दक्षिण Kashmir के संवेदनशील जिले शोपियां में सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। संयुक्त अभियान के दौरान तीन ऐसे लोगों को पकड़ा गया है जो प्रतिबंधित संगठन Hizbul Mujahideen के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे थे और उसका प्रचार फैला रहे थे। इन्हें ओवर ग्राउंड वर्कर यानी OGW कहते हैं। इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
OGW वो लोग होते हैं जो खुद हथियार नहीं उठाते, लेकिन आतंकी नेटवर्क के लिए बेहद जरूरी काम करते हैं। ये खुफिया जानकारी पहुंचाते हैं, आतंकियों की आवाजाही में सहूलियत देते हैं और संगठन के लिए स्थानीय माहौल तैयार करते हैं। सुरक्षाबलों ने हाल के वर्षों में ऐसे नेटवर्क को तोड़ने पर खास ध्यान देना शुरू किया है, क्योंकि यह नेटवर्क आतंकवाद की रीढ़ माना जाता है।
ग्रेनेड और Hizbul Mujahideen के पोस्टर बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से तलाशी के दौरान एक ग्रेनेड और Hizbul Mujahideen से जुड़े प्रचार पोस्टर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन पोस्टरों का इस्तेमाल इलाके के युवाओं को संगठन की तरफ आकर्षित करने के लिए किया जा रहा था। बरामद सामग्री को आगे की जांच के लिए भेज दिया गया है और तीनों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि ये तीनों आरोपी इलाके में सक्रिय आतंकियों को कई तरह से मदद करते थे। इसमें सूचनाएं पहुंचाना, आतंकियों की आवाजाही में मदद करना और प्रचार सामग्री बांटना शामिल है। पूरे नेटवर्क की विस्तृत तस्वीर जांच पूरी होने पर सामने आएगी।
Pakistan के नेटवर्क से कनेक्शन की भी होगी जांच
जांच एजेंसियां अब यह पता करने में जुटी हैं कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों के संपर्क किन आतंकियों और हैंडलर्स से थे। जांच का एक अहम पहलू यह है कि क्या इनका सीधा जुड़ाव Pakistan में बैठे आतंकी नेटवर्क से था। इनके मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि लगातार पूछताछ से कई अहम जानकारियां हासिल होंगी।
शोपियां क्यों रहा है हमेशा संवेदनशील?
दक्षिण Kashmir का शोपियां जिला लंबे वक्त से सुरक्षाबलों के लिए एक मुश्किल इलाका रहा है। यहां कई आतंकी संगठन पहले से पैर जमाए हुए हैं और OGW नेटवर्क के जरिए इन्हें जमीनी सहयोग मिलता रहा है। इसीलिए सुरक्षाबल यहां लगातार अभियान चलाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवाद की जड़ें कमजोर करने के लिए इन सपोर्ट नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी गिरफ्तारियां
यह कोई पहला मौका नहीं है जब शोपियां में OGW पकड़े गए हों। मई 2025 में DK Pora इलाके से दो ओवर ग्राउंड वर्कर गिरफ्तार किए गए थे। उनके पास से एक पिस्तौल, चार ग्रेनेड और बड़ी मात्रा में कारतूस मिले थे। उस कार्रवाई को भी सुरक्षाबलों की बड़ी उपलब्धि माना गया था।
अगस्त 2025 में सुरक्षा एजेंसियों ने Hizbul Mujahideen के एक कथित स्लीपर सेल संचालक Altaf Hussain को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह युवाओं को संगठन में भर्ती करता था और Pakistan में बैठे हैंडलर्स से लगातार संपर्क में रहता था। इसके बाद मई 2026 में पड़ोसी जिले Pulwama से OGW Umar Malik को गिरफ्तार किया गया। इन लगातार कार्रवाइयों ने घाटी के आतंकी नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने का काम किया है।













