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त्योहार बीतने के बाद भी आगरा के बस अड्डों पर उमड़ी भारी भीड़, बसों की किल्लत से यात्री परेशानउत्तर प्रदेश
31 अग॰ 2026, 4:19 pm (59 मिनट पहले)· 3

त्योहार बीतने के बाद भी आगरा के बस अड्डों पर उमड़ी भारी भीड़, बसों की किल्लत से यात्री परेशान

त्योहारों का सीजन समाप्त होने के बावजूद आगरा के बस अड्डों पर यात्रियों का भारी दबाव बना हुआ है। ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी और लंबी प्रतीक्षा के कारण लोगों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आगरा में फेस्टिव सीजन के संपन्न हो जाने के बाद भी विभिन्न बस अड्डों पर मुसाफिरों की भारी तादाद दिखाई दे रही है। शहर के अलग-अलग बस स्टैंडों पर सुबह के वक्त से ही लोग अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए गाड़ियों का इंतजार करते हुए देखे जा सकते हैं। खास तौर पर आगरा से सटे हुए ग्रामीण इलाकों और देहात की तरफ सफर करने वाले लोगों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। सार्वजनिक वाहनों की सीमित संख्या के चलते आम जनता को घंटों तक बस अड्डों पर खड़े होकर समय बिताना पड़ रहा है। इस भारी भीड़ में कई लोग अपने परिवारों के साथ सफर पर निकले हैं, तो वहीं दूसरी तरफ तमाम नौकरीपेशा लोग और छात्र भी अपने कार्यस्थलों व शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए बसों की टकटकी लगाए नजर आ रहे हैं।

तेज धूप और सुविधाओं की कमी ने बढ़ाई परेशानी

दिन चढ़ने के साथ ही दोपहर की तेज और चुभती धूप मुसाफिरों की तकलीफों में और ज्यादा इजाफा कर रही है। बस अड्डों परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त इंतजाम और छांव का अभाव होने की वजह से बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से जूझ रहे लोगों का कहना है कि त्योहारों का समय बीतने के बाद ग्रामीण मार्गों पर विशेष तौर पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाना चाहिए था, ताकि आम नागरिकों को लंबा इंतजार न करना पड़े। यात्रियों ने परिवहन विभाग से पुरजोर मांग की है कि आगरा और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बसों के फेरे बढ़ाए जाएं, जिससे आवागमन सुगम और आरामदायक हो सके।

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ईदगाह बस अड्डे पर कम गाड़ियों के कारण मची अफरा-तफरी

आगरा के प्रमुख ईदगाह बस अड्डे पर अपने परिचित को छोड़ने पहुंचे एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि त्योहार के बाद सड़कों पर बसों की संख्या काफी कम नजर आ रही है। उन्होंने जानकारी दी कि कई घंटों के लंबे इंतजार के बाद कहीं जाकर एक बस पहुंचती है। ऐसी स्थिति में यात्रियों का भारी हुजूम इकट्ठा हो जाता है और बसें कम होने की वजह से भगदड़ जैसे हालात बन जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ, बस की तलाश में भटक रही एक महिला यात्री ने साझा किया कि वह और उनके पति पिछले कई घंटों से वाहन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई गाड़ी नहीं मिली है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि वाहन बहुत कम हैं और जो आ भी रही हैं, उनमें तिल रखने की भी जगह नहीं बची है, जिससे लोग खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द ध्यान दिया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

जागनेर रूट पर रही सबसे अधिक गहमागहमी

आगरा के ईदगाह बस अड्डे पर सबसे ज्यादा भीड़ जागनेर मार्ग की तरफ जाने वाले यात्रियों की देखने को मिली। यहां फंसे लोगों ने बताया कि उन्हें वाहन पकड़ने के लिए कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। जैसे ही कोई बस स्टैंड के भीतर दाखिल होती है, उसमें सवार होने के लिए यात्रियों के बीच होड़ मच जाती है। जल्दबाजी में सीट हासिल करने की इस खींचतान के बीच कई मुसाफिरों को मजबूरन खड़े होकर ही अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ रही है। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच बस का इंतजार करना लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। दूसरी ओर, बस चालकों और परिचालकों का अपना पक्ष है कि रूट पर वाहनों की कोई किल्लत नहीं है और अधिकांश गाड़ियां तय समय के अनुसार ही चलाई जा रही हैं। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि शहर के भीतर कई बार भारी ट्रैफिक जाम की वजह से बसों को समय पर बस अड्डे तक पहुंचने में विलंब हो जाता है।

सवाल-जवाब

आगरा के किस बस अड्डे पर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली?
आगरा के ईदगाह बस अड्डे पर यात्रियों की सबसे भारी भीड़ देखने को मिली।
किस रूट पर यात्रियों की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई?
आगरा के जागनेर रूट पर सबसे अधिक संख्या में यात्री नजर आए।
यात्रियों को मुख्य रूप से किस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है?
बसों की कमी के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और तेज धूप में बिना पर्याप्त छाया व बैठने की व्यवस्था के दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
बस चालकों और परिचालकों का इस स्थिति पर क्या कहना है?
चालकों और परिचालकों का कहना है कि रूट पर बसों की कोई कमी नहीं है और अधिकांश गाड़ियां समय से चल रही हैं, हालांकि शहर के ट्रैफिक जाम के कारण देरी हो जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·43 मिनट पहले

त्योहारों के बाद बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ और अराजकता केवल कुप्रबंधन नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से भी गंभीर स्थिति है। ईदगाह और जागनेर रूट पर भगदड़ जैसे हालात कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन को भीड़ नियंत्रण के लिए तुरंत अतिरिक्त फेरे और पुलिस बल की तैनाती करनी होगी, अन्यथा यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही के तहत आपराधिक उपेक्षा का रूप ले सकती है।

Rohan Verma@rohan-verma·43 मिनट पहले

सहकर्मी करण मल्होत्रा के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह रेखांकित करना आवश्यक है कि आगरा के ईदगाह और जागनेर रूट पर उत्पन्न यह संकट केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवहन नीति की विफलता है। त्योहार के बाद लौटने वाले छात्रों, नौकरीपेशा और ग्रामीण यात्रियों की अनुमानित वापसी के बावजूद अतिरिक्त बसों का संचालन न होना शासन की लचर व्यवस्था को उजागर करता है। यदि परिवहन निगम ने समय रहते वैकल्पिक योजना बनाई होती, तो डिपो परिसरों में उमड़ती अनियंत्रित भीड़ और बुजुर्गों-महिलाओं को झेलनी पड़ रही इस अमानवीय धूप और कशमकश से बचा जा सकता था। आने वाले दिनों में यदि फेरे नहीं बढ़ाए गए, तो यह आक्रोशित भीड़ कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

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