विभाग के भीतर अपनी सेवाएं दी थीं। इसके बाद उनका स्थानांतरण शिक्षा विभाग में हुआ, जहां वे हाई स्कूल सतुआं में कार्यरत रहीं और वहीं से वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुईं। सेवानिवृत्ति के समय लागू व्यवस्था के तहत उन्हें किसी भी प्रकार की मासिक पेंशन नहीं मिल पा रही थी। न्यू पेंशन स्कीम एसोसिएशन के जिला कांगड़ा अध्यक्ष राजेंद्र मन्हास ने उनके साथ बातचीत का एक वीडियो साझा करते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रत्नी देवी कैंसर से पीड़ित हैं और उनके संगठन ने वर्ष 2017-18 के दौरान ही उनकी इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। संगठन के प्रतिनिधि त्योहारी मौकों पर भी उनसे मिलकर हौसला बढ़ाते रहे थे।
कागजी औपचारिकताएं पूरी, अगले महीने से शुरू होगा भुगतान
हाल ही में जब उनके पेंशन के मामले को हरी झंडी मिली, तब वे आवश्यक दस्तावेजों के काम के लिए कार्यालय पहुंचीं। जरूरी कागजात तैयार कर लिए गए हैं और तय प्रक्रिया के अनुसार अगले महीने से उनकी पेंशन का नियमित वितरण शुरू हो जाएगा। पहले जहां उन्हें हर महीने शून्य रुपये मिलते थे, वहीं अब 18,000 रुपये की तय राशि मिलने से वे अपने स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की जरूरतों को बिना किसी पर निर्भर रहे पूरा कर सकेंगी। बुजुर्ग महिला ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था की वापसी से उनका बुढ़ापा सुरक्षित हुआ है और अब उन्हें शासन से कोई शिकायत नहीं बची है।
चुनावी वादे से लेकर धरातल पर क्रियान्वयन तक का सफर
हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना की बहाली वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी की प्रमुख चुनावी गारंटियों में शामिल थी। सत्ता में आने के बाद राज्य प्रशासन ने 17 अप्रैल 2023 को इस संबंध में विधिवत अधिसूचना जारी कर दी थी। इस नीतिगत निर्णय के दायरे में प्रदेश के लगभग 1.30 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 31 जनवरी 2026 तक पिछले तीन वर्षों की अवधि में 9,739 सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का सीधा लाभ दिया जा चुका है, जबकि 1,656 दिवंगत कर्मियों के परिजनों को पारिवारिक पेंशन की सुरक्षा प्रदान की गई है।



















