जम्मू-कश्मीर में रविवार, 19 जुलाई 2026 को तड़के हुई तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई. पुंछ जिले में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने कम से कम 10 जिंदगियां छीन लीं, और कई लोग अब भी लापता हैं. इसी दौरान किश्तवाड़ में बादल फटने से भी बड़ा नुकसान हुआ, जबकि राजौरी में भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए.
पुंछ की सुरनकोट तहसील सबसे ज्यादा प्रभावित
अधिकारियों के मुताबिक, पुंछ में हुई सभी मौतें सुरनकोट तहसील में दर्ज की गई हैं, जो बारिश से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाका है. मौके पर पहुंची राहत और बचाव टीमें फंसे लोगों को बाहर निकालने, खतरे वाले इलाकों को खाली कराने और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के काम में जुटी हैं.
नूनाबंदी में मकान गिरा, चार लोग घायल
पुंछ के नूनाबंदी गांव में मकान ढहने से 28 साल की नाजिया कौसर की जान चली गई. इस हादसे में उनके पति मोहम्मद हफीज सहित दो से छह साल के तीन बच्चे भी घायल हुए, जिन्हें मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया.
लोअर मुर्रा में भूस्खलन, छह लोग लापता
लोअर मुर्रा इलाके में भूस्खलन के चलते एक व्यक्ति मकान के मलबे में दब गया. इसी इलाके में मकान मालिक मोहम्मद लतीफ समेत परिवार के छह सदस्य लापता हैं, जिनकी खोज के लिए बचाव दल जुटा हुआ है.
मरहोट और धुंदक लाथूंग में भी जानें गईं
मरहोट इलाके में इरम नाम की एक नाबालिग लड़की उफनते नाले की चपेट में आकर बह गई. इसके अलावा धुंदक लाथूंग पुल के करीब बहने वाले एक नाले से किसी अज्ञात महिला का पार्थिव शरीर मिला है, जिसकी शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है.
किश्तवाड़ में बादल फटा, राजौरी में भी अलर्ट
किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना से भी व्यापक नुकसान हुआ है और कई घरों को क्षति पहुंची है. दूसरी ओर राजौरी में भारी से बहुत भारी बारिश के कारण स्थिति बिगड़ी हुई है. प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की अपील की है.




















