यदि आप सुबह के नाश्ते में कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो पेट के लिए हल्का हो और स्वाद में भी बेहतरीन हो, तो दाल-चावल फरा एक शानदार और पारंपरिक विकल्प साबित हो सकता है। चावल के आटे और मूंग दाल के मेल से तैयार होने वाला यह भारतीय स्नैक मुख्य रूप से भाप में पकाया जाता है, जिस वजह से इसमें बहुत ही कम तेल का इस्तेमाल होता है। इसका अंदरूनी टेक्सचर बेहद सॉफ्ट होता है और मसालेदार स्वाद हर किसी को पसंद आता है। खास बात यह है कि इसे आप सुबह के वक्त खाने के अलावा अपने बच्चों या बड़ों के टिफिन बॉक्स में भी आसानी से पैक कर सकते हैं। तीखी या खट्टी चटनी के साथ परोसने पर इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।
जरूरी सामग्री
इस लजीज और सेहतमंद नाश्ते को बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होगी। रेसिपी के अनुसार आपको 1 कप यानी लगभग 140 ग्राम चावल का आटा चाहिए होगा। इसके अलावा ½ कप यानी करीब 100 ग्राम मूंग दाल और ½ टीस्पून कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर की आवश्यकता होती है। सही सामग्री का चुनाव और उसका सही माप ही इस पारंपरिक व्यंजन को परफेक्ट बनाता है।
दाल और आटे की तैयारी
इस रेसिपी की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले मूंग दाल को साफ पानी में अच्छी तरह धो लें और इसे कुछ घंटों के लिए भिगोकर रख दें। जब दाल पूरी तरह से भीगकर फूल जाए, तब इसका सारा अतिरिक्त पानी निकाल दें और इसे मिक्सर या ग्राइंडर में दरदरा पीस लें। इस बात का खास ख्याल रखें कि दाल का पेस्ट बहुत ज्यादा बारीक नहीं होना चाहिए, क्योंकि दरदरी दाल ही फरे की असली बनावट और जायका बरकरार रखती है। इसके बाद एक बड़े बर्तन में चावल का आटा और बेसन लें। इस मिश्रण में पिसी हुई मूंग दाल, अदरक-मिर्च का पेस्ट, हल्दी पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च, धनिया पाउडर, जीरा, अजवाइन, तिल और बारीक कटा हुआ हरा धनिया मिला लें। अब इसमें स्वादानुसार नमक और 3 टीस्पून तेल डालकर सभी सामग्रियों को हाथों की मदद से अच्छी तरह आपस में मिला लें।
आटा गूंथने और आकार देने की प्रक्रिया
सभी चीजों को मिलाने के बाद अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके पानी डालें और एक नरम आटा गूंथकर तैयार कर लें। इस बात का ध्यान रखें कि गूंथा हुआ आटा न तो अत्यधिक सख्त होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा ढीला होना चाहिए। आटे को तैयार करने के बाद इसे कुछ मिनट के लिए किसी बर्तन से ढककर रख दें ताकि चावल का आटा अच्छी तरह से सेट हो जाए। इसके बाद इस आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें और उन्हें हल्का सा चपटा करते हुए अपनी पसंद का कोई भी आकार दे दें। आप चाहें तो इन्हें पारंपरिक फूल के आकार में या फिर छोटी-छोटी टिक्की के रूप में भी बना सकते हैं। अब एक स्टीमर में पानी डालकर उसे गर्म करें और उसकी स्टीमिंग प्लेट पर इन तैयार फरों को व्यवस्थित तरीके से रख दें। प्लेट को ढक दें और इन्हें भाप में अच्छी तरह पकने दें।
पकाने का सही समय और तरीका
फरों को स्टीमर में लगभग 10 से 15 मिनट तक मध्यम आंच पर पकने दें। जब ये भीतर तक अच्छी तरह पक जाएं और इनकी बाहरी सतह पूरी तरह सेट हो जाए, तब इन्हें स्टीमर से सावधानीपूर्वक बाहर निकाल लें। आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना है कि इन्हें जरूरत से ज्यादा समय तक भाप में न पकाएं, अन्यथा इनकी बनावट सख्त हो सकती है और खाने में मजा नहीं आएगा।
मूंगफली वाली हरी चटनी बनाने की विधि
इस पारंपरिक नाश्ते के साथ परोसी जाने वाली चटनी बनाने के लिए एक मिक्सर जार में हरा धनिया, हरी मिर्च, अदरक, मूंगफली के दाने, जीरा, काला नमक और थोड़ा सा सादा नमक डाल लें। इसके बाद इसमें नींबू का रस और अपनी जरूरत के अनुसार थोड़ा सा पानी मिलाकर इसे मिक्सी में बारीक पीस लें। चटनी जब अच्छी तरह पिस जाए तो इसे एक साफ बाउल में निकाल लें।
सर्विंग और अन्य विकल्प
तैयार किए गए गरमा-गरम फरों को इस स्वादिष्ट मूंगफली वाली हरी चटनी के साथ सर्व करें। अगर आपको नाश्ते में थोड़ा क्रिस्पीपन पसंद है, तो आप इन्हें भाप में पकाने के बाद एक पैन में बहुत ही कम तेल के साथ हल्का सा शैलो फ्राई भी कर सकते हैं। दाल और चावल का यह अद्भुत संयोजन इसे स्वादिष्ट होने के साथ-साथ एक पेट भरने वाला संपूर्ण नाश्ता बनाता है। मूंग दाल की मौजूदगी इसमें भरपूर प्रोटीन जोड़ती है, जबकि चावल का आटा इसे एक बेहतरीन ग्लूटेन-फ्री विकल्प के रूप में स्थापित करता है।



















