जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा में तैनात विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में सक्रिय चार मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ा हुआ है। खुफिया एजेंसियों से सुरक्षा बलों को यह पक्की जानकारी मिली है कि ये चारों आतंकी घाटी में ही कहीं छिपे हुए हैं और किसी बड़े हमले को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस गंभीर खतरे को देखते हुए पूरे कश्मीर क्षेत्र में तैनात जवानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और इन आतंकियों की तस्वीरें हर सुरक्षा चौकी तथा सार्वजनिक स्थानों पर लगा दी गई हैं।
सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
घाटी में अमन-चैन बनाए रखने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के साथ-साथ अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों, कस्बों और आसपास के घने जंगलों में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र की शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और इन आतंकियों को पकड़ने के लिए सभी संभावित रास्तों की कड़ी निगरानी की जा रही है।
वांछित आतंकियों की पहचान और उनका पृष्ठभूमि विवरण
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी की गई सूची और पोस्टरों के अनुसार, जिन चार आतंकियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है, उनके नाम और पते इस प्रकार हैं
- बिलाल अहमद मीर: यह आतंकवादी मूल रूप से सोपोर के ब्राथ कलां क्षेत्र का निवासी है। सुरक्षा बलों द्वारा जारी किए गए पोस्टर में इसे एक खतरनाक हथियार के साथ देखा जा सकता है।
- आबिद कयूम लोन: यह संदिग्ध बारामूला जिले के पट्टन इलाके का रहने वाला है।
- मोहम्मद लतीफ भट: इसका संबंध कुलगाम जिले से है और यह सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में शामिल है।
- मोहम्मद उमर मीर: यह आतंकवादी भी सोपोर का रहने वाला है और घाटी में कई गतिविधियों में शामिल रहा है।
जनता से सूचना देने की अपील और ईनाम की घोषणा
सुरक्षा बलों ने पूरी घाटी में चस्पा किए गए पोस्टरों के जरिए स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपील की है। हालांकि, इन पोस्टरों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है कि ये चारों किस विशिष्ट आतंकवादी संगठन से जुड़े हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति इन वांछितों की मौजूदगी, आवाजाही या उनके ठिकानों के बारे में कोई भी ठोस और सटीक जानकारी देगा, उसे एक बड़ा नकद ईनाम प्रदान किया जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।



















