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पहलगाम में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, सड़कों पर भरा पानी और बादल फटने का मंडराया खतराजम्मू-कश्मीर
1 सित॰ 2026, 11:04 pm (1 घंटे पहले)· 3

पहलगाम में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, सड़कों पर भरा पानी और बादल फटने का मंडराया खतरा

दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में भारी बारिश से लिद्दर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान घाटी में बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।

दक्षिण कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटक स्थल पहलगाम में पिछले कुछ घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश की वजह से स्थिति काफी गंभीर हो गई है। लगातार हो रही भारी बरसात के कारण क्षेत्र की प्रमुख लिद्दर नदी का जलस्तर अचानक बहुत अधिक बढ़ गया है, जिससे इस सुंदर पर्यटन स्थल पर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बढ़ते हुए पानी ने शहर के कई मुख्य मार्गों और सड़कों के हिस्सों को पूरी तरह से डुबो दिया है। सड़कों पर जलभराव होने की वजह से वाहनों की आवाजाही बुरी तरह से बाधित हुई है और इस इलाके में गाड़ी चलाना मोटर चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।

सड़कों पर फैला पानी और जनजीवन पर असर

स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, लिद्दर नदी का पानी खतरे के निशान के करीब बहते हुए मुख्य रास्तों पर फैल गया है। पानी के सड़क पर आ जाने के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है और आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने पर्यटकों और वाहन चालकों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की सख्त हिदायत दी है। हालांकि, जलस्तर में इस चिंताजनक बढ़ोतरी और सड़कों के जलमग्न होने के बावजूद राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या बड़े ढांचागत नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।

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पड़ोसी जिलों में भी बिगड़े हालात

भारी बारिश का यह प्रकोप केवल पहलगाम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पड़ोसी जिलों कुलगाम और शोपियां में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। इन इलाकों में लगातार हो रही बरसात ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में रोजमर्रा की गतिविधियां थम सी गई हैं और लोगों की आवाजाही पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। स्थानीय लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं और कामकाज भी काफी हद तक प्रभावित हुआ है।

बादल फटने और भूस्खलन का नया अलर्ट

खराब मौसम के बीच स्थानीय मौसम विभाग ने एक और गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले चौबीस घंटों के दौरान कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही मडस्लाइड यानी कीचड़ खिसकने, लैंडस्लाइड यानी भूस्खलन होने और बादल फटने का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ गया है। इन हालातों को देखते हुए प्रशासन ने घाटी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की अपील और आपातकालीन तैयारियां

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और बाहर से आए यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। विशेष तौर पर निचले इलाकों या पहाड़ी ढलानों के पास बसने वाले लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने को कहा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारों और खतरनाक ढलानों के आसपास जाने से बचें और अनावश्यक यात्रा न करें। इसके अलावा, अधिकारियों और सुरक्षा बलों की आपातकालीन टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके।

आपात स्थिति के लिए संपर्क नंबर जारी

अधिकारियों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के इस दौर में अपने साथ हमेशा आपातकालीन संपर्क नंबर रखें। चूंकि मौसम का खतरनाक असर अभी भी पूरे इलाके पर बना हुआ है, इसलिए किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत मदद प्राप्त करने के लिए इन नंबरों का उपयोग किया जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी की जाने वाली सलाह का पूरी सख्ती के साथ पालन करें।

सवाल-जवाब

पहलगाम में बाढ़ जैसे हालात क्यों पैदा हुए?
पिछले कुछ घंटों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण लिद्दर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया जिससे यह स्थिति बनी।
कौन सी नदी का जलस्तर बढ़ा है?
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में बहने वाली लिद्दर नदी का जलस्तर बढ़ा है।
क्या इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर है?
अब तक किसी के भी हताहत होने या बड़े पैमाने पर ढांचागत नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
पहलगाम के अलावा किन जिलों में असर देखा गया है?
पहलगाम के पड़ोसी जिलों कुलगाम और शोपियां में भी भारी बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है?
मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान भारी बारिश के साथ भूस्खलन, कीचड़ खिसकने और बादल फटने की चेतावनी दी है।
अधिकारियों ने पर्यटकों और नागरिकों को क्या सलाह दी है?
अधिकारियों ने नदी के किनारों और खतरनाक ढलानों के पास जाने से बचने तथा आपातकालीन संपर्क नंबर अपने पास रखने की सलाह दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·29 मिनट पहले

पहलगाम और आसपास के जिलों में लिद्दर नदी के उफान और बादल फटने के इस खतरे ने पर्वतीय क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा जारी हाई अलर्ट और लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यह आवश्यक है कि निचले इलाकों से पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसी भी संभावित बड़े भूस्खलन या बाढ़ की स्थिति में जानमाल के नुकसान को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·29 मिनट पहले

पहलगाम और पड़ोसी जिलों में प्रशासन के हाई अलर्ट और मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच, आपातकालीन टीमों की मैदानी तैनाती और त्वरित प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होगी। चूंकि भूस्खलन और बादल फटने का खतरा बना हुआ है, इसलिए संवेदनशील पहाड़ी ढलानों और नदी के किनारों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के साथ-साथ संचार प्रणालियों को चालू रखना जरूरी है ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में कोई देरी न हो।

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