गीर फाउंडेशन के सर्वे में बड़ा खुलासा, दक्षिण कच्छ की खाड़ी में तेजी से बढ़ा डॉल्फिन का कुनबाभारत की मेजबानी में BRICS मुख्य न्यायाधीश फोरम का आयोजन, CJI सूर्यकांत 10 राष्ट्रों के शीर्ष जजों संग करेंगे द्विपक्षीय बैठकेंमुंबई के गोरेगांव में ऋतिक रोशन ने 5 साल के लिए लीज पर दिया ऑफिस, मिलेंगे 4.84 करोड़ रुपयेइम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर नहीं उतरेंगे एमएस धोनी, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने किया खुलासाबांद्रा स्थित 'रफी मेंशन' पहुंचे सोनू निगम, सचिन तेंदुलकर और सलीम मर्चेंट, हारमोनियम पर गाया 'दीवाना हुआ बादल'10 सितंबर की बैठक में ब्याज दर 0.25% बढ़ाने की तैयारी में यूरोपीय सेंट्रल बैंक, 65 अर्थशास्त्रियों का दावादिल्ली में होटल हादसे के बाद बुजुर्ग को मिला 32,899 रुपये का मुआवजा, जानें यात्रियों के कानूनी अधिकारजोधपुर नगर निगम चुनाव में सड़कों और गंदगी की मार झेल रहे मतदाता मांग रहे 5 साल तक साथ निभाने वाला प्रतिनिधिराजेश खन्ना ने जब फ्लॉप की चाहत में साइन की थी 'हाथी मेरे साथी', 15 लगातार सुपरहिट फिल्मों और स्टारडम का पूरा किस्साएनआईटी राउरकेला के शोधकर्ताओं ने विकसित की हाइब्रिड पावर तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी उम्र में होगा बड़ा इजाफा
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र समाप्त, राज्य के सभी 68 विधायकों के वाहनों को जल्द मिलेगी खास झंडीहिमाचल प्रदेश
3 सित॰ 2026, 5:10 pm (1 घंटे पहले)· 1

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र समाप्त, राज्य के सभी 68 विधायकों के वाहनों को जल्द मिलेगी खास झंडी

हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का 12वां मॉनसून सत्र संपन्न होने के साथ ही स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने घोषणा की है कि सभी 68 विधायकों की गाड़ियों पर एक हफ्ते के भीतर विशेष झंडियां लगाई जाएंगी।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र 3 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 14वीं विधानसभा के इस 12वें सत्र के समापन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने घोषणा की कि राज्य के सभी 68 विधायकों को जल्द ही विशेष झंडियां प्रदान की जाएंगी। विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, अगले एक सप्ताह के भीतर जनप्रतिनिधियों को उनके वाहनों के लिए यह आधिकारिक झंडियां उपलब्ध करा दी जाएंगी। इस कदम से लंबे समय से विधायकों द्वारा की जा रही मांग पूरी हो जाएगी और सड़कों पर आवाजाही के दौरान होने वाली असुविधाओं का समाधान हो सकेगा।

विधायकों की गाड़ियों पर विशेष झंडी का निर्णय और वजह

राज्य के विधायक लंबे समय से अपनी आधिकारिक गाड़ियों पर विशेष पहचान झंडी लगाने की अनुमति मांग रहे थे। दरअसल, क्षेत्रों में आवाजाही के दौरान कई बार पुलिसकर्मी विधायकों के वाहनों को रोक लेते थे, जिससे पुलिस और विधायकों के बीच अनावश्यक बहस और विवाद की स्थितियां बन जाती थीं। इतना ही नहीं, कई मौकों पर जनप्रतिनिधियों के वाहनों के चालान भी काट दिए गए थे। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद विधायकों की गाड़ियों की पहचान आसान होगी और सुरक्षा जांच या यातायात प्रबंधन के दौरान होने वाली इन व्यावहारिक समस्याओं पर विराम लगेगा।

ये भी पढ़ें

14वीं विधानसभा के 12वें सत्र की प्रमुख उपलब्धियां और कामकाज

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सत्र के कामकाज का विस्तृत ब्योरा साझा करते हुए बताया कि यह सत्र 21 अगस्त से शुरू होकर 03 सितंबर 2026 तक संचालित हुआ। कुल 10 बैठकों वाले इस सत्र में 45 घंटे 30 मिनट तक विधायी कार्यवाही चली और सदन की कुल उत्पादकता 91 प्रतिशत दर्ज की गई। सत्र की शुरुआत अत्यंत भावुक माहौल में हुई, जहाँ पहले ही दिन पूर्व विधायक स्वर्गीय विजयेन्द्र सिंह, राम चन्द भाटिया, ज्ञान चन्द और राम रत्न शर्मा को याद करते हुए समूचे सदन ने शोकोद्गार व्यक्त किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

सदन में पूछे गए प्रश्न, विधेयक और नियमवार चर्चा का ब्योरा

इस मॉनसून सत्र के दौरान राज्य सरकार की ओर से कुल 786 प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए गए, जिनमें 514 तारांकित प्रश्न और 272 अतारांकित प्रश्न शामिल थे। सदन में जनहित के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अलग-अलग नियमों के तहत व्यापक चर्चा हुई। नियम 62 के तहत 14 विषय, नियम 101 के तहत 5 विषय, नियम 130 के तहत 2 विषय और नियम 324 के तहत 11 विषयों पर सदस्यों ने अपने बहुमूल्य विचार और सुझाव रखे। इसके अलावा, शून्यकाल में विधायकों ने 34 स्थानीय और तात्कालिक मुद्दों को उठाया। सत्र के दौरान 27 अगस्त 2026 का दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के रूप में निर्धारित था। विधायी कार्य की बात करें तो इस सत्र में 7 महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों को पारित किया गया, जबकि विभिन्न संसदीय समितियों की 44 रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी गईं।

युवाओं की भागीदारी और पिछले सत्र से प्रदर्शन की तुलना

संसदीय कार्यप्रणाली में युवाओं की बढ़ती रुचि पर प्रकाश डालते हुए स्पीकर ने बताया कि सत्र के दौरान प्रदेश के सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों के लगभग 1,908 विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखा। यह आंकड़े बताते हैं कि आज की युवा पीढ़ी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति काफी जागरूक और उत्सुक है। पिछले सत्र से तुलना करते हुए अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व सत्र में 16 बैठकें आयोजित की गई थीं, जिनकी कार्यवाही 84 घंटे 49 मिनट तक चली थी और उत्पादकता 103 प्रतिशत रही थी। उस सत्र में विधायकों से प्रश्नों के माध्यम से 617 सूचनाएं प्राप्त हुई थीं।

सदन संचालन के लिए धन्यवाद ज्ञापन

सत्र के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष पठानिया ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से सदन के नेता ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान और सभापति तालिका के सभी सदस्यों के सहयोग की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने विधानसभा सचिव, जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, राज्य सरकार के अधिकारियों तथा विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों का भी धन्यवाद किया, जिनके निरंतर प्रयासों से मॉनसून सत्र सफलता के साथ पूरा हुआ।

सवाल-जवाब

हिमाचल प्रदेश में किस फैसले के तहत विधायकों को विशेष झंडी दी जा रही है?
मॉनसून सत्र के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने घोषणा की कि राज्य के सभी 68 विधायकों के वाहनों पर एक सप्ताह के भीतर विशेष झंडियां लगाई जाएंगी।
विधायकों के वाहनों के लिए स्पेशल झंडी की मांग क्यों की जा रही थी?
स्पष्ट पहचान न होने के कारण पुलिसकर्मी अक्सर विधायकों की गाड़ियों को रोक लेते थे, जिससे विवाद होते थे और कई बार चालान भी कट जाते थे।
14वीं विधानसभा का 12वां मॉनसून सत्र कब से कब तक चला?
यह सत्र 21 अगस्त 2026 से शुरू होकर 03 सितंबर 2026 तक संचालित हुआ, जिसमें कुल 10 बैठकें आयोजित की गईं।
मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा की कुल उत्पादकता कितनी रही?
लगभग 45 घंटे 30 मिनट तक चली विधायी कार्यवाही के दौरान सदन की कुल उत्पादकता 91 प्रतिशत रही।
इस सत्र में कुल कितने प्रश्नों के उत्तर दिए गए और कितने सरकारी विधेयक पारित हुए?
सरकार की ओर से कुल 786 प्रश्नों (514 तारांकित और 272 अतारांकित) के उत्तर दिए गए और 7 सरकारी विधेयक पारित किए गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

हिमाचल विधानसभा के इस सत्र में 91 प्रतिशत उत्पादकता और 786 प्रश्नों के उत्तर जैसे आंकड़े विधायी कामकाज की गंभीरता दर्शाते हैं। हालांकि, विधायकों की गाड़ियों के लिए विशेष झंडियों का यह निर्णय ज़मीनी स्तर पर पुलिस और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद तो रोकेगा, लेकिन यह देखना अहम होगा कि वीवीआईपी संस्कृति के इस प्रावधान का आम जनता के आवागमन और यातायात प्रबंधन पर क्या व्यावहारिक असर पड़ता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

अपराध और कानून-व्यवस्था के एक रिपोर्टर के रूप में मेरा मानना है कि पुलिस चेकिंग के दौरान विधायकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच होने वाली कहासुनी और चालान जैसी घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सिरदर्द थीं। इन विशेष झंडियों से न केवल वीवीआईपी वाहनों की पहचान आसान होगी और अनावश्यक टकराव टलेंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इस विशेषाधिकार का दुरुपयोग न हो, जिससे आम नागरिकों के यातायात और कानून के समान पालन में कोई बाधा न आए।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR