आगरा में फेस्टिव सीजन के संपन्न हो जाने के बाद भी विभिन्न बस अड्डों पर मुसाफिरों की भारी तादाद दिखाई दे रही है। शहर के अलग-अलग बस स्टैंडों पर सुबह के वक्त से ही लोग अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए गाड़ियों का इंतजार करते हुए देखे जा सकते हैं। खास तौर पर आगरा से सटे हुए ग्रामीण इलाकों और देहात की तरफ सफर करने वाले लोगों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। सार्वजनिक वाहनों की सीमित संख्या के चलते आम जनता को घंटों तक बस अड्डों पर खड़े होकर समय बिताना पड़ रहा है। इस भारी भीड़ में कई लोग अपने परिवारों के साथ सफर पर निकले हैं, तो वहीं दूसरी तरफ तमाम नौकरीपेशा लोग और छात्र भी अपने कार्यस्थलों व शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए बसों की टकटकी लगाए नजर आ रहे हैं।
तेज धूप और सुविधाओं की कमी ने बढ़ाई परेशानी
दिन चढ़ने के साथ ही दोपहर की तेज और चुभती धूप मुसाफिरों की तकलीफों में और ज्यादा इजाफा कर रही है। बस अड्डों परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त इंतजाम और छांव का अभाव होने की वजह से बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से जूझ रहे लोगों का कहना है कि त्योहारों का समय बीतने के बाद ग्रामीण मार्गों पर विशेष तौर पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाना चाहिए था, ताकि आम नागरिकों को लंबा इंतजार न करना पड़े। यात्रियों ने परिवहन विभाग से पुरजोर मांग की है कि आगरा और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बसों के फेरे बढ़ाए जाएं, जिससे आवागमन सुगम और आरामदायक हो सके।
ईदगाह बस अड्डे पर कम गाड़ियों के कारण मची अफरा-तफरी
आगरा के प्रमुख ईदगाह बस अड्डे पर अपने परिचित को छोड़ने पहुंचे एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि त्योहार के बाद सड़कों पर बसों की संख्या काफी कम नजर आ रही है। उन्होंने जानकारी दी कि कई घंटों के लंबे इंतजार के बाद कहीं जाकर एक बस पहुंचती है। ऐसी स्थिति में यात्रियों का भारी हुजूम इकट्ठा हो जाता है और बसें कम होने की वजह से भगदड़ जैसे हालात बन जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ, बस की तलाश में भटक रही एक महिला यात्री ने साझा किया कि वह और उनके पति पिछले कई घंटों से वाहन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई गाड़ी नहीं मिली है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि वाहन बहुत कम हैं और जो आ भी रही हैं, उनमें तिल रखने की भी जगह नहीं बची है, जिससे लोग खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द ध्यान दिया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
जागनेर रूट पर रही सबसे अधिक गहमागहमी
आगरा के ईदगाह बस अड्डे पर सबसे ज्यादा भीड़ जागनेर मार्ग की तरफ जाने वाले यात्रियों की देखने को मिली। यहां फंसे लोगों ने बताया कि उन्हें वाहन पकड़ने के लिए कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। जैसे ही कोई बस स्टैंड के भीतर दाखिल होती है, उसमें सवार होने के लिए यात्रियों के बीच होड़ मच जाती है। जल्दबाजी में सीट हासिल करने की इस खींचतान के बीच कई मुसाफिरों को मजबूरन खड़े होकर ही अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ रही है। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच बस का इंतजार करना लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। दूसरी ओर, बस चालकों और परिचालकों का अपना पक्ष है कि रूट पर वाहनों की कोई किल्लत नहीं है और अधिकांश गाड़ियां तय समय के अनुसार ही चलाई जा रही हैं। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि शहर के भीतर कई बार भारी ट्रैफिक जाम की वजह से बसों को समय पर बस अड्डे तक पहुंचने में विलंब हो जाता है।




















