केतन की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस को सबसे पहला सुराग एक अजीब सी बात से मिला। जांच के दौरान सामने आया कि सिया ने महज 18 दिनों के भीतर तीन बार लोहागढ़ किला जाने की जिद की थी। आखिर वह बार-बार उसी किले पर जाने के लिए क्यों अड़ी थी, इसी सवाल का जवाब तलाशते-तलाशते पुलिस के हाथ एक ऐसी सीसीटीवी फुटेज लग गई, जिसमें हुडी पहने एक युवक किले के अंदर जाता हुआ दिख रहा था। पुलिस के मन में तुरंत दूसरा सवाल उठा कि करीब 33 डिग्री सेल्सियस की तपती गर्मी में इस युवक ने हुडी क्यों पहन रखी थी। बस यही सवाल केतन की मौत की जांच कर रही टीम के लिए सुराग की पहली कड़ी बन गया।
शुरुआती फुटेज में सब कुछ सामान्य लगा
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग ने एक-एक कर सवालों के जवाब देने शुरू कर दिए। पहली नजर में फुटेज में कुछ भी असामान्य नहीं था। उसमें सिया और केतन के बीच की हर गतिविधि बिल्कुल आम दिख रही थी। 18 जून की सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक की रिकॉर्डिंग में ऐसा कुछ नहीं था जिससे किसी तरह का शक पैदा हो। पुलिस टीम सीसीटीवी की पड़ताल लगभग खत्म कर वहां से निकलने ही वाली थी, तभी उनकी नजर एक संदिग्ध युवक पर ठहर गई, जिसने हुडी के साथ हेडफोन भी लगा रखे थे।
गूगल पर तापमान देखते ही गहराया शक
पुलिस ने जब उस दिन का तापमान गूगल पर खंगाला तो वह करीब 33 डिग्री सेल्सियस निकला। इतनी गर्मी में हुडी पहनकर घूमते इस शख्स को लेकर पुलिस के मन में कई सवाल खड़े हो गए। इसके बाद फुटेज को दोबारा चलाया गया और इस बार पूरा ध्यान सिर्फ उसी हुडी वाले युवक पर टिका दिया गया।
रिकॉर्डिंग में दिखा कि वह युवक नीचे की तरफ से दौड़ता हुआ ऊपर आया। केतन और सिया पर नजर पड़ते ही वह अचानक रुक गया और वहीं बैठ गया। पुलिस का दावा है कि फुटेज में हुडी पहने इस युवक ने हाथ से इशारा किया, जिसके जवाब में सिया ने भी हल्का सा संकेत दिया।
हुडी वाले के पहुंचने से पहले बार-बार पीछे मुड़ रही थी सिया
फुटेज की बारीकी से जांच में पुलिस ने यह भी पाया कि हुडी वाले शख्स के वहां पहुंचने से पहले सिया बार-बार पीछे मुड़कर देख रही थी। लेकिन जैसे ही वह शख्स सिया और केतन को देखकर बैठा, उसके और सिया के बीच हाथों से इशारेबाजी होती दिखी।
बिना टिकट लिए किले में चला गया युवक
पुलिस के मुताबिक, किले में दाखिल होने के लिए टिकट खरीदना जरूरी है। मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत के चलते केतन टिकट के पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं कर पा रहा था। इसी वजह से केतन और सिया कुछ देर तक उसी जगह खड़े रहे। इसी बीच हुडी वाला शख्स थोड़ी देर बैठने के बाद बिना टिकट लिए ही ऊपर की ओर चला गया। जांच के सिलसिले में पुलिस टीम घटनास्थल पर भी पहुंची। मौके और सीसीटीवी को देखने के बाद पुलिस को यकीन हो गया कि मामला गड़बड़ है और इसकी और गहराई से पड़ताल जरूरी है।
बहन से पूछताछ में खुलीं अहम परतें
केतन की बहन संजना से भी पुलिस ने करीब 8 से 9 घंटे तक पूछताछ की। इस लंबी पूछताछ के बाद पुलिस का शक और पुख्ता हो गया। परिवार ने बताया कि 4 जून को उन्होंने केतन को लोहागढ़ जाने की इजाजत नहीं दी थी। इसके बाद केतन ने अपनी मां को बताया कि लोहागढ़ न जा पाने की वजह से सिया बहुत रोई थी। यह जानकारी मिलने पर उसकी मां ने 14 जून को जाने की अनुमति दे दी। केतन ने अपनी मां से यह भी कहा था कि लोहागढ़ जाने के लिए सिया ने उस पर खूब दबाव बनाया था।
18 जून का वह 'सरप्राइज' जो जानलेवा साबित हुआ
17 जून को केतन ने अपनी मां को बताया था कि अगले दिन यानी 18 जून को सिया के दोस्त ने एक सरप्राइज प्लान किया है, और इसी वजह से उसे जाने की इजाजत मिल गई। जांच में सामने आया कि सिया ने कथित तौर पर यह योजना बनाई थी कि किले पर पहुंचने के बाद वह थकने का बहाना बनाकर बैठ जाएगी। इसी को इशारा मानकर चेतन को आगे की साजिश अंजाम देनी थी। आरोप है कि जैसे ही सिया बैठी, केतन भी रुक गया और उसी पल चेतन ने उसे धक्का देकर खाई में गिरा दिया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी तकनीकी व परिस्थितिजन्य सबूतों को खंगाला जा रहा है।











