नगालैंड में प्राकृतिक आपदा के कारण एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क पूरी तरह से बाधित हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से चांगतोंगया-लोंगलेंग मार्ग यानी राष्ट्रीय राजमार्ग 702 (NH-702) के एक बड़े हिस्से पर भीषण भूस्खलन हुआ है। इस प्राकृतिक संकट के चलते स्थानीय प्रशासन को यातायात के रूट में बदलाव करना पड़ा है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आम लोगों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए हल्के वाहनों को क्षतिग्रस्त हिस्से से न गुजरने और एक वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने का निर्देश दिया है।
प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण और नुकसान का आकलन
राजमार्ग को पहुंचे नुकसान की गंभीरता को परखने के लिए एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक दल ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। लोंगलेंग के जिला उपायुक्त (DC) डब्लू मनपई फोम के नेतृत्व में DDMA के अधिकारियों ने मंगलवार को प्रभावित सड़क का जमीनी सत्यापन किया। इस दौरान मोकोकचुंग जिला प्रशासन के अधिकारी भी उनके साथ मौजूद थे, जिसमें चांगतोंगया के उप-विभागीय अधिकारी (SDO) सिविल भी शामिल थे। इस संयुक्त दौरे का उद्देश्य सड़क की मरम्मत के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करना और स्थानीय स्तर पर आ रही बाधाओं को दूर करना था।
यह भारी नुकसान राजमार्ग के चेनेज 5+785 और 6+050 के बीच वाले हिस्से में हुआ है। बीते 11 सितंबर की रात को हुई मूसलाधार बारिश के बाद सड़क का यह हिस्सा पूरी तरह टूट गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में गिरे मलबे और कीचड़ ने इस महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग को पूरी तरह से रोक दिया, जिससे इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों के पहिये थम गए।
राजमार्ग का महत्व और बहाली कार्य में चुनौतियां
चांगतोंगया-लोंगलेंग सड़क केवल एक साधारण रास्ता नहीं है, बल्कि यह लोंगलेंग जिले के लिए एक जीवनरेखा की तरह काम करती है। यह सड़क जिला मुख्यालय को नगालैंड के अन्य हिस्सों से जोड़ती है और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तथा दैनिक यात्रियों के लिए बेहद जरूरी है।
इस संकट से निपटने के लिए नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) और उनकी कार्यवाहक निर्माण एजेंसी नितिन साई कंस्ट्रक्शन ने मिलकर मलबे को हटाने का काम तुरंत शुरू कर दिया था। यह बहाली कार्य बीते 12 सितंबर से लगातार जारी है। हालांकि, काम में लगे कर्मियों को मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। इस इलाके में लगातार हो रही मानसूनी बारिश और बार-बार हो रहे नए भूस्खलन व कीचड़ के बहाव के कारण मलबे को साफ करने के काम में भारी बाधा आ रही है और सड़क को दोबारा खोलने में देरी हो रही है।
वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था और भारी वाहनों पर प्रतिबंध
स्थिति को देखते हुए मोकोकचुंग जिला प्रशासन भी प्रभावित स्थल पर स्थानीय समस्याओं को सुलझाने के लिए पूरा सहयोग दे रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए DDMA ने एक यात्रा परामर्श जारी किया है, जिसके तहत हल्के वाहनों को तन्घा-कांगचिंग-मेरांगकोंग मार्ग से होकर जाने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन द्वारा इस वैकल्पिक मार्ग की देखरेख की जा रही है ताकि छोटे वाहनों का आवागमन बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
यह नई आपदा ऐसे समय में आई है जब यह पूरा क्षेत्र पहले से ही प्राकृतिक मार से उबरने की कोशिश कर रहा था। इस जिले में गत 19 जुलाई से ही लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में अभी भी मरम्मत का काम चल रहा है, ऐसे में इस ताजा भूस्खलन ने राहत और बचाव कार्यों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।
इसके साथ ही, क्षतिग्रस्त सड़क पर 12 सितंबर से ही भारी वाहनों के चलने पर पूरी तरह रोक लगी हुई है। लंबे समय से बड़े वाहनों पर लगी इस पाबंदी के कारण लोंगलेंग जिले में ईंधन, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामानों की किल्लत होने का खतरा पैदा हो गया है, क्योंकि तेल के टैंकर और बड़े ट्रक इस मार्ग से नहीं गुजर पा रहे हैं। DDMA ने स्थानीय जनता से अपील की है कि वे बेहद सावधानी बरतें, प्रभावित क्षेत्रों में गैर-जरूरी यात्रा करने से बचें और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों का पालन करें।



















