राजस्थान की राजधानी जयपुर के सिरसी रोड स्थित एक बहुमंजिला अपार्टमेंट में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। छत पर कपड़े सुखाने की बात को लेकर शुरू हुआ झगड़ा देखते ही देखते मारपीट में बदल गया, जहां पड़ोसी पति-पत्नी ने असम मूल की एक महिला पर हमला कर दिया। यह पूरी वारदात इमारत में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है।
लिफ्ट रोककर तीन साल के बच्चे के सामने की गई मारपीट
पीड़िता रश्मि शिखा सरमा अपने पति और तीन साल के मासूम बच्चे के साथ इसी अपार्टमेंट परिसर में निवास करती हैं। घटना वाले दिन अपार्टमेंट की साझी छत पर कपड़े सुखाने को लेकर रश्मि और उनके पड़ोस में रहने वाले दंपति के बीच तीखी बहस हो गई थी। बात इतनी बढ़ गई कि जब पीड़िता वहां से नीचे जाने के लिए लिफ्ट में दाखिल होने लगी, तो पड़ोसी अभिनव जैन ने जबरन लिफ्ट का दरवाजा रोक लिया ताकि वह बाहर न निकल सकें।
इसके तुरंत बाद अभिनव की पत्नी सोमा जैन ने पीड़िता पर हमला बोल दिया। सुरक्षा कैमरों की फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी महिला ने रश्मि के बाल बेरहमी से पकड़ रखे हैं और वह उनके साथ मारपीट कर रही है। सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जिस वक्त यह हमला हो रहा था, पीड़िता का तीन साल का बच्चा वहीं लिफ्ट के पास मौजूद था और अपनी मां के साथ हो रही इस हिंसा को बेबस होकर देख रहा था।
बिंदायका थाना पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
वारदात के फौरन बाद पीड़िता ने स्थानीय बिंदायका थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली। शुरुआती जांच और मौके के हालात को देखते हुए पुलिस ने आरोपी पति अभिनव जैन को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मारपीट करने की मुख्य आरोपी सोमा जैन के खिलाफ दर्ज आरोपों की गहन पड़ताल की जा रही है।
असम एसोसिएशन ने उठाए नस्लभेदी टिप्पणियों के गंभीर सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद असम एसोसिएशन ने भी कड़ा संज्ञान लिया है और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि हमलावर दंपति ने केवल शारीरिक हिंसा ही नहीं की, बल्कि पीड़िता के खिलाफ नस्लभेदी और बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। एसोसिएशन का कहना है कि किसी भी नागरिक के साथ उसके मूल राज्य, क्षेत्र या सांस्कृतिक पहचान को लेकर इस प्रकार का भेदभावपूर्ण व्यवहार और दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।
संगठन के प्रतिनिधियों ने जयपुर पुलिस प्रशासन से अपील की है कि वे निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करें तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएं। उधर बिंदायका थाना पुलिस का कहना है कि वे अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज, दोनों पक्षों के बयानों और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि मामले की निष्पक्ष तहकीकात पूरी की जा सके।


















