मुंगेर जिले के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं के लिए खुद के पैरों पर खड़े होने का एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। 'आत्मनिर्भर मुंगेर' मुहिम के तहत यूको आरसेटी ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्थानीय युवाओं को कुशल बनाने की एक व्यापक रूपरेखा तैयार की है। संस्थान की तरफ से इस पूरे वर्ष के दौरान कुल 29 भिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए लगभग 1000 युवाओं को दक्ष बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के माध्यम से जोड़कर मुंगेर जिले में बेरोजगारी दर को कम करना है। इस पूरी व्यवस्था की तैयारी और वित्तीयपोषण यानी फंडिंग की जिम्मेदारी पूरी तरह से यूको बैंक संस्थान द्वारा निभाई जा रही है।
रोजगार और स्वरोजगार के लिए 29 अलग-अलग ट्रेनिंग प्रोग्राम
यूको आरसेटी मुंगेर के देवेंद्र कुमार के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में चलाए जाने वाले ट्रेनिंग सेशन को पहले के मुकाबले अधिक उपयोगी और असरदार बनाया गया है। इसके तहत प्रत्येक महीने में दो से तीन प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें सेवा क्षेत्र, उत्पादन इकाइयों और उद्यमिता से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल होंगे। शुरुआती चरण में बैंकिंग सखी यानी जीविका दीदी के साथ-साथ बकरी पालन का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण अंचल के युवाओं और किसानों के लिए खेती-किसानी से जुड़े तकनीकी कोर्स भी कराए जाएंगे। युवतियों और महिलाओं की विशेष रुचि और मांग को ध्यान में रखते हुए इस बार चूड़ी मेकिंग और आभूषण निर्माण जैसे नए प्रशिक्षण कोर्स भी जोड़े गए हैं। इसके अतिरिक्त डेयरी फार्मिंग, अगरबत्ती निर्माण और कृषि आधारित व्यवसायों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। संस्थान का मूल उद्देश्य यही है कि युवा केवल प्रशिक्षण प्राप्त करके ही न बैठ जाएं, बल्कि वे अपने सीखे हुए हुनर को अपनी आमदनी का मुख्य जरिया बना सकें।
पूरी तरह मुफ्त ट्रेनिंग और बिजनेस के लिए बैंक लोन में मदद
यूको आरसेटी संस्थान में दी जाने वाली सभी ट्रेनिंग पूरी तरह से निशुल्क होती हैं, जिसके लिए अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। संस्थान के परिसर में ही अभ्यर्थियों के लिए आवासीय यानी रहने की सुविधा और डे-ट्रेनिंग दोनों तरह के विकल्प उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रशिक्षण की अवधि पूरी होने के बाद यदि कोई भी युवा अपना खुद का नया कारोबार स्थापित करना चाहता है, तो संस्थान द्वारा उसे बैंक से लोन और वित्तीय सहायता दिलवाने में पूरी मदद की जाती है। बात यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जो युवा अपने स्टार्टअप की शुरुआत करते हैं, उनकी समय-समय पर मॉनिटरिंग भी की जाती है। इस प्रक्रिया का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि युवा व्यवसाय शुरू करने के पश्चात उसे सही दिशा में आगे बढ़ा सकें। साफ है कि यहां सिर्फ कौशल सिखाने पर ही जोर नहीं दिया जा रहा है, बल्कि हुनरमंद बनाने से लेकर उन्हें स्वरोजगार के मुकाम तक पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
18 से 45 वर्ष की आयु के लोग कर सकते हैं आवेदन
इस योजना के तहत प्रशिक्षण पाने के लिए आवेदक की आयु सीमा 18 वर्ष से लेकर 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों का होना आवश्यक है, जिनमें आधार कार्ड, आर्थिक जनगणना सूची में नाम दर्ज होना, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक पासबुक शामिल हैं। सामान्य प्रकार के कोर्स के लिए अभ्यर्थी का केवल साक्षर होना यानी पढ़ना-लिखना जानना पर्याप्त है। हालांकि एक महीने की अवधि वाले विशेष कोर्स के लिए आवेदक का इंटरमीडिएट यानी बारहवीं कक्षा पास होना अनिवार्य किया गया है। जो भी इच्छुक उम्मीदवार इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले निर्धारित आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके पश्चात संस्थान द्वारा उन्हें ट्रेनिंग की निश्चित तिथि के बारे में सूचित कर दिया जाएगा। यूको आरसेटी का मुख्य कार्यालय सोमवार से लेकर शनिवार तक प्रत्येक सप्ताह सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक खुला रहता है। इच्छुक युवा सीधे इस पते पर पहुंचकर ट्रेनिंग और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी तमाम जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं, और यह संस्थान मुंगेर सदर प्रखंड परिसर के भीतर स्थित है।


















