हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक दिलचस्प घटनाक्रम के तहत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अपने गृह जिले में ही पार्टी को स्थानीय निकाय चुनाव में झटका लगा है। हमीरपुर पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशियों ने बाजी मार ली है। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया का संचालन उपमंडल अधिकारी संजीत सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें समिति के सभी सदस्य अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे थे। स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इस परिणाम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मतदान और निर्विरोध निर्वाचन के आंकड़े
चुनाव अधिकारी संजीत सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि निर्धारित समय यानी सुबह 11:30 बजे पंचायत समिति के सभी 17 सदस्य हॉल में मौजूद थे। अध्यक्ष पद की दौड़ में कुल दो उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया था, जिसके बाद मतदान प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। डाले गए वोटों की गिनती में भाजपा समर्थित वासुदेव ने अपने प्रतिद्वंद्वी त्रिभुवन शर्मा को 10 के मुकाबले 7 मतों के अंतर से शिकस्त दी। वहीं दूसरी ओर उपाध्यक्ष पद के लिए स्थिति बिल्कुल अलग रही, जहां केवल रानी देवी का ही नामांकन सामने आने के कारण उन्हें निर्विरोध विजेता चुन लिया गया।
जीत के बाद जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
अपनी इस जीत के तुरंत बाद पंचायत समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष वासुदेव ने मीडिया और समिति के सभी सदस्यों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के सभी सदस्यों को साथ लेकर चलना होगा ताकि इलाके में विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा सके। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध काबिज होने वाली रानी देवी ने भी अपनी जीत का श्रेय स्थानीय विधायक को दिया। उन्होंने कहा कि विधायक द्वारा दिखाए गए भरोसे पर वह पूरी तरह खरी उतरने का प्रयास करेंगी और मिलजुलकर जनहित के कार्य करेंगी।
हमीरपुर के राजनीतिक समीकरण और आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर हमीरपुर सदर से भाजपा विधायक आशीष शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ जश्न मनाया और नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। विधायक आशीष शर्मा ने इस जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के बावजूद यह साबित हो गया है कि यहां भाजपा की मजबूत पकड़ है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए वर्तमान व्यवस्था पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और सरकार को आड़े हाथों लिया।



















