जम्मू-कश्मीर प्रशासन और स्थानीय पुलिस बल ने केंद्र शासित प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए अपने अभियानों की गति को काफी तेज कर दिया है। इसी बड़े अभियान के अंतर्गत, शनिवार को दक्षिण कश्मीर के अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले अनंतनाग जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जिला पुलिस की कई विशेष टीमों ने खुफिया जानकारी के आधार पर वाघामा क्षेत्र में एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी। इस बेहद गुप्त और रणनीतिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य घाटी के युवाओं को नशे की जानलेवा लत से बचाना और ड्रग सिंडिकेट की रीढ़ की हड्डी को पूरी तरह से तोड़ना है।
वाघामा में पुलिस का बड़ा तलाशी अभियान
शनिवार को सुबह-सुबह पुलिस बलों ने वाघामा इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और वहां एक विशाल स्तर पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया। वाघामा को काफी समय से सुरक्षा बलों और खुफिया इकाइयों द्वारा नशीले पदार्थों की बिक्री और वितरण के प्रमुख केंद्र (हॉटस्पॉट) के रूप में चिह्नित किया गया था। इस अभियान के दौरान पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से एक साथ 20 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। सुरक्षा बलों की इस अचानक की गई कार्रवाई से तस्करों को संभलने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि इस समन्वित अभियान के दौरान ड्रग्स की तस्करी और वितरण में संलिप्त होने के संदेह में 13 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए इन लोगों से इस अवैध व्यापार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
अनंतनाग पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के इस काले कारोबार के खिलाफ उनकी कार्रवाई पूरी तरह से शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति पर आधारित है। पुलिस का प्राथमिक लक्ष्य केवल छोटे ड्रग तस्करों को पकड़ना नहीं है, बल्कि इस पूरे नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचना और राज्य में होने वाली नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को उसके मुख्य स्रोत पर ही पूरी तरह समाप्त करना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की औचक और खुफिया सूचनाओं पर आधारित बड़ी कार्रवाइयां आने वाले दिनों में और तेज की जाएंगी। प्रशासन का संकल्प है कि पूरे अनंतनाग जिले को नशामुक्त बनाया जाए और समाज के युवाओं को इस गंभीर सामाजिक बुराई के चंगुल से बाहर निकाला जाए।
NCB ने किया दो बड़े तस्करी मार्गों का भंडाफोड़
अनंतनाग में स्थानीय पुलिस की इस कार्रवाई के साथ ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जम्मू क्षेत्रीय इकाई ने भी एक समानांतर और बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। NCB ने जम्मू-कश्मीर में हेरोइन की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दो बेहद सक्रिय नेटवर्क और उनके मार्गों का पर्दाफाश किया है। इससे पहले 5 सितंबर को NCB ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू संभाग के चार अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर छापेमारी की थी। इस अभियान और इसके बाद पंजाब में की गई एक सहयोगी कार्रवाई के परिणामस्वरूप सुरक्षा बलों ने कुल 6.920 किलोग्राम हेरोइन जब्त करने में सफलता हासिल की थी। इस बड़ी जब्ती से तस्करों के अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क को करारा झटका लगा है।
पाकिस्तान और पंजाब से जुड़े थे तस्करी के तार
NCB द्वारा की गई सघन जांच के दौरान हेरोइन की आपूर्ति के लिए उपयोग किए जा रहे दो मुख्य मार्गों का विवरण सामने आया है। जांचकर्ताओं को पता चला कि पहला मुख्य मार्ग सीमा पार पाकिस्तान से शुरू होकर सीधे उरी सेक्टर के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचता था। वहीं, दूसरा मार्ग पंजाब के रास्ते अप्रत्यक्ष रूप से काम कर रहा था, जिसके जरिए देश के अन्य हिस्सों से नशे की बड़ी खेप जम्मू-कश्मीर में पहुंचाई जा रही थी। NCB के अधिकारियों ने बताया कि इन ऑपरेशनों को मुख्य रूप से जम्मू-सांबा बेल्ट के उन रिहायशी इलाकों और बस्तियों में अंजाम दिया गया, जो सुरक्षा एजेंसियों की सूची में ड्रग्स से अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों के रूप में दर्ज थे।
सांबा और लुधियाना से हेरोइन की बरामदगी
इस सिलसिले में NCB ने अपनी सबसे नवीनतम कार्रवाई 3 सितंबर को अंजाम दी थी, जब अधिकारियों को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने सांबा के न्यू बस स्टैंड के पास एक संदिग्ध यात्री बस को रोका। बस की सघन तलाशी के दौरान पुलवामा जिले के काकापोरा के रहने वाले एक यात्री के पास से 522 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की गई। इसके बाद जब आरोपी से पुलिस हिरासत में पूछताछ की गई, तो इस तस्करी नेटवर्क का कनेक्शन पंजाब के लुधियाना शहर से जुड़ा हुआ पाया गया। इसके बाद एक त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम लुधियाना भेजी गई, जहां की गई छापेमारी में 197 ग्राम अतिरिक्त हेरोइन बरामद हुई। इस प्रकार सांबा-लुधियाना से जुड़े इस पूरे ऑपरेशन के तहत अब तक कुल 719 ग्राम हेरोइन जब्त की जा चुकी है, और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य तस्करों की पहचान के लिए जांच निरंतर जारी है।



















