कनाडा की बेरोजगारी दर और बैंक ऑफ कनाडा के फैसलों पर टिकी निवेशकों की निगाहेंसेनहाइजर अकेंटम क्लिप रिव्यू (2026): ओपन-इयर डिज़ाइन और फिटनेस प्रेमियों के लिए खास ऑडियो डिवाइससैमसंग एचडब्लू-क्यू900एच साउंडबार रिव्यू (2026): बेहतरीन ऑडियो और दमदार फीचर्स वाला शानदार डिवाइसइंदौर के रावजी बाजार में महिला को जबरन ले जाने की कोशिश, गुस्साई भीड़ ने आरोपी असलम को अर्धनग्न कर पीटायूएस ओपन में बड़ा उलटफेर, तीसरे सीड फेलिक्स ओगर-अलियासिम को कारेन खाचानोव ने दी मातहल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धीकरण का विवाद पहुंचा उत्तराखंड हाई कोर्टब्रेविले द कॉम्पैक्ट स्मार्ट ओवन रिव्यू: जानें इस छोटे काउंटरटॉप ओवन की परफॉर्मेंसजीपीटी-6 अस्त्र के साथ एजीआई युग की शुरुआत, ओपनएआई का बड़ा दावाजावेद अख्तर ने बताया, जब 8 साल के फरहान अख्तर ने पूछा था कि क्या हम मुसलमान हैंतमिलनाडु में 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा प्याज, इन जगहों से आसानी से करें खरीदारी
पहाड़ों पर आफत की बारिश: सोलन के परवाणू में भारी तबाही, कालका-शिमला हाईवे बंद और मंडी में हादसे से एक मौतहिमाचल प्रदेश
3 सित॰ 2026, 4:13 pm (9 घंटे पहले)· 0

पहाड़ों पर आफत की बारिश: सोलन के परवाणू में भारी तबाही, कालका-शिमला हाईवे बंद और मंडी में हादसे से एक मौत

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवाणू में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन और जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कालका-शिमला हाईवे पर यातायात ठप्प हो गया, जबकि मंडी जिले में नाला पार करते समय एक बुजुर्ग की बहने से मौत हो गई।

हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सोलन जिले के औद्योगिक शहर परवाणू और आसपास के इलाकों में बुधवार रात हुई तेज बारिश से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। परवाणू बाइपास से लेकर सेक्टर 2 तक हर तरफ मलबे और पानी का तांडव देखने को मिला। हालांकि परवाणू क्षेत्र में किसी प्रकार का जानी नुकसान दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन जलभराव और भूस्खलन के कारण स्थानीय निवासियों में गहरा खौफ बना हुआ है। इसके साथ ही गुरुवार को ऊना जिले के भरवाईं क्षेत्र में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई।

परवाणू में बिजली के खंभे गिरे और हाईवे पर फंसी एंबुलेंस

बुधवार देर शाम परवाणू में शुरू हुई तेज बारिश के कारण सेक्टर 3 में बड़ा हादसा होने से बचा। यहां बिजली बोर्ड द्वारा सड़क किनारे मिट्टी के ढेर पर रखे गए सैकड़ों बिजली के खंभे भूस्खलन की जद में आ गए। मिट्टी धंसने से लगभग 10 से 12 खंभे नीचे गिर गए, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया। वहीं कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर टिंबर ट्रेल के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरकर सड़क पर आ गया, जिससे वाहनों के पहिए थम गए। इस दौरान हाईवे पर आई अचानक बाढ़ के पानी में एक एंबुलेंस भी फंस गई, जिसे बाद में बड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका।

ये भी पढ़ें

गांवों का संपर्क टूटा और प्रमुख रास्ते पूरी तरह ठप

बारिश का सबसे व्यापक असर ग्राम पंचायत जंगेशू में देखने को मिला। यहां स्थित तीड़ो गांव में बीती रात पहाड़ी नाले में आए फ्लैश फ्लड के कारण ग्रामीणों को भारी नुकसान पहुंचा है। नाले से आए मलबे ने ग्रामीणों के खेतों, खलिहानों और जमीनों को पूरी तरह पाट दिया है। जंगेशू के साथ लगते कुंडलू गांव में भी भीषण भूस्खलन हुआ है। इसके चलते कसौली-कालका वाया जंगेशू तथा कसौली-कालका वाया कुंडलू दोनों मुख्य सड़कें पूरी तरह से बंद हो गई हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क शहरों से कट गया है।

सेब मंडी के पास भूस्खलन और घरों में घुसा पानी

परवाणू के सेक्टर 6 स्थित प्रसिद्ध सेब मंडी के समीप पहाड़ी खिसकने से सारा मलबा मुख्य मार्ग पर आ जमा हुआ। मलबे के कारण सड़क यातायात पूरी तरह ठप हो गया और गाड़ियो की लंबी कतारें लग गईं। बारिश के बीच घंटों जाम में फंसे यात्रियों और वाहन चालकों को बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा सेक्टर 6 के ब्लॉक नंबर 57, 58 और 59 में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई, जहां बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पर्याप्त ड्रेनेज सिस्टम न होने के कारण सड़कों का पानी घरों में घुसा, जिससे लोगों को अपना कीमती सामान बचाने और पानी निकालने के लिए रातभर मशक्कत करनी पड़ी। इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर परवाणू से आगे जाबली में भी नाले के उफान पर आने से मलबा और पानी एक दुकान के ऊपर से बहने लगा, जहां दुकानदार ने ऐन वक्त पर भागकर अपनी जान बचाई।

मंडी जिले में नाला पार करते समय बुजुर्ग की दुखद मौत

सोलन के अलावा मंडी जिले से भी बारिश के कारण दुखद खबर आई है। मंडी की चौहार घाटी में नाले में आए तेज उफान की चपेट में आने से 55 वर्षीय सबला राम की जान चली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सबला राम जंगल से अखरोट लेने गए थे। वापस घर लौटते समय सवाड़ नाला पार करते वक्त अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वह उसमें बह गए। वहां मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें नाले से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मौसम विभाग का येलो अलर्ट और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में 3 से 5 सितंबर 2026 तक अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग की ओर से आगामी तीन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वानुमान के मुताबिक बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में इन तीन दिनों के दौरान एकाध स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। सोलन जिले में 5 सितंबर को कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। वहीं 6 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है, हालांकि 6 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है।

सवाल-जवाब

परवाणू और सोलन में भारी बारिश से क्या नुकसान हुआ है?
परवाणू में रिहायशी मकानों में पानी भर गया, सेक्टर 3 में बिजली के खंभे गिर गए और सेब मंडी के पास भूस्खलन हुआ। इसके अलावा कई मुख्य मार्ग बंद हो गए।
कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग की क्या स्थिति है?
टिंबर ट्रेल के पास मलबा आने और जाबली में जलभराव के कारण राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लंबा जाम लग गया।
मंडी जिले में हादसे में किसकी जान गई?
मंडी की चौहार घाटी में 55 वर्षीय सबला राम सवाड़ नाला पार करते समय तेज बहाव में बह गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
कसौली और आसपास के गांवों की सड़कें क्यों ठप हैं?
जंगेशू और कुंडलू गांवों के पास भारी भूस्खलन और मलबे की वजह से कसौली-कालका मुख्य मार्ग पूरी तरह ठप हो गए हैं।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए क्या चेतावनी जारी की है?
मौसम विभाग ने 3 से 5 सितंबर 2026 तक के लिए 3 दिन का येलो अलर्ट जारी किया है और कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR