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खराब मौसम और हाइवे बंद होने से अमरनाथ यात्रा स्थगित, जम्मू बेस कैंप में रोके गए श्रद्धालुजम्मू-कश्मीर
1 अग॰ 2026, 2:07 pm (4 दिन पहले)· 0

खराब मौसम और हाइवे बंद होने से अमरनाथ यात्रा स्थगित, जम्मू बेस कैंप में रोके गए श्रद्धालु

जम्मू कश्मीर में लगातार हो रही बारिश और 250 किलोमीटर लंबे जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण शनिवार को अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। उधमपुर और रामबन में सड़क मरम्मत का काम जारी बारिश से प्रभावित हुआ है।

जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने अमरनाथ यात्रा की रफ्तार पर एक बार फिर ब्रेक लगा दिया है। प्रतिकूल मौसम और मार्ग की बदहाली के कारण अधिकारियों ने शनिवार को जम्मू से कश्मीर घाटी की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के नए जत्थे की रवानगी स्थगित कर दी। इस फैसले की मुख्य वजह 250 किलोमीटर लंबा जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) है, जो लगातार दूसरे दिन यातायात के लिए पूरी तरह बंद रहा। सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के चलते जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप में ठहरे तीर्थयात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकी।

लधा समरोली में मरम्मत का कार्य बाधित

उधमपुर जिले के अंतर्गत आने वाले लधा समरोली क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति काफी जर्जर हो गई है। पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश की वजह से सड़क के इस हिस्से को गहरा नुकसान पहुंचा था। बीते शुक्रवार को अमरनाथ यात्रियों के काफिले के सुरक्षित निकल जाने के तुरंत बाद प्रशासन ने NH-44 पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी ताकि युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य पूरा किया जा सके। हालांकि, उसके बाद हुई दोबारा बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।

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मार्ग पर भारी मात्रा में कीचड़ और मलबे के जमा हो जाने से सतह अत्यंत फिसलन भरी हो चुकी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा उधमपुर और रामबन जिलों के कई इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा जारी है। इस लगातार होती बारिश के कारण भारी मशीनों और राहत कर्मियों को सड़क साफ करने तथा समतल करने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि NH-44 कश्मीर घाटी को भारत के शेष राज्यों से जोड़ने वाली एकमात्र मुख्य बारहमासी सड़क है, इसलिए इसके बंद होने का सीधा असर पूरी यात्रा व्यवस्था पर पड़ता है।

श्राइन बोर्ड का प्रशासनिक निर्णय और सुविधाएं

मौसम की अनिश्चितता और श्रद्धालुओं की संख्या में आई कमी को ध्यान में रखते हुए श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) ने अपनी प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया है। बोर्ड ने यात्रा से जुड़े पंजीकरण और टोकन वितरण काउंटरों को तवी रिवरफ्रंट से हटाकर सीधे भगवती नगर बेस कैंप में स्थानांतरित कर दिया है।

इससे पहले तवी रिवरफ्रंट पर एक केंद्रीकृत केंद्र स्थापित किया गया था, जहां तीर्थयात्रियों के लिए ऑफलाइन पंजीकरण, टोकन वितरण, ई-केवाईसी सत्यापन और आरएफआईडी कार्ड जारी करने की एकीकृत सुविधा उपलब्ध थी। अब इन सभी सेवाओं को भगवती नगर में ही समेकित कर दिया गया है, ताकि बेस कैंप में ठहरे श्रद्धालुओं को किसी अन्य स्थान पर भटकना न पड़े और प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।

दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा और पिछला अनुभव

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ 3 जुलाई को हुआ था। कठिन परिस्थितियों और प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद अब तक लगभग 4.5 लाख श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र गुफा में मत्था टेक चुके हैं। दुर्गम पहाड़ियों के बीच प्राकृतिक रूप से निर्मित बर्फ का शिवलिंग करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र है।

मौजूदा यात्रा सत्र में यह पहली बार नहीं है जब मौसम ने खलल डाला हो। इससे पहले भी मूसलाधार बारिश और कई स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण यात्रा को स्थगित करना पड़ा था। उस समय सड़कों और पैदल मार्गों को साफ करने में लगभग छह दिन का समय लगा था, जिसके बाद ही यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही बहाल की जा सकी थी।

मौसम और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगी रवानगी

वार्षिक अमरनाथ यात्रा का औपचारिक समापन 28 अगस्त को होगा, जिस दिन रक्षाबंधन का पावन पर्व भी है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक उधमपुर और रामबन क्षेत्र में राजमार्ग से मलबा हटाकर उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता और मौसम विभाग से साफ मौसम का संकेत नहीं मिलता, तब तक नए जत्थों की आवाजाही स्थगित ही रहेगी। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और स्थिति सामान्य होते ही यात्रा पुनः शुरू की जाएगी।

सवाल-जवाब

अमरनाथ यात्रा क्यों रोक दी गई है?
खराब मौसम, लगातार हो रही बारिश और 250 किलोमीटर लंबे जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) के बंद होने के कारण यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है।
रजिस्ट्रेशन और टोकन काउंटर कहां शिफ्ट किए गए हैं?
श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने तवी रिवरफ्रंट से रजिस्ट्रेशन, टोकन वितरण, ई-केवाईसी और आरएफआईडी कार्ड जारी करने वाले काउंटरों को भगवती नगर बेस कैंप में शिफ्ट कर दिया है।
अमरनाथ यात्रा कब समाप्त होगी?
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा।
अब तक कितने श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं?
3 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में अब तक लगभग 4.5 लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा में स्थित प्राकृतिक बर्फ के शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं।
जम्मू श्रीनगर हाईवे कहां क्षतिग्रस्त हुआ है?
उधमपुर जिले के लधा समरोली इलाके में बारिश के कारण हाईवे को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसकी मरम्मत का काम जारी बारिश की वजह से प्रभावित हो रहा है।
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